फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   NGT court orders investigation of 6 STP plants

Rewari News: एनजीटी कोर्ट ने 6 एसटीपी प्लांट की जांच के दिए आदेश

Sat, 24 Aug 2024 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 24 Aug 2024 01:57 AM IST
विज्ञापन
NGT court orders investigation of 6 STP plants
फोटो: 19रेवाड़ी। धारूहेड़ा में दिल्ली जयपुर हाईवे पर स्थित साहबी बैराज। स्रोत : ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


धारूहेड़ा (रेवाड़ी)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ ने हरियाणा राज्य और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कई स्थानों पर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के संचालन की वर्तमान स्थिति की जांच के आदेश दिए हैं। इनमें रेवाड़ी के 6 एसटीपी शामिल हैं।
14 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और डॉ. अफरोज अहमद ने पाया कि एसटीपी के बारे में कोई ताजा जानकारी उपलब्ध नहीं है। कहा कि एसटीपी प्लांट निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसके बारे में भी कोई अपडेट नहीं है। इस पर कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि वर्तमान स्थिति से अवगत करवाया जाए ताकि पता चल सके आखिर एसटीपी प्लांट नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन एसटीपी की जांच करने और एक महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। इस मामले में आवेदनकर्ता गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव ने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रखी, जबकि राज्य सरकार की ओर से विभिन्न अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विज्ञापन


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डीसी से मुआवजा वसूलने का किया था आग्रह

पिछली बार जब सुनवाई हुई थी तब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने रेवाड़ी उपायुक्त से हरियाणा भूमि राजस्व अधिनियम के तहत पांच सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पर्यावरण मुआवजा वसूलने का आग्रह किया था। पूरा प्रकरण साहबी बैराज में एसटीपी का गंदा पानी छोड़े जाने को लेकर है। दरअसल, एसटीपी का संचालन सरकारी विभागों द्वारा किया जा रहा है। धारूहेड़ा कस्बे में एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने एक शिकायत के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को एक रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार नियमों का पालन न करने के कारण पिछले साल एसटीपी पर कुल 3 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, ये जानकारी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन एसटीपी प्लांट पर लगाया था जुर्माना

एनजीटी की तरफ से 6.5 एमएलडी कालूवास रोड स्थित एसटीपी पर 56.20 लाख रुपये, 16 एमएलडी नसियाजी रोड स्थित एसटीपी पर 64.60 लाख रुपये, खरखड़ा गांव (धारूहेड़ा) के एसटीपी पर 65.10 लाख रुपये तथा 3 एमएलडी खेड़ा मुरार रोड (बावल) के लिए एसटीपी पर 63.70 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था। यह जुर्माना एसटीपी के नमूने फेल होने पर लगाया गया था। मगर यह राशि प्लाटों ने नहीं दी, जिसके बाद अब बोर्ड ने डीसी से राशि वसूलने का आग्रह किया।



पिछले साल 5 सदस्यीय कमेटी ने की थी जांच, सैंपल मिले थे फेल

अप्रैल 2023 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) कोर्ट के सख्त आदेश पर जिला प्रशासन की ओर से एडीसी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी जांच के लिए आसपाल के ट्यूबवेल के पानी के सैंपल लेने पहुंची थी। 5 सदस्यीय कमेटी की जांच में लापरवाही सामने आई थी। इस टीम ने महीनेभर पहले ही ज्वाइंट विजिट कर बैराज व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की सैंपलिंग कराई थी। सभी एसटीपी के साथ ही साहबी बैराज के पानी की रिपोर्ट भी फेल मिली थी।

--------
इन 6 एसटीपी प्लांट की होगी जांच

गांव क्षमता विभाग

खरखड़ा 9.5 एमएलडी एसटीपी पीएचईडी
धारूहेड़ा 5 एमएलडी एसटीपी एचएसवीपी
नासियाजी रोड 16 एमएलडी एसटीपी पीएचईडी
नासियाजी रोड 8 एमएलडी एसटीपी पीएचईडी
कालूवास 6.5 एमएलडी एसटीपी पीएचईडी
बावल 3.5 एमएलडी एसटीपी पीएचईडी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed