{"_id":"580fa1594f1c1b944ebc2b13","slug":"nhm-staff-strike-leave-cancle-hospital-demand","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएचएमकर्मी हड़ताल पर, छुट्टियां रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएचएमकर्मी हड़ताल पर, छुट्टियां रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
मांगों का सौंपा ज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के अधीन काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्थायी स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। वहीं सीएमओ ने बुधवार को हड़ताली कर्मचारियों के नहीं आने पर इनका कांट्रेक्ट रद्द करने की चेतावनी दी है। एनएचएम कर्मियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल के चलते रेवाड़ी में भी मंगलवार को 450 में से 248 कर्मचारी रहे हड़ताल पर रहे।
नौकरी पक्की करने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले में कार्यरत करीब साढ़े चार सौ एनएचएम कर्मचारी मंगलवार को नागरिक अस्पताल में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। नागरिक अस्पताल में एनएचम के अंतर्गत 31 स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे मेें गायानी वार्ड और एसएनसीयू सहित सभी वार्डों में स्टॉफ नर्स और एएनम कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। सिविल सर्जन ने हड़ताली कर्मचारियों को काम पर नहीं लौटने पर कांट्रेक्ट रद्द करने का फरमान जारी कर दिया गया है।
------------------
अप्रशिक्षित कर्मचारियों के सहारे नौनिहाल
नागरिक अस्पताल में लगे 31 एनएचएम कर्मचारियों में से 14 गायनी एवं 10 कर्मचारी एसएनसीयू में लगे हैं। बाकी सात कर्मचारी अन्य वार्डों में कार्यरत हैं। अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि गायनी विभाग में डिलीवरी के लिए कोई ज्यादा परेशानी की बात नहीं है। लेकिन एसएनसीयू में प्रशिक्षित कर्मचारी ही काम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हड़ताल पर गए दस कर्मचारियों को विशेष तौर पर एसएनसीयू के लिए ट्रैंड किया गया है। जिन स्वास्थ्य कर्मियों की डयूटी हड़ताल के कारण एसएनसीयू में लगाई गई है,उनको इसका अनुभव नहीं हैं। ऐसे में डिलीवरी के बाद क्रिटिकल केस में नौनिहालों की जिंदगी अनट्रैंड स्टॉफ के भरोसे रहेगी।
विज्ञापन
-------------------------
एंबुलेंस कर्मचारियों ने किया हड़ताल से किनारा
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के अल्टीमेटम के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या 102 के तहत एंबुलेंस सेवा को संचालित करने की थी। 24 घंटों आपात स्थिति एवं गर्भवती महिला को अस्पताल लाने के लिए इस सेवा को जरूरी रखना जरूरी थी। लेकिन जिले में एनएचएम के तहत एंबुलेंस सेवा मे लगे 69 कर्मचारियों द्वारा हड़ताल से किनारा करने के कारण एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से चलती रही।
--------------------
पहले भी कर चुके हड़ताल
नौकरी पक्का करने एवं पक्का नहीं करने तक समान वेतन- समान काम की मांग कर रहे एनएचएम कर्मचारी पहले भी दो दिन की हड़ताल कर चुके हैं। यूनियन के संयोजक मुनेश यादव ने बताया कि सरकार को अल्टीमेटम देने के बावजूद सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही है। मजबूरी में हड़ताल पर जाने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं था। जिला प्रधान पंकज यादव ने कहा कि उनकी मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर रविंद्र यादव, संतोष एवं सुधीर सहित सैंकड़ो एनएचएम कर्मचारी धरने पर बैठे रहे।
------------------
पीएचसी-सीएचसी में भी रहा मिला-जुला असर
बावल, खोल, नाहड़ एवं कोसली सहित अन्य पीएचसी एवं सीएचसी में भी एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का मिला जुला असर रहा। यहां पर भी व्यवस्थाओं को बनाए रखने का जिम्मा स्थायी स्टॉफ पर रहा।
----------------
वर्जन-
जिले में करीब साढ़े चार सौ कर्मचारी एनएचएम के तहत लगे हुए हैं। इनमें से केवल 248 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार ने आदेश दिए हैं कि यदि हड़ताल कर्मचारी काम पर नहीं आते तो इनका कांट्रेक्ट खत्म कर दूसरी कर्मचारी भर्ती किएं जाएं। आज हड़ताली कर्मचारियों को सरकार के आदेशों से अवगत करा दिया गया है। व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए स्थायी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर ड्यूटी पर लगाया गया है। हालात सामान्य हैं। -डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
विज्ञापन
नौकरी पक्की करने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले में कार्यरत करीब साढ़े चार सौ एनएचएम कर्मचारी मंगलवार को नागरिक अस्पताल में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। नागरिक अस्पताल में एनएचम के अंतर्गत 31 स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे मेें गायानी वार्ड और एसएनसीयू सहित सभी वार्डों में स्टॉफ नर्स और एएनम कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। सिविल सर्जन ने हड़ताली कर्मचारियों को काम पर नहीं लौटने पर कांट्रेक्ट रद्द करने का फरमान जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
------------------
अप्रशिक्षित कर्मचारियों के सहारे नौनिहाल
नागरिक अस्पताल में लगे 31 एनएचएम कर्मचारियों में से 14 गायनी एवं 10 कर्मचारी एसएनसीयू में लगे हैं। बाकी सात कर्मचारी अन्य वार्डों में कार्यरत हैं। अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि गायनी विभाग में डिलीवरी के लिए कोई ज्यादा परेशानी की बात नहीं है। लेकिन एसएनसीयू में प्रशिक्षित कर्मचारी ही काम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हड़ताल पर गए दस कर्मचारियों को विशेष तौर पर एसएनसीयू के लिए ट्रैंड किया गया है। जिन स्वास्थ्य कर्मियों की डयूटी हड़ताल के कारण एसएनसीयू में लगाई गई है,उनको इसका अनुभव नहीं हैं। ऐसे में डिलीवरी के बाद क्रिटिकल केस में नौनिहालों की जिंदगी अनट्रैंड स्टॉफ के भरोसे रहेगी।
विज्ञापन
-------------------------
एंबुलेंस कर्मचारियों ने किया हड़ताल से किनारा
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के अल्टीमेटम के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या 102 के तहत एंबुलेंस सेवा को संचालित करने की थी। 24 घंटों आपात स्थिति एवं गर्भवती महिला को अस्पताल लाने के लिए इस सेवा को जरूरी रखना जरूरी थी। लेकिन जिले में एनएचएम के तहत एंबुलेंस सेवा मे लगे 69 कर्मचारियों द्वारा हड़ताल से किनारा करने के कारण एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से चलती रही।
--------------------
पहले भी कर चुके हड़ताल
नौकरी पक्का करने एवं पक्का नहीं करने तक समान वेतन- समान काम की मांग कर रहे एनएचएम कर्मचारी पहले भी दो दिन की हड़ताल कर चुके हैं। यूनियन के संयोजक मुनेश यादव ने बताया कि सरकार को अल्टीमेटम देने के बावजूद सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही है। मजबूरी में हड़ताल पर जाने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं था। जिला प्रधान पंकज यादव ने कहा कि उनकी मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर रविंद्र यादव, संतोष एवं सुधीर सहित सैंकड़ो एनएचएम कर्मचारी धरने पर बैठे रहे।
------------------
पीएचसी-सीएचसी में भी रहा मिला-जुला असर
बावल, खोल, नाहड़ एवं कोसली सहित अन्य पीएचसी एवं सीएचसी में भी एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का मिला जुला असर रहा। यहां पर भी व्यवस्थाओं को बनाए रखने का जिम्मा स्थायी स्टॉफ पर रहा।
----------------
वर्जन-
जिले में करीब साढ़े चार सौ कर्मचारी एनएचएम के तहत लगे हुए हैं। इनमें से केवल 248 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार ने आदेश दिए हैं कि यदि हड़ताल कर्मचारी काम पर नहीं आते तो इनका कांट्रेक्ट खत्म कर दूसरी कर्मचारी भर्ती किएं जाएं। आज हड़ताली कर्मचारियों को सरकार के आदेशों से अवगत करा दिया गया है। व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए स्थायी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर ड्यूटी पर लगाया गया है। हालात सामान्य हैं। -डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।