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बसों में कोरोना नियमों के प्रति दिखी लापरवाही
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परमिट बस में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर कोविड नियमों का उल्लंघन करता परिचालक।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। रक्षाबंधन पर्व से पहले दिन बसों में भारी भीड़ दिखने को मिली। बावजूद इसके कहीं पर भी सरकार की ओर से जारी कोविड गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखा। वहीं विभाग की ओर से भी कोई प्रबंध नहीं किए गए।
सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को बसों पर निशुल्क सफर करने का तोहफा दिया है। इसके साथ बसों में 50 प्रतिशत सवारी व कोरोना की पहली डोज का अनिवार्य किया था। लेकिन शनिवार को शहर के बस स्टैंड पर कहीं पर कोरोना के नियमों का पालन होते हुए नहीं नजर आया। बसें में सवारियों की संख्या लगभग 70 के आसपास नजर आई। वहीं अधिकतर यात्रियों ने मास्क भी नहीं लगाया हुआ था। स्वास्थ्य विभाग व परिवहन विभाग कोरोना की रोकथाम के लिए कोई प्रबंध नहीं किया था। स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी बस स्टैंड पर नजर नहीं आया। वहीं परिवहन विभाग के कर्मचारी भी यात्रियों के साथ सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए नजर आए। बस चालक व परिचालकों ने भी मास्क नहीं लगाए थे।
रोडवेज महाप्रबंधक ने शुक्रवार को दिया था यह बयान:
शुक्रवार को रोडवेज महाप्रबंधक ने बयान जारी किया था। उनके बयान के अनुसार कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बसें चलाई जाएंगी और सुरक्षा के लिए कोविड-19 से संबंधित सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बस में सफर करने वालों को फेस मास्क पहने के साथ-साथ अन्य कोविड प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए कोरोना टीकाकरण अनिवार्य है। रक्षाबंधन पर महिलाएं अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने के लिए जाती हैं। इसलिए बसों में काफी भीड़ रहती है। रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को सफर करने में परेशानी न हो, इसके लिए हरियाणा राज्य परिवहन रेवाड़ी द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। लेकिन विभाग द्वारा शनिवार को बस स्टैंड कोरोना महामारी को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया।
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सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को बसों पर निशुल्क सफर करने का तोहफा दिया है। इसके साथ बसों में 50 प्रतिशत सवारी व कोरोना की पहली डोज का अनिवार्य किया था। लेकिन शनिवार को शहर के बस स्टैंड पर कहीं पर कोरोना के नियमों का पालन होते हुए नहीं नजर आया। बसें में सवारियों की संख्या लगभग 70 के आसपास नजर आई। वहीं अधिकतर यात्रियों ने मास्क भी नहीं लगाया हुआ था। स्वास्थ्य विभाग व परिवहन विभाग कोरोना की रोकथाम के लिए कोई प्रबंध नहीं किया था। स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी बस स्टैंड पर नजर नहीं आया। वहीं परिवहन विभाग के कर्मचारी भी यात्रियों के साथ सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए नजर आए। बस चालक व परिचालकों ने भी मास्क नहीं लगाए थे।
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रोडवेज महाप्रबंधक ने शुक्रवार को दिया था यह बयान:
शुक्रवार को रोडवेज महाप्रबंधक ने बयान जारी किया था। उनके बयान के अनुसार कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बसें चलाई जाएंगी और सुरक्षा के लिए कोविड-19 से संबंधित सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बस में सफर करने वालों को फेस मास्क पहने के साथ-साथ अन्य कोविड प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए कोरोना टीकाकरण अनिवार्य है। रक्षाबंधन पर महिलाएं अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने के लिए जाती हैं। इसलिए बसों में काफी भीड़ रहती है। रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को सफर करने में परेशानी न हो, इसके लिए हरियाणा राज्य परिवहन रेवाड़ी द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। लेकिन विभाग द्वारा शनिवार को बस स्टैंड कोरोना महामारी को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया।
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