फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Mercury reached 1.6 degree Celsius in Chandawas, the third coldest district in the state

Rewari News: चांदावास में 1.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा पारा, प्रदेश में तीसरा सबसे ठंडा रहा जिला

Mon, 26 Dec 2022 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Mercury reached 1.6 degree Celsius in Chandawas, the third coldest district in the state
सुबह के समय खेत में छाया कोहरा। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। पिछले एक सप्ताह से लगातार गिर रहे तापमान के साथ ठंड अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने लगी है। सोमवार को चांदावास में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा है। साथ ही प्रदेश में सबसे ठंडा जिला रहा। इसके साथ ही सुबह से ही जबरदस्त शीतलहर चल रही है। घने कोहरे के कारण वाहन रफ्तार थम गई तथा दृश्यता भी बहुत कम रही, जिससे चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर तक किसी भी तरह की कोई राहत का अनुमान नहीं है।
विज्ञापन

इससे साफ है कि आने वाले दो दिनों में तापमान शून्य के करीब भी जा सकता है। रविवार को न्यूनतम तापमान जहां 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान में लगातार हो रही गिरावट से साफ है कि आने वाले दिनों में जबरदस्त ठंड हो सकती है। नए साल की शुरूआत भी जबरदस्त ठंड से ही होने का अनुमान है।
विज्ञापन

मौसम विभाग की तरफ से ही पहले ही अलर्ट जारी कर सचेत किया गया था कि 31 दिसंबर तक जबरदस्त ठंड पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग की सटीक भविष्यवाणी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो दिनों से हर दिन शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। सोमवार को शीतलहर का प्रकोप ऐसा था कि सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन तक नहीं हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

फसलों के लिए लाभदायक
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं और सरसों के साथ सब्जियों और बागवानी के लिए अभी मौसम अनुकूल बना हुआ है। पाला नहीं पड़ता है तो किसी प्रकार का नुकसान नहीं है। गेहूं के लिए धुंध पड़ना जरूरी है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। वहीं 72 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ.दीपक कुमार का कहना है कि सुबह शाम की ठंड के बीच दिन में निकलने वाली धूप से फसलों को पर्याप्त मात्रा में खुराक मिल रही है। इससे बीमारियों की आशंका भी नहीं रहती। पाला पड़ता है तो दिक्कत आ सकती है।
वर्ष ---अधिकतम----न्यूनतम
2013--19.0--1.0
2014---18.1--1.0
2015---20.6-- 2.5
2016---21.5--9.0
2017---23.0--5.6
2018---20.0--1.0
2019---12.5--3.5
2020---21.6--4.2
2021----20.6--6.0
2022----10.5--1.6
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed