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Rewari News: डंपिंग साइट पर बोर्ड लगा न डस्टबिन
Sun, 05 May 2024 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 05 May 2024 01:10 AM IST
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रेवाड़ी। पुराना कोर्ट रोड डंपिंग साइट पर फिर जमा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। पिछले दिनों शहर के डंपिंग साइट को समाप्त करने के लिए नगर आयुक्त (डीएमसी) अनुपमा अंजलि (एडीसी) ने काफी प्रयास किए। इसका फायदा भी होता दिख रहा था, लेकिन अब फिर डंपिंग साइट पर कूड़ा दिखने लगा है। इसका मुख्य कारण नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही है। डंपिंग साइट को समाप्त करने के बाद यहां डस्टबिन रखने और बोर्ड लगाने के नगर परिषद (नप) के अधिकारियों को निर्देश दिए थे, लेकिन नप के अधिकारियों ने डीएमसी के आदेशों को ही ठेंगा दिखा दिया। इस संदर्भ में डीएमसी, ईओ और सीएसआई से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
बता दें की लगातार 5 दिनों तक स्वच्छता अभियान चलाया गया था। इस दौरान नगर परिषद की टीम ने धारूहेड़ा चुंगी से लेकर अभय सिंह चौक तक तीन डंपिंग साइट, पायलट चौक से लेकर आंबेडकर चौक तक तीन और ब्रास मार्केट से लेकर कोर्ट रोड तक तीन डंपिंग साइट चिह्नित किए गए थे। अब सभी जगह पर कूड़े के ढेर फिर से लगने लगे हैं। सफाई करके भी कूड़ा उसी जगह पर छोड़ दिया गया था।
गौरतलब है कि नगर परिषद के अधिकारियों पर ठीक ढंग से कार्य न करने के आरोप स्थानीय स्तर पर हमेशा से लगते रहे हैं। अब डीएमसी के आदेशों का भी पालन न करना कहीं न कहीं नगर परिषद के अधिकारियों की पोल खोल रहा है। ऐसे में अब देखना होगा की डीएमसी के आदेशों की पालन न करने पर नगर परिषद के अधिकारियों पर क्या एक्शन लिया जाता है। जबकि नगर परिषद के ईओ और सीएसआई को बुलाकर डीएमसी ने मीटिंग भी ली थी और जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों को बात समझ में नहीं आई।
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इंसेट
ठेकेदार ने डस्टबिन नहीं रखे
इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह भी है कि जिस ठेकेदार को पूरे साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था, उसमें डस्टबिन रखने की भी बात कही गई थी। अब ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त होने वाला है। ठेकेदार ने डस्टबिन नहीं रखे। न ही नगर परिषद के अधिकारियों ने कभी ठेकेदार को डस्टबिन रखने के लिए कहा।
इंसेट
सिर्फ पांच दिनों तक ही चला अभियान
स्वच्छता अभियान लगातार चलाने के लिए आदेश दिए गए थे। केवल पांच दिन तक स्वच्छता अभियान चला। इन पांच दिनों में रोजाना करीब 10 सफाई कर्मचारियों ने डंपिंग साइट को समाप्त किया था। दोबारा कूड़ा एकत्र होने की वजह से सफाई कर्मचारियों की मेहनत भी बेकार हो गई। इस तरह से सफाई कर्मचारियों का भी मनोबल गिर रहा है।
वर्जन
शहर के विभिन्न डंपिंग साइट को पिछले दिनों खत्म किया गया था। दोबारा से यदि कूड़े का ढेर लगा है तो यह मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।-प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन
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बता दें की लगातार 5 दिनों तक स्वच्छता अभियान चलाया गया था। इस दौरान नगर परिषद की टीम ने धारूहेड़ा चुंगी से लेकर अभय सिंह चौक तक तीन डंपिंग साइट, पायलट चौक से लेकर आंबेडकर चौक तक तीन और ब्रास मार्केट से लेकर कोर्ट रोड तक तीन डंपिंग साइट चिह्नित किए गए थे। अब सभी जगह पर कूड़े के ढेर फिर से लगने लगे हैं। सफाई करके भी कूड़ा उसी जगह पर छोड़ दिया गया था।
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गौरतलब है कि नगर परिषद के अधिकारियों पर ठीक ढंग से कार्य न करने के आरोप स्थानीय स्तर पर हमेशा से लगते रहे हैं। अब डीएमसी के आदेशों का भी पालन न करना कहीं न कहीं नगर परिषद के अधिकारियों की पोल खोल रहा है। ऐसे में अब देखना होगा की डीएमसी के आदेशों की पालन न करने पर नगर परिषद के अधिकारियों पर क्या एक्शन लिया जाता है। जबकि नगर परिषद के ईओ और सीएसआई को बुलाकर डीएमसी ने मीटिंग भी ली थी और जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों को बात समझ में नहीं आई।
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ठेकेदार ने डस्टबिन नहीं रखे
इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह भी है कि जिस ठेकेदार को पूरे साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था, उसमें डस्टबिन रखने की भी बात कही गई थी। अब ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त होने वाला है। ठेकेदार ने डस्टबिन नहीं रखे। न ही नगर परिषद के अधिकारियों ने कभी ठेकेदार को डस्टबिन रखने के लिए कहा।
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सिर्फ पांच दिनों तक ही चला अभियान
स्वच्छता अभियान लगातार चलाने के लिए आदेश दिए गए थे। केवल पांच दिन तक स्वच्छता अभियान चला। इन पांच दिनों में रोजाना करीब 10 सफाई कर्मचारियों ने डंपिंग साइट को समाप्त किया था। दोबारा कूड़ा एकत्र होने की वजह से सफाई कर्मचारियों की मेहनत भी बेकार हो गई। इस तरह से सफाई कर्मचारियों का भी मनोबल गिर रहा है।
वर्जन
शहर के विभिन्न डंपिंग साइट को पिछले दिनों खत्म किया गया था। दोबारा से यदि कूड़े का ढेर लगा है तो यह मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।-प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन
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