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Rewari News: मानसून ने रोकी 200 करोड़ के विकास कार्यों की रफ्तार
Thu, 11 Jul 2024 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 11 Jul 2024 02:36 AM IST
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रेवाड़ी। मानसून ने जिले में होने वाली 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की रफ्तार रोक दी है। यह स्थिति शहर से लेकर जिले के सभी खंडों में है। आचार संहिता हटने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि विकास कार्यों को गति मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
आचार संहिता हटने के बाद विभिन्न विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करवाने को लेकर टेंडर की प्रक्रिया जरूर शुरू की थी, लेकिन अब समस्या यह है कि अगर इस समय कोई निर्माण कार्य होता भी है तो बारिश से पूरे कार्य पर विपरीत असर पड़ेगा। इससे धन की हानि तो होगी ही समय भी बर्बाद होगा।
ऐसे में अब विभागों ने भी मानसून के बाद ही विकास कार्यों को करवाने का मन बनाया है। ताकि बिना किसी रुकावट के कार्य हो सकें। रेवाड़ी, बावल, कोसली, धारूहेड़ा, खोल, डहीना, नाहड़, जाटूसाना आदि क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य होने हैं। इसमें मुख्य रूप से सड़कें, पार्क, लाइटें, वाटर टैंक, चौपालें, पशुओं को पकड़ने, नई व्यायामशालाएं, कम्युनिटी सेंटर की मरम्मत, विभिन्न विभागों के सरकारी क्वार्टरों की मरम्मत, धारूहेड़ा में ग्रीन बेल्ट का निर्माण आदि शामिल है।
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भाड़ावास फाटक ओवरब्रिज और अंडरपास का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अंडरपास का 35 प्रतिशत कार्य हो चुका है। ओवरब्रिज करीब 60 प्रतिशत बना है। पिछले माह स्थानीय लोगों के बढ़ते विरोध, प्रदर्शन के बाद कार्य में तेजी आई थी, लेकिन अब मानसून ने ब्रेक लगा दी है। फाटक पर अंडरपास और ओवरब्रिज का कार्य जून 2023 में पूरा होना था। अब 2024 की भी जून निकल चुकी है। इस कार्य पर 62 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।
इंसेट
शहर में लाइटें लगाने के कार्य पर भी लगा ब्रेक
शहर की जरूरत के हिसाब से नगर परिषद की ओर से करीब 2420 स्ट्रीट लाइटें मंगवाई गई हैं। इनको लगाने का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। इसके अलावा बावल के लिए 1375 और धारूहेड़ा के लिए 482 स्ट्रीट लाइटें आ चुकी हैं। इन लाइटों को लगाने के साथ सभी लाइटों को तिरंगे का लुक भी दिया जाएगा। इस पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लाइटें लगाने का कार्य भी जुलाई में शुरू होना था, लेकिन मानसून ने इस कार्य पर भी ब्रेक लगा दी है। अब मानसून बीत जाने के बाद ही लाइटें लगाने का कार्य शुरू होगा।
शहर के पार्कों की दशा सुधरने में अभी लगेगा समय
शहर के पार्कों की भी दशा काफी खराब है। पार्कों को नए सिरे से संस्थाओं को सौंपा जा रहा है। अगर अब पार्कों की दशा सुधारने का कार्य करवाया भी जाता है तो उसका कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि बारिश होने के बाद कराया गया कार्य भी बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में अब पार्कों की दशा सुधरने के लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। पार्कों पर नगर परिषद दिव्या नगर योजना के तहत 5 करोड़ रुपये खर्च कर सकता है।
वर्जन:
आचार संहिता खत्म होने के बाद नगर परिषद की ओर से 45 विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए थे। अगर ऐसे समय में बारिश होती है तो कार्य करने में काफी समस्या होगी, फिर भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है। कुछ कार्य ऐसे भी हैं जो मानसून बीत जाने के बाद ही पूरे हो पाएंगे। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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आचार संहिता हटने के बाद विभिन्न विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करवाने को लेकर टेंडर की प्रक्रिया जरूर शुरू की थी, लेकिन अब समस्या यह है कि अगर इस समय कोई निर्माण कार्य होता भी है तो बारिश से पूरे कार्य पर विपरीत असर पड़ेगा। इससे धन की हानि तो होगी ही समय भी बर्बाद होगा।
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ऐसे में अब विभागों ने भी मानसून के बाद ही विकास कार्यों को करवाने का मन बनाया है। ताकि बिना किसी रुकावट के कार्य हो सकें। रेवाड़ी, बावल, कोसली, धारूहेड़ा, खोल, डहीना, नाहड़, जाटूसाना आदि क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य होने हैं। इसमें मुख्य रूप से सड़कें, पार्क, लाइटें, वाटर टैंक, चौपालें, पशुओं को पकड़ने, नई व्यायामशालाएं, कम्युनिटी सेंटर की मरम्मत, विभिन्न विभागों के सरकारी क्वार्टरों की मरम्मत, धारूहेड़ा में ग्रीन बेल्ट का निर्माण आदि शामिल है।
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भाड़ावास फाटक ओवरब्रिज और अंडरपास का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अंडरपास का 35 प्रतिशत कार्य हो चुका है। ओवरब्रिज करीब 60 प्रतिशत बना है। पिछले माह स्थानीय लोगों के बढ़ते विरोध, प्रदर्शन के बाद कार्य में तेजी आई थी, लेकिन अब मानसून ने ब्रेक लगा दी है। फाटक पर अंडरपास और ओवरब्रिज का कार्य जून 2023 में पूरा होना था। अब 2024 की भी जून निकल चुकी है। इस कार्य पर 62 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।
इंसेट
शहर में लाइटें लगाने के कार्य पर भी लगा ब्रेक
शहर की जरूरत के हिसाब से नगर परिषद की ओर से करीब 2420 स्ट्रीट लाइटें मंगवाई गई हैं। इनको लगाने का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। इसके अलावा बावल के लिए 1375 और धारूहेड़ा के लिए 482 स्ट्रीट लाइटें आ चुकी हैं। इन लाइटों को लगाने के साथ सभी लाइटों को तिरंगे का लुक भी दिया जाएगा। इस पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लाइटें लगाने का कार्य भी जुलाई में शुरू होना था, लेकिन मानसून ने इस कार्य पर भी ब्रेक लगा दी है। अब मानसून बीत जाने के बाद ही लाइटें लगाने का कार्य शुरू होगा।
शहर के पार्कों की दशा सुधरने में अभी लगेगा समय
शहर के पार्कों की भी दशा काफी खराब है। पार्कों को नए सिरे से संस्थाओं को सौंपा जा रहा है। अगर अब पार्कों की दशा सुधारने का कार्य करवाया भी जाता है तो उसका कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि बारिश होने के बाद कराया गया कार्य भी बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में अब पार्कों की दशा सुधरने के लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। पार्कों पर नगर परिषद दिव्या नगर योजना के तहत 5 करोड़ रुपये खर्च कर सकता है।
वर्जन:
आचार संहिता खत्म होने के बाद नगर परिषद की ओर से 45 विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए थे। अगर ऐसे समय में बारिश होती है तो कार्य करने में काफी समस्या होगी, फिर भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है। कुछ कार्य ऐसे भी हैं जो मानसून बीत जाने के बाद ही पूरे हो पाएंगे। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।