{"_id":"5f551f778ebc3e6160214f3b","slug":"nodal-officer-wife-son-positive-rewari-news-rtk572333588","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड-19 नोडल अधिकारी सहित पत्नी व बेटा संक्रमित, मौत का ऑडिट करने वाले चिकित्सक भी हुए पॉजिटिव, 62 वर्षीय संक्रमित महिला की मौ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड-19 नोडल अधिकारी सहित पत्नी व बेटा संक्रमित, मौत का ऑडिट करने वाले चिकित्सक भी हुए पॉजिटिव, 62 वर्षीय संक्रमित महिला की मौ
विज्ञापन
जिला कोविड-19 नोडल अधिकारी सहित उनकी पत्नी व बेटा के अलावा नागरिक अस्पताल में संक्रमितों की मौत के बाद ऑडिट करने वाले चिकित्सक भी पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं रविवार को शहर के झज्जर चौक निवासी 62 वर्षीय एक कोरोना संक्रमित बुजुर्ग महिला की मौत के बाद मरने वालों आंकड़ा 26 पर पहुंच गया है। पहले से ही बीमार बुजुुर्ग महिला का 4 सितंबर को कोविड सैंपल लिया गया था, शनिवार को महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। रविवार को मौत के बाद महिला का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। वहीं टांकड़ी पीचएसी में एक स्वास्थ्यकर्मी के पॉजिटिव मिलने के बाद पीएचसी सोमवार को भी बंद रहेगी, ओपीडी व डिलीवरी बावल सीएचसी केंद्र में होंगी। बता दें कि शनिवार को जिला में 14 कोरोना संक्रमितों के साथ आंकड़ा 3898 पर पहुंच गया है।
हर रोज 1000 सैंपल, टारगेट 1500 का
स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिला में औसतन प्रत्येक दिन 1000 सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन जिला में औसतन सैंपल लेने का टारगेटर 1500 रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 48636 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 3898 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 3400 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 473 एक्टिव केस रह गए हैं तथा 44355 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 383 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिलेभर में 28 नागरिक क्वारंटीन किए गए हैं, जो विदेश व देश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं। 29 विभिन्न अस्पतालों में व 59 जिला कोविड केयर सेंटर में एडमिट हैं, जबकि 385 मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं।
14 में शहर में मिले 13 संक्रमित
सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल हेल्थ बुलेटिन के अनुसार रविवार को जिले से संबंधित 14 नए कॉविड पॉजिटिव केस आए हैं, जिनमें से 13 रेवाड़ी शहर व एक सुधराना से संबंधित हैं। 57 कॉविड पॉजिटिव नागरिक ठीक हुए हैं, जिनमें से 18 रेवाड़ी शहर, 12 धारूहेड़ा, 6 खरखड़ा, 4 मसानी, 3 कुंभावास, 2-2 भाड़ावास व बिहारीपुर तथा एक-एक बावल, बड़ौली, करनावास, खेड़ा आलमपुर, लिसाना, नांगलिया रणमोख, निगानियावास, गोकलगढ़, गुरावड़ा व उष्मापुर से संबंधित हैं।
विज्ञापन
50 साल से ऊपर सभी का होगा कोरोना टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब पांच दिन पहले ही नगर परिषद रेवाड़ी में बाजार एसोसिएशन प्रधानों के साथ बैठक की गई थी, इसमें सभी व्यापारियों के कोविड टेस्ट कराने पर सहमति बनी थी। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की अलग-अगल दिन बाजार में जाकर व्यापारियों के टेस्ट करेगी। वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला में सभी 50 वर्ष से ऊपर के लोगों के टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इसी के साथ ऐसे लोगों के भी कोरोना टेस्ट किए जाएंगे जो पहलेे से किसी बीमारी से पीड़ित हैं।
संक्रमित होने के बाद भी बाहर घूमने वालों ने बढ़ाई चिंता
संक्रमित लोगों को घर पर ही आइसोलेट कर दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही है किं संक्रमित लोग घर से बाहर घूमते रहते हैं। जबकि ऐसा करना अपराध ही नहीं समाज के लिए भी खतरा है। कोविड-19 सहायक नोडल अधिकारी की माने तो जब तक लोग इस तरह की लापरवाही बंद नहीं करेंगे संक्रमण की चेन नहीं टूटेगी। होना ये चाहिए कि सैंपल देने के बाद ही व्यक्ति खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।
कोरोना से बचा सकता है एसएमएस का फार्मूला : डॉ. अशोक
