{"_id":"6071ec348ebc3e8ccc4c629e","slug":"no-work-done-by-quitting-pen-now-we-will-go-on-hunger-strike-rewari-news-rtk603873827","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलम छोड़ने से नहीं बनी बात, मंगलवार से कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलम छोड़ने से नहीं बनी बात, मंगलवार से कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे शुरू
विज्ञापन
आईजीयू, रेवाड़ी।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर के गैर शिक्षण कर्मचारी प्रमोशन सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इससे पहले ये कर्मचारी शनिवार को हड़ताल रहकर विरोध जता चुके हैं। लेकिन बात नहीं बनती देख उन्होंने अब विवि प्रशासन को पत्र लिखकर भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों की ओर से वीसी को लिखे पत्र में कहा गया है कि कई बार गैर शिक्षण कर्मचारी मांगों को लेकर विवि प्रशासन से मिल चुके हैं। इतना ही नहीं उनके द्वारा विरोध भी जताया जा चुका है, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई समाधान नहीं हुआ है। विवि प्रशासन योग्यता रखने वाले क्लर्कों का सहायक के पदों पर प्रमोशन करने की बजाय सीधे भर्ती कर रहा है। आरोप है कि अन्य विवि के नियमों को दरकिनार कर भर्ती की जा रही है, जबकि सहायक पद 100 प्रतिशत प्रमोशनल होते हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
2015 में बनाए गए पदोन्नति नियमों को वापस लेकर योग्य कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाए। आईजीयू की प्रथम कार्यकारिणी की बैठक में अपनाए गए नियमों को एमडीयू की तरह ही लागू किया जाए। विवि प्रशासन की ओर से सहायक व अधीक्षक की भर्ती प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से रोकी जाए। पदोन्नत किए गए सुरेंद्र सिंह को दोबारा एसडीई लगाया जाए। लिपिक अनिल कुमार के तीन वार्षिक वृद्धि को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। पदोन्नत कर्मचारियों का लंबे समय से वेतन लंबित है, उसे निर्धारित किया जाए। लिपिक तरुण कुमार की सेवाओं को बहाल किया जाए व किसी भी गैर शिक्षण कर्मचारी को बेवजह परेशान न किया जाए।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान, गैर शिक्षण कर्मचारी हनुवंत ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से लंबे समय से मांगों को पूूरा करने के लिए मांग की जाती रही है। अब विवि प्रशासन सभी नियमों को दरकिनार कर सहायक व अधीक्षकों की भर्ती कर रहा है, जो कि गलत है। शनिवार को कलम छोड़ हड़ताल में सहमति नहीं बनने पर अब केवल कर्मचारियों के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का विकल्प बचता है। ऐसे में मंगलवार से कर्मचारी भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
कर्मचारियों की ओर से वीसी को लिखे पत्र में कहा गया है कि कई बार गैर शिक्षण कर्मचारी मांगों को लेकर विवि प्रशासन से मिल चुके हैं। इतना ही नहीं उनके द्वारा विरोध भी जताया जा चुका है, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई समाधान नहीं हुआ है। विवि प्रशासन योग्यता रखने वाले क्लर्कों का सहायक के पदों पर प्रमोशन करने की बजाय सीधे भर्ती कर रहा है। आरोप है कि अन्य विवि के नियमों को दरकिनार कर भर्ती की जा रही है, जबकि सहायक पद 100 प्रतिशत प्रमोशनल होते हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
2015 में बनाए गए पदोन्नति नियमों को वापस लेकर योग्य कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाए। आईजीयू की प्रथम कार्यकारिणी की बैठक में अपनाए गए नियमों को एमडीयू की तरह ही लागू किया जाए। विवि प्रशासन की ओर से सहायक व अधीक्षक की भर्ती प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से रोकी जाए। पदोन्नत किए गए सुरेंद्र सिंह को दोबारा एसडीई लगाया जाए। लिपिक अनिल कुमार के तीन वार्षिक वृद्धि को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। पदोन्नत कर्मचारियों का लंबे समय से वेतन लंबित है, उसे निर्धारित किया जाए। लिपिक तरुण कुमार की सेवाओं को बहाल किया जाए व किसी भी गैर शिक्षण कर्मचारी को बेवजह परेशान न किया जाए।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान, गैर शिक्षण कर्मचारी हनुवंत ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से लंबे समय से मांगों को पूूरा करने के लिए मांग की जाती रही है। अब विवि प्रशासन सभी नियमों को दरकिनार कर सहायक व अधीक्षकों की भर्ती कर रहा है, जो कि गलत है। शनिवार को कलम छोड़ हड़ताल में सहमति नहीं बनने पर अब केवल कर्मचारियों के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का विकल्प बचता है। ऐसे में मंगलवार से कर्मचारी भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।