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Rewari News: साहित्य परिषद की संगोष्ठी में हुआ लेखनी पूजन
Thu, 22 Oct 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:00 AM IST
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बाल भवन में आयोजित परिषद की संगोष्ठी में एकजुट गणमान्य। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 30 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाले साहित्योत्वस में कला, संस्कृति और साहित्य के साधकों को सम्मानित किया जाएगा। यह निर्णय बाल भवन में आयोजित परिषद की संगोष्ठी में लिया गया। संगोष्ठी में साहित्यकारों ने लेखनी पूजन कर साहित्य सृजन पर विचार किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. एलएन शर्मा ने की। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. रमेशचंद्र शर्मा और बाबू बालमुकुंद गुप्त साहित्य संरक्षण परिषद के संरक्षक नरेश चौहान के सान्निध्य में साहित्यकारों ने लेखनी का पूजन किया। परिषद महामंत्री गोपाल वशिष्ठ ने कार्यक्रम का संचालन किया।
परिषद अध्यक्ष श्रुति शर्मा ने आगामी माह आयोजित होने वाले साहित्योत्सव का प्रारूप साझा किया। उन्होंने स्मारिका प्रकाशन, पुस्तक प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन और आयोजन प्रबंधन से जुड़े विषयों की जानकारी दी।
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वरिष्ठ साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलमकारों को सम्मानित करने के निर्णय से अवगत कराया।
नरेश चौहान ने लेखनी के साथ मताधिकार की शक्ति पहचानने का आह्वान किया। डॉ. एलएन शर्मा ने अपने काव्यात्मक संबोधन में शब्दों को अर्थपूर्ण बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर दर्शना शर्मा, रणजीत सिंह, तेजभान कुकरेजा, अहमना भारद्वाज, मुकुट अग्रवाल, अरुण गुप्ता, दलबीर फूल, राजेश भुल्लकड़, मनोज कौशिक, पुनीत कुमार, रेखा कौशिक और डॉ. सुधा यादव सहित अन्य साहित्य साधकों ने विचार रखे। महावीर निर्दोष, सतबीर इंदौरा, दयानंद आर्य, राकेश यादव, अरुण द्विवेदी, प्रणव शर्मा और कृष्ण भारद्वाज भी मौजूद रहे।
साहित्योत्सव के आयोजन में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के साथ बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद, राष्ट्रीय कवि संगम, आर्य समाज, हमारा परिवार और प्रेरणा संस्था कोसली सहित विभिन्न संगठन सहयोग करेंगे।
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संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. एलएन शर्मा ने की। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. रमेशचंद्र शर्मा और बाबू बालमुकुंद गुप्त साहित्य संरक्षण परिषद के संरक्षक नरेश चौहान के सान्निध्य में साहित्यकारों ने लेखनी का पूजन किया। परिषद महामंत्री गोपाल वशिष्ठ ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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परिषद अध्यक्ष श्रुति शर्मा ने आगामी माह आयोजित होने वाले साहित्योत्सव का प्रारूप साझा किया। उन्होंने स्मारिका प्रकाशन, पुस्तक प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन और आयोजन प्रबंधन से जुड़े विषयों की जानकारी दी।
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वरिष्ठ साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलमकारों को सम्मानित करने के निर्णय से अवगत कराया।
नरेश चौहान ने लेखनी के साथ मताधिकार की शक्ति पहचानने का आह्वान किया। डॉ. एलएन शर्मा ने अपने काव्यात्मक संबोधन में शब्दों को अर्थपूर्ण बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर दर्शना शर्मा, रणजीत सिंह, तेजभान कुकरेजा, अहमना भारद्वाज, मुकुट अग्रवाल, अरुण गुप्ता, दलबीर फूल, राजेश भुल्लकड़, मनोज कौशिक, पुनीत कुमार, रेखा कौशिक और डॉ. सुधा यादव सहित अन्य साहित्य साधकों ने विचार रखे। महावीर निर्दोष, सतबीर इंदौरा, दयानंद आर्य, राकेश यादव, अरुण द्विवेदी, प्रणव शर्मा और कृष्ण भारद्वाज भी मौजूद रहे।
साहित्योत्सव के आयोजन में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के साथ बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद, राष्ट्रीय कवि संगम, आर्य समाज, हमारा परिवार और प्रेरणा संस्था कोसली सहित विभिन्न संगठन सहयोग करेंगे।