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आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ब्रांडिंग किसी भी संस्था की पहचान का आधार : निवेदिता
Tue, 24 Feb 2026 02:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:39 AM IST
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कार्यक्रम में भाग लेते शिक्षक व विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
रेवाड़ी। किशन लाल पब्लिक कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की तरफ से सेमिनार हॉल में ब्रांडफेस्ट एनालाइजिंग एंड सेलिब्रेटिंग ब्रांड्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभाग की प्राध्यापिका डॉ. ए निवेदिता ने विद्यार्थियों को ब्रांड की अवधारणा, मीडिया की भूमिका और आधुनिक विपणन तकनीकों के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ब्रांडिंग किसी भी संस्था या उत्पाद की पहचान का आधार बन चुकी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उपभोक्ता उत्पाद, ऑटोमोबाइल, फैशन और डिजिटल मीडिया से जुड़े विभिन्न प्रसिद्ध ब्रांडों पर शोध आधारित प्रस्तुतियां दीं।
उन्होंने ब्रांड पहचान, लोगो, विज्ञापन अभियानों, जनसंपर्क रणनीतियों और उपभोक्ता मनोविज्ञान के संदर्भ में विश्लेषण प्रस्तुत किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख शिक्षा प्रदान करते हैं और उनके आत्मविश्वास व संप्रेषण क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं।
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विभाग की कॉर्डिनेटर डॉ. ऋचा शर्मा ने कहा कि ब्रांड आज केवल उत्पाद नहीं, बल्कि विश्वास और पहचान का प्रतीक हैं।कार्यक्रम के दौरान 10 मार्च को आयोजित होने वाली कार्यशाला का ई-पोस्टर भी जारी किया गया।
आयोजन में डॉ. मंजु गर्ग, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. पारूल मित्तल एवं डॉ. संजय शर्मा के साथ-साथ डॉ. दिव्या बत्रा का योगदान रहा।
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उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ब्रांडिंग किसी भी संस्था या उत्पाद की पहचान का आधार बन चुकी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उपभोक्ता उत्पाद, ऑटोमोबाइल, फैशन और डिजिटल मीडिया से जुड़े विभिन्न प्रसिद्ध ब्रांडों पर शोध आधारित प्रस्तुतियां दीं।
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उन्होंने ब्रांड पहचान, लोगो, विज्ञापन अभियानों, जनसंपर्क रणनीतियों और उपभोक्ता मनोविज्ञान के संदर्भ में विश्लेषण प्रस्तुत किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख शिक्षा प्रदान करते हैं और उनके आत्मविश्वास व संप्रेषण क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं।
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विभाग की कॉर्डिनेटर डॉ. ऋचा शर्मा ने कहा कि ब्रांड आज केवल उत्पाद नहीं, बल्कि विश्वास और पहचान का प्रतीक हैं।कार्यक्रम के दौरान 10 मार्च को आयोजित होने वाली कार्यशाला का ई-पोस्टर भी जारी किया गया।
आयोजन में डॉ. मंजु गर्ग, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. पारूल मित्तल एवं डॉ. संजय शर्मा के साथ-साथ डॉ. दिव्या बत्रा का योगदान रहा।