कोविड-19 सहायक नोडल अधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि एसएमएस के फार्मूले को अपनाकर काफी हद तक कोरोना से बचा जा सकता है। एस से सॉप(साबुन), एम फॉर मास्क व एस फॉर सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से कोरोना से बचा जा सकता है। इसके अलावा हाथ साबुन से धाने के लिए कम से कम 40 सेकेंड जरूरी हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि संक्रमितों के बाहर घूमने की शिकायतें मिल रही हैं, जो चिंता का विषय है। लोगों को समझना होगी कि इस तरह की हरकतों से बचें। उन्होंने बताया कि रविवार को भी एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई है, ऑडिट होना अभी बाकी है।
विज्ञापन
हर रोज 1000 सैंपल, टारगेट 1500 का
स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिला में औसतन प्रत्येक दिन 1000 सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन जिला में औसतन सैंपल लेने का टारगेटर 1500 रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 48636 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 3898 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 3400 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 473 एक्टिव केस रह गए हैं तथा 44355 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 383 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिलेभर में 28 नागरिक क्वारंटीन किए गए हैं, जो विदेश व देश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं। 29 विभिन्न अस्पतालों में व 59 जिला कोविड केयर सेंटर में एडमिट हैं, जबकि 385 मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं।
विज्ञापन
14 में शहर में मिले 13 संक्रमित
सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल हेल्थ बुलेटिन के अनुसार रविवार को जिले से संबंधित 14 नए कॉविड पॉजिटिव केस आए हैं, जिनमें से 13 रेवाड़ी शहर व एक सुधराना से संबंधित हैं। 57 कॉविड पॉजिटिव नागरिक ठीक हुए हैं, जिनमें से 18 रेवाड़ी शहर, 12 धारूहेड़ा, 6 खरखड़ा, 4 मसानी, 3 कुंभावास, 2-2 भाड़ावास व बिहारीपुर तथा एक-एक बावल, बड़ौली, करनावास, खेड़ा आलमपुर, लिसाना, नांगलिया रणमोख, निगानियावास, गोकलगढ़, गुरावड़ा व उष्मापुर से संबंधित हैं।
विज्ञापन
50 साल से ऊपर सभी का होगा कोरोना टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब पांच दिन पहले ही नगर परिषद रेवाड़ी में बाजार एसोसिएशन प्रधानों के साथ बैठक की गई थी, इसमें सभी व्यापारियों के कोविड टेस्ट कराने पर सहमति बनी थी। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की अलग-अगल दिन बाजार में जाकर व्यापारियों के टेस्ट करेगी। वहीं अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला में सभी 50 वर्ष से ऊपर के लोगों के टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इसी के साथ ऐसे लोगों के भी कोरोना टेस्ट किए जाएंगे जो पहलेे से किसी बीमारी से पीड़ित हैं।
संक्रमित होने के बाद भी बाहर घूमने वालों ने बढ़ाई चिंता
संक्रमित लोगों को घर पर ही आइसोलेट कर दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही है किं संक्रमित लोग घर से बाहर घूमते रहते हैं। जबकि ऐसा करना अपराध ही नहीं समाज के लिए भी खतरा है। कोविड-19 सहायक नोडल अधिकारी की माने तो जब तक लोग इस तरह की लापरवाही बंद नहीं करेंगे संक्रमण की चेन नहीं टूटेगी। होना ये चाहिए कि सैंपल देने के बाद ही व्यक्ति खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।
कोरोना से बचा सकता है एसएमएस का फार्मूला : डॉ. अशोक
कोविड-19 सहायक नोडल अधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि एसएमएस के फार्मूले को अपनाकर काफी हद तक कोरोना से बचा जा सकता है। एस से सॉप(साबुन), एम फॉर मास्क व एस फॉर सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से कोरोना से बचा जा सकता है। इसके अलावा हाथ साबुन से धाने के लिए कम से कम 40 सेकेंड जरूरी हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि संक्रमितों के बाहर घूमने की शिकायतें मिल रही हैं, जो चिंता का विषय है। लोगों को समझना होगी कि इस तरह की हरकतों से बचें। उन्होंने बताया कि रविवार को भी एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई है, ऑडिट होना अभी बाकी है।