साल्हावास। सीआईएसएफ इकाई आईजीएसटीपीपी झाड़ली के सहायक कमांडेंट धर्मवीर सिंह ने बताया कि देश के महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा, ड्रोन एवं प्रति-ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर हुए इन समझौतों के तहत सीआईएसएफ कर्मियों को अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ ड्रोन एवं प्रति-ड्रोन तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण में डिजिटल फोरेंसिक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग, डीपफेक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड तथा परिचालन प्रौद्योगिकी जैसे विषय शामिल होंगे। सीआईएसएफ के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (एमपीआरटीसी), बहरोड़, राजस्थान में ड्रोन एवं प्रति-ड्रोन तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। यहां ड्रोन फोरेंसिक, प्रति-मानवरहित विमान प्रणाली, अनधिकृत ड्रोन के विश्लेषण सहित संबंधित तकनीकों पर प्रशिक्षण और संयुक्त अनुसंधान किया जाएगा। इन समझौतों से सीआईएसएफ की तकनीकी दक्षता एवं प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में बल को और अधिक सक्षम बनाने में सहायता मिलेगी।