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समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे नोडल अधिकारी, डीसी ने दिए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
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कैप्शन नंबर 19 रेवाड़ी। बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ की समीक्षा बैठक लेते उपायुक्त यशेंद्र सिंह।
- फोटो : Rewari
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की क्रियान्वयन समीक्षा बैठक में पीएनडीटी नोडल अधिकारी के नहीं पहुंचने पर डीसी यशेंद्र सिंह ने सीएमओ को चिकित्सक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं, वहीं एक अन्य डॉक्टर संजय कुमार द्वारा इस कार्य में रुचि नहीं दिखाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीसी ने कहा कि सरकार के महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के क्रियान्वयन में जिला ने बेहतर कार्य किया है। वर्ष 2014 में जिला का लिंगानुपात 802 था, वर्ष 2020 में अब तक 921 तक पहुंच गया है। उन्होंने सभी संबधित विभागों को लिंगानुपात सुधार के लिए और बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए है। बैठक में सीएमओ को पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. चितरंजन के समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचने पर उपायुक्त ने एक दिन का वेतन काटने व स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएनडीटी के कार्य में रुचि न लेने वाले डॉ. संजय का भी स्पष्टीकरण मांगने को कहा।
सुधार हुआ, लेकिन लक्ष्य से अभी दूर
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि जिला में लिंगानुपात का बेहतर कार्य हुआ है, लेकिन अभी भी हम लक्ष्य से दूर है। हमारा लक्ष्य चाइल्ड सेक्स रेशो (सीएसआर) शत-प्रतिशत करने का है, जिसे हमें और बेहतर करना होगा। पीएनडीटी की समीक्षा करते हुए सीएमओ डॉ. सुशील माही को पीएनडीटी-एमटीपी एक्ट के तहत नियमित रूप से रेड करने के निर्देश दिए।
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कम लिंगानुपात वाले गांवों की पहचान जरूरी
उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा कि कम लिंगानुपात वाले गांवों व शहरी क्षेत्रों की सही पहचान कर विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। इन क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टाफ को और ज्यादा संवेदी बनाएं और इनकी कार्यशैली की निरंतर मॉनिटरिंग करें। उपायुक्त ने जिला में पंजीकृत अल्टासाउंड केद्रों की नियमित रूप से जांच करने को कहा।
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डीसी ने कहा कि सरकार के महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के क्रियान्वयन में जिला ने बेहतर कार्य किया है। वर्ष 2014 में जिला का लिंगानुपात 802 था, वर्ष 2020 में अब तक 921 तक पहुंच गया है। उन्होंने सभी संबधित विभागों को लिंगानुपात सुधार के लिए और बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए है। बैठक में सीएमओ को पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. चितरंजन के समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचने पर उपायुक्त ने एक दिन का वेतन काटने व स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएनडीटी के कार्य में रुचि न लेने वाले डॉ. संजय का भी स्पष्टीकरण मांगने को कहा।
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सुधार हुआ, लेकिन लक्ष्य से अभी दूर
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि जिला में लिंगानुपात का बेहतर कार्य हुआ है, लेकिन अभी भी हम लक्ष्य से दूर है। हमारा लक्ष्य चाइल्ड सेक्स रेशो (सीएसआर) शत-प्रतिशत करने का है, जिसे हमें और बेहतर करना होगा। पीएनडीटी की समीक्षा करते हुए सीएमओ डॉ. सुशील माही को पीएनडीटी-एमटीपी एक्ट के तहत नियमित रूप से रेड करने के निर्देश दिए।
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कम लिंगानुपात वाले गांवों की पहचान जरूरी
उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा कि कम लिंगानुपात वाले गांवों व शहरी क्षेत्रों की सही पहचान कर विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। इन क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टाफ को और ज्यादा संवेदी बनाएं और इनकी कार्यशैली की निरंतर मॉनिटरिंग करें। उपायुक्त ने जिला में पंजीकृत अल्टासाउंड केद्रों की नियमित रूप से जांच करने को कहा।