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अर्थव्यवस्था में नवाचारों की सुरक्षा आवश्यक : नन्हे सिंह
Wed, 27 May 2026 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 May 2026 11:34 PM IST
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मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे प्रोफेसर नन्हे सिंह। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग (सीएसई) की तरफ से बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर नन्हे सिंह ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व, नवाचार और शोध कार्यों की सुरक्षा, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क तथा स्टार्ट-अप एवं अनुसंधान में आईपीआर की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नवाचारों की सुरक्षा आवश्यक है तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध और तकनीकी विचारों को पेटेंट कराने के प्रति जागरूक होना चाहिए।
कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में शोध संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीकी एवं शोध आधारित कार्यों में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
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विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सतींदर बल गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं कॅरिअर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान आईपीआर जागरूकता, पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया, अकादमिक शोध को व्यावसायिक स्वरूप देने तथा नवाचार आधारित स्टार्टअप अवसरों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न पूछे।
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मुख्य वक्ता प्रोफेसर नन्हे सिंह ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व, नवाचार और शोध कार्यों की सुरक्षा, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क तथा स्टार्ट-अप एवं अनुसंधान में आईपीआर की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नवाचारों की सुरक्षा आवश्यक है तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध और तकनीकी विचारों को पेटेंट कराने के प्रति जागरूक होना चाहिए।
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कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में शोध संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने विद्यार्थियों को तकनीकी एवं शोध आधारित कार्यों में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
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विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सतींदर बल गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन एवं कॅरिअर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान आईपीआर जागरूकता, पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया, अकादमिक शोध को व्यावसायिक स्वरूप देने तथा नवाचार आधारित स्टार्टअप अवसरों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न पूछे।