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Rewari News: ट्रक चोरी होने पर इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम देने से किया इनकार, आयोग ने लगाया 50 हजार जुर्माना
Tue, 20 Aug 2024 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Aug 2024 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गांव रतनथलबास में घर के सामने से ट्रक चोरी होने के मामले में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम निरस्त करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही शिकायतकर्ता को ट्रक की कीमत 16 लाख 75 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
गांव रतनथलबास निवासी मुकेश ने अपने ट्रक का इंश्योरेंस ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। ट्रक की कीमत 16 लाख 75 हजार रुपये इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अंकित की गई थी। इंश्योरेंस पॉलिसी 17 अगस्त 2021 से 16 अगस्त 2022 तक वैध थी। 15 व 16 दिसंबर 2021 की रात को मुकेश का ट्रक चोरी हो गया। मुकेश ने थाना कोसली में चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस को चोर का कोई पता नहीं चला तो अनट्रेस रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। ट्रक चोरी के मामले में क्लेम किया गया। इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम देने से मना कर दिया कि ट्रक सार्वजनिक स्थल पर खड़ा था जबकि उसे सुरक्षित स्थान पर पार्किंग में खड़ा करना चाहिए था।
क्लेम निरस्त होने पर 1 फरवरी 2023 को मुकेश ने जिला उपभोक्ता आयोग में क्लेम राशि दिलाने के लिए शिकायत पत्र दायर किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने संयुक्त निर्णय में लिखा कि इंश्योरेंस कंपनी का यह तर्क बिल्कुल गलत है कि सार्वजनिक स्थल पर खड़ा किया गया ट्रक अवैध पार्किंग के कारण चोरी हो गया। जबकि उन्होंने माना कि गांव में छोटी जगह होती है और रास्ते में ही घर के पास ही ट्रक खड़ा किया गया था। इसकी सूचना पुलिस को सूचना दी गई थी।
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उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को 16 लाख 75 हजार रुपये ट्रक की कीमत अदा करने का आदेश सुनाया। इसमें से 8 लाख 61 हजार 550 रुपये टाटा मोटर फाइनेंस कंपनी को अदा करने होंगे। यह राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिन में अदा करनी होगी। इसके साथ ही इंश्योरेंस कंपनी पर 50 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना व 10 हजार रुपये वाद खर्च के लिए जुर्माना भी लगाया है।
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रेवाड़ी। गांव रतनथलबास में घर के सामने से ट्रक चोरी होने के मामले में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम निरस्त करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही शिकायतकर्ता को ट्रक की कीमत 16 लाख 75 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
गांव रतनथलबास निवासी मुकेश ने अपने ट्रक का इंश्योरेंस ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। ट्रक की कीमत 16 लाख 75 हजार रुपये इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अंकित की गई थी। इंश्योरेंस पॉलिसी 17 अगस्त 2021 से 16 अगस्त 2022 तक वैध थी। 15 व 16 दिसंबर 2021 की रात को मुकेश का ट्रक चोरी हो गया। मुकेश ने थाना कोसली में चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस को चोर का कोई पता नहीं चला तो अनट्रेस रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। ट्रक चोरी के मामले में क्लेम किया गया। इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम देने से मना कर दिया कि ट्रक सार्वजनिक स्थल पर खड़ा था जबकि उसे सुरक्षित स्थान पर पार्किंग में खड़ा करना चाहिए था।
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क्लेम निरस्त होने पर 1 फरवरी 2023 को मुकेश ने जिला उपभोक्ता आयोग में क्लेम राशि दिलाने के लिए शिकायत पत्र दायर किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने संयुक्त निर्णय में लिखा कि इंश्योरेंस कंपनी का यह तर्क बिल्कुल गलत है कि सार्वजनिक स्थल पर खड़ा किया गया ट्रक अवैध पार्किंग के कारण चोरी हो गया। जबकि उन्होंने माना कि गांव में छोटी जगह होती है और रास्ते में ही घर के पास ही ट्रक खड़ा किया गया था। इसकी सूचना पुलिस को सूचना दी गई थी।
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उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को 16 लाख 75 हजार रुपये ट्रक की कीमत अदा करने का आदेश सुनाया। इसमें से 8 लाख 61 हजार 550 रुपये टाटा मोटर फाइनेंस कंपनी को अदा करने होंगे। यह राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिन में अदा करनी होगी। इसके साथ ही इंश्योरेंस कंपनी पर 50 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना व 10 हजार रुपये वाद खर्च के लिए जुर्माना भी लगाया है।