फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Mumtaz Ali had established Mumtazpur Village

मुमताज अली ने बसाया था मुमताजपुर गांव

Mon, 08 Mar 2021 12:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 12:52 AM IST
विज्ञापन
Mumtaz Ali had established Mumtazpur Village
कोसली। गांव मुमताजपुर की आंगनबाड़ी। - फोटो : Rewari
कोसली उपमंडल के गांव मुमताजपुर को 1832 में नाहड़ के पांचवें नवाब मुमताज अली ने बसाया था। ग्रामीणों के अनुसार मुमताज अली को कोई संतान नहीं थी, इसलिए उसने आसपास के गांवों के लोगों को यहां लाकर बसाया। ग्रामीणों द्वारा धूम्रपान व शराब सेवन नहीं करने से यह गांव अन्य गांवों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। 800 से अधिक मतदाताओं वाले इस गांव में करीब 1500 लोगों की आबादी है। ग्रामीणों में बाबा भोमिया व भगवान शिव व कृष्ण की मान्यता है। यादव व गुर्जर जाति बाहुल्य इस गांव में धूम्रपान व शराब को निषेध माना जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। यहां के 80 से अधिक युवा सेना में भर्ती होकर देशसेवा कर रहे हैं। हालांकि सुविधाओं के नाम पर गांव में प्राथमिक स्कूल व आंगनबाड़ी ही है। अन्य सुविधाओं के लिए ग्रामीण अनेक बार संबंधित विभागों के अधिकारियों से मिलकर मांग कर चुके हैं।
विज्ञापन

गांव के लोग सभी आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। मान्यता के अनुसार गांव में कोई भी धूम्रपान नहीं करते हैं। नाहड़ के नवाब द्वारा बसाए गए इस गांव के युवाओं में सेेना में भर्ती होने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है।
विज्ञापन

-शेरसिंह
युवाओं के जज्बे का ही परिणाम है कि छोटे से गांव में 70 से अधिक युवक सेनाओं में भर्ती होकर देेश की सेवा कर रहे हैं। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी व पशुपालन है। हालांकि मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-हरबीर
गांव के लोग धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले हैं। इसके अलावा सभी ग्रामीण मिलजुल कर रहते हैैैं तथा विकास कार्यों में भी पूरा सहयोग करते हैं। गांव के लोग बिना सरकारी बाध्यता के धूम्रपान व शराब आदि का सेेवन करने से बहुत दूर रहते हैं।
-दीपचन्द
गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेतीबाड़ी व पशुपालन है, लेकिन पशुपालकों के लिए कोई सुविधाएं नहीं है। ग्रामीणों द्वारा कई बार अधिकारियों से मिलकर सुविधाओं की मांग की जा चुकी है। इसके अलावा सभी ग्रामीण मिलजुल कर रहते हैं।
-रणबीर
गांव में चारों ओर से सड़कों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन यातायात सुविधा का अभाव है। जिसके कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा गांव में अन्य सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।
-देवराज
गांव में प्राथमिक पाठशाला है। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए करीब 4 किलोमीटर दूर नाहड़ जाना पड़ता है, लेकिन यातायात के अभाव में अधिकांश विद्यार्थी पैैदल ही स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों द्वारा कई बार स्कूल अपग्रेड को लेकर अधिकारियों से मांग की जा चुकी है।

-कैलाश
गांव के अधिकांश युवा सेना में भर्ती हो रहे हैं। गांव में प्रभुदयाल व सिंहराम नामक दो स्वतंत्रता सेनानी भी हुए हैं, जो युवाओं के लिए प्ररेणादायक हैं। सेना में भर्ती होने के लिए अभ्यास करने वाले युवाओं का नजारा सुबह-शाम देखने लायक होता है।
-शेरसिंह सेवानिवृत्त सैनिक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed