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Rewari News: हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने लगे कांवड़िए
Fri, 07 Aug 2026 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:59 PM IST
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हरिद्वार और नीलकंठ से पवित्र गंगाजल लेकर लोटते कांवडिये। स्रोत: पाठक
रेवाड़ी-धारूहेड़ा। सावन मास की महाशिवरात्रि पर्व को लेकर हरिद्वार और नीलकंठ से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है। कांवड़िये अपने आराध्य देव भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
कांवड़ियों के लगाए जा रहे बोल बम, बोल बम के जयघोष से दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 का वातावरण भक्तिमय हो गया है।
हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और नीलकंठ महादेव से गंगाजल लेने पहुंचे थे। अब ये कांवड़िये पैदल यात्रा करते हुए अपने गांव और शहरों की ओर लौट रहे हैं।
इनमें राजस्थान के बहरोड़, नीमकाथाना, निजामपुर, श्रीमाधोपुर, खैरथल, भिवाड़ी, अलवर, भरतपुर सहित अन्य क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। कई कांवड़िये पैदल कांवड़ लेकर चल रहे हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु डाक कांवड़ के माध्यम से तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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लंबी दूरी तय करने के बावजूद कांवड़ियों में भगवान शिव के प्रति आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। रास्ते में थकान के बाद भी श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों के ठहरने, भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था की गई है। सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं की विशेष रूप से सेवा की जा रही है।
कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट
कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस लगातार कांवड़ मार्गों पर निगरानी रख रही है। धारूहेड़ा थाना प्रभारी कबूल ने भी कांवड़ियों के ठहरने वाले स्थानों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। गुरुग्राम-धारूहेड़ा मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए भी कई स्थानों पर विश्राम स्थल बनाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने और आराम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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कांवड़ियों के लगाए जा रहे बोल बम, बोल बम के जयघोष से दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 का वातावरण भक्तिमय हो गया है।
हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और नीलकंठ महादेव से गंगाजल लेने पहुंचे थे। अब ये कांवड़िये पैदल यात्रा करते हुए अपने गांव और शहरों की ओर लौट रहे हैं।
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इनमें राजस्थान के बहरोड़, नीमकाथाना, निजामपुर, श्रीमाधोपुर, खैरथल, भिवाड़ी, अलवर, भरतपुर सहित अन्य क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। कई कांवड़िये पैदल कांवड़ लेकर चल रहे हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु डाक कांवड़ के माध्यम से तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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लंबी दूरी तय करने के बावजूद कांवड़ियों में भगवान शिव के प्रति आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। रास्ते में थकान के बाद भी श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों के ठहरने, भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था की गई है। सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं की विशेष रूप से सेवा की जा रही है।
कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट
कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस लगातार कांवड़ मार्गों पर निगरानी रख रही है। धारूहेड़ा थाना प्रभारी कबूल ने भी कांवड़ियों के ठहरने वाले स्थानों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। गुरुग्राम-धारूहेड़ा मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए भी कई स्थानों पर विश्राम स्थल बनाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने और आराम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।