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Rewari News: रेलवे फाटक पर लोग घंटों बने रहते हैं 'अनचाहा मेहमान', फिर भी अफसर अनजान
Tue, 07 Feb 2023 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Feb 2023 12:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा स्टेट रोड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआरडीसी) अधिकारियों की अनदेखी के चलते रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ (एलसी 3) व रेवाड़ी-नारनौल (एलसी 59 ए) रेलवे फाटक पर इंटीग्रेटेड रेलवे ओवरब्रिज व रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। हालांकि जुलाई 2022 में रेलवे की ओर से इंटीग्रेटेड ओवर ब्रिज का नक्शा पास किया जा चुका है। वहीं हरियाणा सरकार वर्ष 2019 में ही इस इंटीग्रेटेड ओवरब्रिज के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमति दे चुकी है। ऐसे में अधिकारियों की सुस्ती और लापरवाही का खामियाजा 20 हजार से अधिक लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान लोग फाटक पर अनचाहा मेहमान बनकर देर तक खड़े रहते हैं। इसके बाद भी अधिकारी अनजान बने हुए हैं।
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर एलसी नंबर 3 रेवाड़ी-बेरली रोड पर एलसी 59 ए प्रत्येक दिन करीब 10 घंटे रेलवे फाटक बंद रहते हैं। एक ट्रेन गुजरने के दौरान करीब 10 मिनट से ज्यादा रेलवे फाटक बंद रहता है। ऐसे में 24 घंटे में 10 घंटे से ज्यादा रेलवे फाटक बंद होने के चलते लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। वहीं, गुरुग्राम, रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जाने के लिए इस फाटक को पार करना जरूरी होता है। वहीं बेरली व कोसली जाने के लिए लोगों को एलसी नंबर 59 पार करना पड़ता है। फाटक की दूसरी ओर आधा दर्जन से अधिक शहर कॉलोनी अभी स्थित हैं, ऐसे भी प्रत्येक दिन 20 हजार से अधिक लोगों को जाम में फंसने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
2017 से बनी हुई है परेशानी, नहीं हो रहा निदान
दोनों रेलवे क्रॉसिंग पर परेशानियों को देखते हुए शहर निवासी वर्ष 2017 से संघर्ष कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के लिए से लेकर रेलवे मंत्री को लगातार ज्ञापन देने के बाद वर्ष 2018 में रेलवे की ओर सर्वें कराया गया। शहरवासियों के प्रयास के बाद वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार ने इंटीग्रेटेड आरोपी बनाने के लिए प्रशासनिक अनुमति देने के साथ ही करीब 75 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिया। वहीं लंबी जद्दोजहद के बाद 22 जुलाई 2022 रेलवे की ओर से इसकी सामान्य व्यवस्था का नक्शे को पास कर अनुमति दे दी गई।
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एलसी नंबर 3 पर फोरलेन व एलसी नंबर 59 पर 2 लाइन रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण होना है। इंटीग्रेटेड आरओबी का निर्माण रेलवे व लोक निर्माण विभाग की 50-50 शेयर कास्टिंग पर किया जाना है। शर्तों के मुताबिक प्रदेश सरकार को पहले अपने हिस्से का कार्य पूरा करना होगा इसके बाद रेलवे अपना काम शुरू करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर का काम रेलवे की ओर से किया जाएगा, जबकि दोनों और का कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है।
-- -- -- प्रक्रियाएं पूरीं, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुआ कार्य
शहर के लोग 2017 से आरयूबी व आरओबी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 6 महीने पहले तमाम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-विवेक भटोटिया, शहरवासी
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जल्द छोड़ा जाएगा टेंडर
कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगता है, इसके चलते कुछ देर हुई। लेकिन अब तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले सप्ताह टेंडर छोड़ा जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से इसके लिए करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
-सोमवीर दहिया, डीजीएम, एचएसआरडीसी
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रेवाड़ी। हरियाणा स्टेट रोड ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआरडीसी) अधिकारियों की अनदेखी के चलते रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ (एलसी 3) व रेवाड़ी-नारनौल (एलसी 59 ए) रेलवे फाटक पर इंटीग्रेटेड रेलवे ओवरब्रिज व रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। हालांकि जुलाई 2022 में रेलवे की ओर से इंटीग्रेटेड ओवर ब्रिज का नक्शा पास किया जा चुका है। वहीं हरियाणा सरकार वर्ष 2019 में ही इस इंटीग्रेटेड ओवरब्रिज के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमति दे चुकी है। ऐसे में अधिकारियों की सुस्ती और लापरवाही का खामियाजा 20 हजार से अधिक लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान लोग फाटक पर अनचाहा मेहमान बनकर देर तक खड़े रहते हैं। इसके बाद भी अधिकारी अनजान बने हुए हैं।
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर एलसी नंबर 3 रेवाड़ी-बेरली रोड पर एलसी 59 ए प्रत्येक दिन करीब 10 घंटे रेलवे फाटक बंद रहते हैं। एक ट्रेन गुजरने के दौरान करीब 10 मिनट से ज्यादा रेलवे फाटक बंद रहता है। ऐसे में 24 घंटे में 10 घंटे से ज्यादा रेलवे फाटक बंद होने के चलते लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। वहीं, गुरुग्राम, रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जाने के लिए इस फाटक को पार करना जरूरी होता है। वहीं बेरली व कोसली जाने के लिए लोगों को एलसी नंबर 59 पार करना पड़ता है। फाटक की दूसरी ओर आधा दर्जन से अधिक शहर कॉलोनी अभी स्थित हैं, ऐसे भी प्रत्येक दिन 20 हजार से अधिक लोगों को जाम में फंसने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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2017 से बनी हुई है परेशानी, नहीं हो रहा निदान
दोनों रेलवे क्रॉसिंग पर परेशानियों को देखते हुए शहर निवासी वर्ष 2017 से संघर्ष कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के लिए से लेकर रेलवे मंत्री को लगातार ज्ञापन देने के बाद वर्ष 2018 में रेलवे की ओर सर्वें कराया गया। शहरवासियों के प्रयास के बाद वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार ने इंटीग्रेटेड आरोपी बनाने के लिए प्रशासनिक अनुमति देने के साथ ही करीब 75 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिया। वहीं लंबी जद्दोजहद के बाद 22 जुलाई 2022 रेलवे की ओर से इसकी सामान्य व्यवस्था का नक्शे को पास कर अनुमति दे दी गई।
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एलसी नंबर 3 पर फोरलेन व एलसी नंबर 59 पर 2 लाइन रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण होना है। इंटीग्रेटेड आरओबी का निर्माण रेलवे व लोक निर्माण विभाग की 50-50 शेयर कास्टिंग पर किया जाना है। शर्तों के मुताबिक प्रदेश सरकार को पहले अपने हिस्से का कार्य पूरा करना होगा इसके बाद रेलवे अपना काम शुरू करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर का काम रेलवे की ओर से किया जाएगा, जबकि दोनों और का कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है।
शहर के लोग 2017 से आरयूबी व आरओबी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 6 महीने पहले तमाम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बावजूद इसके अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
-विवेक भटोटिया, शहरवासी
जल्द छोड़ा जाएगा टेंडर
कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगता है, इसके चलते कुछ देर हुई। लेकिन अब तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले सप्ताह टेंडर छोड़ा जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से इसके लिए करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
-सोमवीर दहिया, डीजीएम, एचएसआरडीसी