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Rewari News: रामतलाई तालाब की जमीन की पैमाइश, कब्जों पर कसेगा शिकंजा
Thu, 22 Oct 2026 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:27 AM IST
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रामतलाई तालाब की पैमाइश के लिए पहुंचीं चेयरपर्सन विनीता पीपल साथ में पार्षद। स्रोत : स्थानीय ना
रेवाड़ी। शहर के वार्ड-31 स्थित ऐतिहासिक रामतलाई तालाब की जमीन को संरक्षित करने और संभावित अवैध कब्जों पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को प्रशासनिक टीम ने सरकारी राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन की पैमाइश की।
वार्डवासियों के आग्रह पर वीरवार को दोबारा पैमाइश कराने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष विनीता पीपल भी मौजूद रहीं।
सरकारी राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार रामतलाई की कुल जमीन 13,763 वर्ग गज यानी 23 कनाल 15 मरला है। यह भूखंड मोहल्ला कुतुबपुर, सैनी मोहल्ला और जसवंत नगर के क्षेत्र में स्थित है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रामतलाई के नाम से पहचाने जाने वाले इस स्थान पर कभी स्वच्छ पानी से भरा तालाब हुआ करता था। आसपास के लोग इसका उपयोग करते थे। इसके अलावा, परिसर में वार्ड के बच्चे और युवा खेल-कूद भी करते थे। अब इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित कर दोबारा तालाब के रूप में विकसित करने की योजना है।
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वार्डवासियों की निगरानी में होगी दोबारा पैमाइश
पैमाइश के दौरान स्थानीय निवासियों ने प्रक्रिया को दोबारा पूरा कराने का अनुरोध किया। इस पर अध्यक्ष विनीता पीपल ने लोगों से पांच से छह सदस्यों की एक टीम बनाने को कहा, जो लाल पत्थर से निशान लगाने से लेकर रिकॉर्ड के मिलान और जमीन पर सीमांकन तक की प्रक्रिया पर नजर रखेगी। उनके निर्देशानुसार बृहस्पतिवार को दोबारा पैमाइश की जाएगी।
पार्षद और अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान वार्ड-31 के पार्षद प्रदीप भार्गव, वार्ड-22 के पार्षद देवेंद्र शर्मा, वार्ड-32 के पार्षद मनीष टिकनिया, गिरदावर भीष्म और नगर परिषद के पटवारी अजीत मौजूद रहे। जमीन का सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब की वास्तविक सीमा स्पष्ट करने और उसे अतिक्रमण से बचाने में मदद मिलेगी।
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वार्डवासियों के आग्रह पर वीरवार को दोबारा पैमाइश कराने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष विनीता पीपल भी मौजूद रहीं।
सरकारी राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार रामतलाई की कुल जमीन 13,763 वर्ग गज यानी 23 कनाल 15 मरला है। यह भूखंड मोहल्ला कुतुबपुर, सैनी मोहल्ला और जसवंत नगर के क्षेत्र में स्थित है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार रामतलाई के नाम से पहचाने जाने वाले इस स्थान पर कभी स्वच्छ पानी से भरा तालाब हुआ करता था। आसपास के लोग इसका उपयोग करते थे। इसके अलावा, परिसर में वार्ड के बच्चे और युवा खेल-कूद भी करते थे। अब इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित कर दोबारा तालाब के रूप में विकसित करने की योजना है।
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वार्डवासियों की निगरानी में होगी दोबारा पैमाइश
पैमाइश के दौरान स्थानीय निवासियों ने प्रक्रिया को दोबारा पूरा कराने का अनुरोध किया। इस पर अध्यक्ष विनीता पीपल ने लोगों से पांच से छह सदस्यों की एक टीम बनाने को कहा, जो लाल पत्थर से निशान लगाने से लेकर रिकॉर्ड के मिलान और जमीन पर सीमांकन तक की प्रक्रिया पर नजर रखेगी। उनके निर्देशानुसार बृहस्पतिवार को दोबारा पैमाइश की जाएगी।
पार्षद और अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान वार्ड-31 के पार्षद प्रदीप भार्गव, वार्ड-22 के पार्षद देवेंद्र शर्मा, वार्ड-32 के पार्षद मनीष टिकनिया, गिरदावर भीष्म और नगर परिषद के पटवारी अजीत मौजूद रहे। जमीन का सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब की वास्तविक सीमा स्पष्ट करने और उसे अतिक्रमण से बचाने में मदद मिलेगी।