{"_id":"686571cb64fcbb80af02f9e7","slug":"it-is-mandatory-for-pregnant-women-to-get-rch-id-rewari-news-c-198-1-rew1001-221958-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: गर्भवती के लिए आरसीएच आईडी बनवाना अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: गर्भवती के लिए आरसीएच आईडी बनवाना अनिवार्य
Wed, 02 Jul 2025 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) और मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) लागू किया है। इसमें हर गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। गर्भवती ने एएनएम या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास पंजीकरण नहीं करवाया तो अल्ट्रासाउंड करवाने में बाधा आ सकती है।
जिले में सभी केंद्रों पर आरसीएच पंजीकरण के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव ने बताया कि जिले में 10 सप्ताह से पहले गर्भवती महिलाएं आरसीएच आईडी जरूर बनवाएं, ताकि उनको स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने में कोई बांधा न आए।
जिले में एक अप्रैल से आरसीएच नंबर के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर किसी भी गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच करने पर केंद्र को नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए आईएमए और निजी केंद्रों को भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विभाग की ओर से जिले के सभी केंद्रों पर जाकर आरसीएच पंजीकरण के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही एमसीटीएस का पंजीकरण भी किया जा रहा है। इससे माता, शिशु के मृत्यु दर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
जो गर्भवती सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करवाती हैं। उनका पंजीकरण हो जाता है, लेकिन जो निजी अस्पताल में सलाह लेकर जांच करवाती हैं उनका पंजीकरण नहीं हो पाता। इसलिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। इससे माता, शिशु का पूरा डाटा जुटाने में आसानी होगी।
पंजीकरण के बाद विभाग के पास पूरी जानकारी होगी कि वर्ष भर में जिले में कितनी गर्भवती रहीं और जन्म लेने वाले शिशु की पूरी जानकारी होगी। पंजीकरण के बाद गर्भपात पर भी नियंत्रण होगा। जिले में पंजीकरण कार्य शुरू हो चुका है। इसलिए अगर कोई गर्भवती अल्ट्रासाउंड करवाना चाहती है तो आरसीएच पंजीकरण जरूर करवा लें।
-- -- -- -- -
क्या है आरसीएच पंजीकरण
नोडल अधिकारी के अनुसार आरसीएच पंजीकरण एक कार्ड के रूप में गर्भवती को दिया जाएगा। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होगी। अगर पहले से बच्चा है तो उसका रिकॉर्ड भी होगा। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। यह पंजीकरण प्रसव और पूर्ण टीकाकरण सेवाओं के लिए बच्चों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
-- -- -- --
अल्ट्रासाउंड के लिए जरूरी दस्तावेज
नोडल अधिकारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हर गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। चिकित्सक का रेफरेंस कार्ड, आधार कार्ड और आरसीएच नंबर बताने पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है।
-- -- -- -- -
आरसीएच पंजीकरण करने के लिए विभाग से आदेश मिले हैं। सभी केंद्रों को सूचित कर दिया गया है। केंद्रों की ट्रैकिंग की जा रही है। एक अप्रैल से पहले सभी केंद्रों का पंजीकरण कर दिया गया है। इसके बाद अगर कोई केंद्र आरसीएच पंजीकरण के बिना अल्ट्रासाउंड करेगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी, एनएचएम
विज्ञापन
जिले में सभी केंद्रों पर आरसीएच पंजीकरण के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव ने बताया कि जिले में 10 सप्ताह से पहले गर्भवती महिलाएं आरसीएच आईडी जरूर बनवाएं, ताकि उनको स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने में कोई बांधा न आए।
विज्ञापन
जिले में एक अप्रैल से आरसीएच नंबर के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर किसी भी गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच करने पर केंद्र को नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए आईएमए और निजी केंद्रों को भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विभाग की ओर से जिले के सभी केंद्रों पर जाकर आरसीएच पंजीकरण के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही एमसीटीएस का पंजीकरण भी किया जा रहा है। इससे माता, शिशु के मृत्यु दर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
जो गर्भवती सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करवाती हैं। उनका पंजीकरण हो जाता है, लेकिन जो निजी अस्पताल में सलाह लेकर जांच करवाती हैं उनका पंजीकरण नहीं हो पाता। इसलिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। इससे माता, शिशु का पूरा डाटा जुटाने में आसानी होगी।
पंजीकरण के बाद विभाग के पास पूरी जानकारी होगी कि वर्ष भर में जिले में कितनी गर्भवती रहीं और जन्म लेने वाले शिशु की पूरी जानकारी होगी। पंजीकरण के बाद गर्भपात पर भी नियंत्रण होगा। जिले में पंजीकरण कार्य शुरू हो चुका है। इसलिए अगर कोई गर्भवती अल्ट्रासाउंड करवाना चाहती है तो आरसीएच पंजीकरण जरूर करवा लें।
क्या है आरसीएच पंजीकरण
नोडल अधिकारी के अनुसार आरसीएच पंजीकरण एक कार्ड के रूप में गर्भवती को दिया जाएगा। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होगी। अगर पहले से बच्चा है तो उसका रिकॉर्ड भी होगा। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। यह पंजीकरण प्रसव और पूर्ण टीकाकरण सेवाओं के लिए बच्चों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
अल्ट्रासाउंड के लिए जरूरी दस्तावेज
नोडल अधिकारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हर गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। चिकित्सक का रेफरेंस कार्ड, आधार कार्ड और आरसीएच नंबर बताने पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है।
आरसीएच पंजीकरण करने के लिए विभाग से आदेश मिले हैं। सभी केंद्रों को सूचित कर दिया गया है। केंद्रों की ट्रैकिंग की जा रही है। एक अप्रैल से पहले सभी केंद्रों का पंजीकरण कर दिया गया है। इसके बाद अगर कोई केंद्र आरसीएच पंजीकरण के बिना अल्ट्रासाउंड करेगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी, एनएचएम