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Rewari News: जंक फूड से बढ़ रही मोटापा, बीपी और शुगर की समस्या

Sat, 03 Oct 2026 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 03 Oct 2026 11:58 PM IST
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Junk food is leading to rising problems of obesity, high blood pressure, and diabetes.
रेवाड़ी। बदलती जीवनशैली में युवाओं में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। पिज्जा, बर्गर, मोमोज, नूडल्स, फ्रेंच फ्राइज और अन्य जंक व फास्टफूड युवाओं की रोजमर्रा की पसंद में शामिल होते जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जंक फूड से लगातार सेवन से कम उम्र में मोटापा, बीपी और शुगर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।
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शहर के बाजारों और शिक्षण संस्थानों के आसपास फास्टफूड की दुकानों पर युवाओं की भीड़ देखी जा सकती है। शहर के शिव चौक के नजदीक ही प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक रेहड़ियों पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। युवा समय की कमी या स्वाद के कारण घर के भोजन के बजाय बाहर का खाना पसंद करते हैं।
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सर्जन डॉ. पवन गुप्ता ने बताया कि कभी-कभार फास्टफूड खाना अलग बात है, लेकिन इसे नियमित भोजन का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। चिकित्सक के अनुसार, युवाओं को अपने खानपान में संतुलन रखना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज, दूध-दही और पर्याप्त पानी को शामिल करना चाहिए।
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डॉ. राजेश गोयल ने बताया कि फास्टफूड और अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए। इसके साथ प्रतिदिन शारीरिक गतिविधि, खेल या व्यायाम के लिए समय निकालना जरूरी है। यदि किसी युवा में लगातार थकान, वजन में असामान्य बदलाव, रक्तचाप या रक्त शर्करा जैसी समस्या दिखाई दे तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता गुप्ता ने बताया कि फास्टफूड में अधिक मात्रा में नमक, चीनी, वसा और कैलोरी हो सकती है, जबकि शरीर के लिए जरूरी फाइबर, विटामिन और खनिज अपेक्षाकृत कम होते हैं।
नियमित रूप से ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन और व्यायाम की कमी वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। इससे युवतियों में मोटापा, रक्तचाप बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल असंतुलन और फैटी लिवर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं, लंबे समय तक खराब खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली से रक्त शर्करा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।


कम उम्र में दिखने लगी जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं
सर्जन डॉ. करतार सिंह ने बताया कि पहले जिन बीमारियों को अधिक उम्र से जोड़कर देखा जाता था, उनमें से कई अब युवाओं में भी देखने को मिल रही हैं। इसके पीछे केवल फास्टफूड ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि कम शारीरिक गतिविधि, बढ़ता तनाव, पर्याप्त नींद नहीं लेना और अनियमित दिनचर्या भी महत्वपूर्ण कारण हैं। लगातार बैठकर पढ़ाई या काम करना और घंटों मोबाइल-कंप्यूटर का इस्तेमाल शारीरिक सक्रियता को और कम कर रहा है।
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