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बिना एड्रेस वेरिफिकेशन रह रहे हजारों किराएदार
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:52 AM IST
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पेरिस में हुए आतंकी हमले के बाद दुनिया भर में आतंकी संगठनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार के पास आई रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र था कि अगला निशाना भारत भी हो सकता है।
उन्होंने भी माना है कि भारत में आतंकी हमले की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को देखकर ऐसा नहीं लगता कि वह आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए संजीदा है।
इसका कारण जिले में दो बड़े औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा और बावल में हजारों किराएदार होने के बावजूद उनकी वेरिफिकेशन न किया जाना है। जिलों के थानों की हालत यह है कि या तो थानों में हाल में वेरिफिकेशन हुए ही नहीं हैं और जहां हुए भी हैं वे नाम मात्र के ही हैं।
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जानकारी के अनुसार बावल और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में हजारों लोग किराए पर रहकर फैक्ट्ररियों और इंडस्ट्रियों में काम करते हैं। इसके बावजूद धारूहेड़ा में एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या शून्य है। वहीं बावल में भी एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या दहाई के अंक तक ही सीमित है।
लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदात
बावल और धारूहेड़ा के अलावा कोसली क्षेत्र में पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश के मूल निवासी बड़ी संख्या में रहते हैं। बावजूद इसके कोसली में करीब दो सौ लोगों ने ही थाने और मकान मालिकों को अपने आईकार्ड की फोटो कॉपी जमा कराई है। शहर में तो यह आंकड़ा न के बराबर है, मॉडल टाउन, सिटी, सदर, रामपुरा समेत किसी थानों एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या बहुत खास नहीं है। इसी के चलते लगातार आपराधिक वारदात भी जिले में बढ़ रही हैं।
साल भर में पहले ही जंक्शन पर रखा था टाइम बम
राजधानी के नजदीक का रेलवे स्टेशन होने और सुरक्षा के लिहाज से कोई खास दिक्कत न होने के चलते रेवाड़ी आतंकी वारदातों के लिए बेहद आसान है। पिछले साल अक्तूबर महीने के लास्ट में ही रेवाड़ी जंक्शन पर एक अज्ञात युवक ने टाइम बम रखा था। हालांकि कृष्ण कुमार नाम के एक यात्री की सजगता के चलते कोई बड़ी आतंकी वारदात होने से पहले ही बम को डिफ्यूज कर दिया गया था। जीआरपी थाने में मामले पर एफआर लग गई, वहीं बड़े स्तर पर मामले की जांच आईबी, एसटीएफ और एनआईए कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक बम रखने वाले को जांच एजेंसियों ने चिह्नित करने के बाद मुठभेड़ में मार भी गिराया था।
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संदिग्ध लोगों की जांच-पड़ताल के लिए एड्रेस वेरिफिकेशन पर काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाएगा। मकान मालिकों को भी चाहिए कि किराए पर रहने वाले लोगों की आईडी और फोटो अपने पास रखने के साथ ही स्थानीय थाने में जरूर सूचित करें। जिला पुलिस का प्रयास लोगों को सुरक्षित और सहज माहौल देना है।
-बलवान सिंह राणा, एसपी, जिला रेवाड़ी
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उन्होंने भी माना है कि भारत में आतंकी हमले की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को देखकर ऐसा नहीं लगता कि वह आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए संजीदा है।
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इसका कारण जिले में दो बड़े औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा और बावल में हजारों किराएदार होने के बावजूद उनकी वेरिफिकेशन न किया जाना है। जिलों के थानों की हालत यह है कि या तो थानों में हाल में वेरिफिकेशन हुए ही नहीं हैं और जहां हुए भी हैं वे नाम मात्र के ही हैं।
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जानकारी के अनुसार बावल और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में हजारों लोग किराए पर रहकर फैक्ट्ररियों और इंडस्ट्रियों में काम करते हैं। इसके बावजूद धारूहेड़ा में एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या शून्य है। वहीं बावल में भी एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या दहाई के अंक तक ही सीमित है।
लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदात
बावल और धारूहेड़ा के अलावा कोसली क्षेत्र में पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश के मूल निवासी बड़ी संख्या में रहते हैं। बावजूद इसके कोसली में करीब दो सौ लोगों ने ही थाने और मकान मालिकों को अपने आईकार्ड की फोटो कॉपी जमा कराई है। शहर में तो यह आंकड़ा न के बराबर है, मॉडल टाउन, सिटी, सदर, रामपुरा समेत किसी थानों एड्रेस वेरिफिकेशन कराने वालों की संख्या बहुत खास नहीं है। इसी के चलते लगातार आपराधिक वारदात भी जिले में बढ़ रही हैं।
साल भर में पहले ही जंक्शन पर रखा था टाइम बम
राजधानी के नजदीक का रेलवे स्टेशन होने और सुरक्षा के लिहाज से कोई खास दिक्कत न होने के चलते रेवाड़ी आतंकी वारदातों के लिए बेहद आसान है। पिछले साल अक्तूबर महीने के लास्ट में ही रेवाड़ी जंक्शन पर एक अज्ञात युवक ने टाइम बम रखा था। हालांकि कृष्ण कुमार नाम के एक यात्री की सजगता के चलते कोई बड़ी आतंकी वारदात होने से पहले ही बम को डिफ्यूज कर दिया गया था। जीआरपी थाने में मामले पर एफआर लग गई, वहीं बड़े स्तर पर मामले की जांच आईबी, एसटीएफ और एनआईए कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक बम रखने वाले को जांच एजेंसियों ने चिह्नित करने के बाद मुठभेड़ में मार भी गिराया था।
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संदिग्ध लोगों की जांच-पड़ताल के लिए एड्रेस वेरिफिकेशन पर काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाएगा। मकान मालिकों को भी चाहिए कि किराए पर रहने वाले लोगों की आईडी और फोटो अपने पास रखने के साथ ही स्थानीय थाने में जरूर सूचित करें। जिला पुलिस का प्रयास लोगों को सुरक्षित और सहज माहौल देना है।
-बलवान सिंह राणा, एसपी, जिला रेवाड़ी