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Rewari News: आईजीयू और सीएसआईआर-आईएचबीटी के बीच एमओयू साइन
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और सीएसआइआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, हिमाचल प्रदेश के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एमओयू साइन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव ने बताया कि इस प्रकार के समझौते होने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बहुत फायदा होगा। एमओयू की ओर से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पारस्परिक रुचि के किसी अन्य क्षेत्र के निर्दिष्ट विषयों में अनुसंधान और शिक्षण के लिए सहयोग किया जाएगा। आईजीयू, रेवाड़ी के संबंधित विभागों के संकाय सदस्य और सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, हिमाचल प्रदेश के वैज्ञानिक संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं की दिशा में काम करेंगे, जिससे दोनों संस्थानों के बीच में अनुसंधान सुविधाओं का पारस्परिक रूप से उपयोग किया जा सकेगा। आईजीयू के संबंधित विभागों के शोधार्थियों और शिक्षकों को सीएसआईआर-आईएचबीटी नियम दिशानिर्देश के अनुसार पहचान पत्र जारी किया जाएगा ताकि उन्हें संस्थान की प्रयोगशाला और अन्य सुविधाओं तक पहुंच प्रदान की जा सके। सीएसआईआर-आईएचबीटी की ओर से शोधार्थियों को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण सुविधाएं एवं शिक्षण सामग्री प्रदान की जाएगी।
कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस प्रकार के समझौते होते रहनी चाहिए ताकि शोधार्थियों को नए-नए शोध कार्यों को करने के लिए नया मार्ग मिलता रहे। विश्वविद्यालय को अनुसंधात्मक संस्थानों के साथ जुड़ने पर हमें बहुत गर्व महसूस करना चाहिए। इस अवसर पर सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, हिमाचल प्रदेश की तरफ से निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस प्रकार के समझौते होते रहनी चाहिए ताकि शोधार्थियों को नए-नए शोध कार्यों को करने के लिए नया मार्ग मिलता रहे। विश्वविद्यालय को अनुसंधात्मक संस्थानों के साथ जुड़ने पर हमें बहुत गर्व महसूस करना चाहिए। इस अवसर पर सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, हिमाचल प्रदेश की तरफ से निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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