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तापमान गिरा तो खेड़ा बॉर्डर पर बढ़ी किसानों की संख्या

Sun, 13 Jun 2021 10:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:36 PM IST
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If the temperature dropped, the number of farmers increased at the strike site
रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। रविवार को यहां किसानों के आंदोलन का 181 वां दिन था। तापमान में गिरावट होने के साथ ही धरनास्थल पर काफी किसान इकट्ठा हुए। किसानों ने कहा कि हरियाणा सरकार किसी भी सूरत में किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को खराब करना चाहती है। लेकिन किसान सरकार के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे।
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बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों से यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। हाईवे बंद होने से आसपास के संपर्क सड़कों से निकलने वाले मालवाहक वाहनों के कारण सड़कों की जर्जर हालत हो गई है।
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रविवार को किसानों को संबोधित करते हुए रामकिशन महलावत, रणजीत सिंह राजू, अमराराम, राजाराम मील व डॉ. संजय माधव ने कहा कि केंद्र सरकार की शह पर हरियाणा सरकार लगातार किसान आंदोलन को न केवल बदनाम करना चाहती है, बल्कि साजिशों की आड़ में आंदोलन को खत्म कराना चाहती है। लेकिन देश का किसान व अन्य वर्गों के लोग भाजपा सरकार की नीयत व नीति को अच्छी तरह से समझ चुके हैं। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों का ही परिणाम था कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विस चुनावों में इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। जबकि भाजपा ने वहां हर औछे हथकंडे अपनाए थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिद व झूठी शान के कारण तीनों कृषि कानूनों को रद्द नहीं कर रही है। लेकिन अब देश का किसान केंद्र सरकार की असलियत को जान चुका है। ये तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवाए इन्हें रद्द कर देना चाहिए। आज देश किसानों के साथ मजबूती से खड़ा हुआ है। यही कारण है कि देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस अवसर पर ईश्वर महलावत, नवीन कुमार, बच्चू सिंह, किशन प्राणपुरा, अमर नेहरा व त्रिलोक सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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