{"_id":"62a0e46300dfa060a948b630","slug":"if-the-mercury-rises-then-the-electricity-consumption-in-the-district-has-increased-rewari-news-rtk649011749","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा चढ़ा तो फिर बढ़ी जिले में बिजली खपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा चढ़ा तो फिर बढ़ी जिले में बिजली खपत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में पारा एक बार फिर चढ़ने के बाद अचानक बिजली खपत बढ़ गई है। मंगलवार को बिजली खपत का सर्वाधिक बिजली खपत का रिकॉर्ड 79 लाख यूनिट रिकॉर्ड किया गया। चालू गर्मी सीजन की यह सर्वाधिक खपत है। इससे पहले 2 और 4 जून को 77 - 77 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की जा चुकी है।
बता दें, इन दिनों जिले में पारा 45 डिग्री को छू रहा है। मंगलवार को 44.6 डिग्री था जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री जबकि न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी बढ़ी तो इसका असर बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। सुबह नौ बजे ही बाजार में पहुंच गए। अधिकांश दुकानों में ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहक खरीददारी करते दिखाई दिए। गर्मी बढ़ने का असर दुकानदारों पर भी पड़ा। शहर में कई जगहों पर मीठे पानी की छबील लगाई गई, जहां लोग अपनी प्यास बुझाते हुए नजर आए।
बुधवार को बिजली खपत बढ़ने का असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी महसूस किया गया। सुबह दस बजे के बाद से देर शाम पांच बजे तक शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति में कटौती के साथ कम वोल्टेज की बिजली आने की जानकारी भी लोगों से मिली है। हालांकि मौसम में बदलाव और बारिश होने के बाद अप्रैल माह की तुलना में मई में बिजली कट कम लगे। बुधवार को सेक्टर एक, तीन और मॉडल टाउन में कम वोल्टेज की बिजली आने की वजह से एसी और कूलरों ने काम करना छोड़ दिया। बिजली के कई बार आने - जाने से बिजली चलित उपकरण खराब होने की बात भी लोगों ने कही है। हालांकि बिजली निगम के अधिकारी बिजली कटौती की बात को सिरे से नकार रहे हैं मगर बिजली के कम वोल्टेज की वजह से ट्रांसफार्मर में कोई तकनीकी खराबी होना बता रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले साल का रिकॉर्ड अभी नहीं टूटा
बता दें, पिछले साल का सर्वाधिक बिजली खपत का रिकॉर्ड 80 लाख यूनिट अभी कायम है। चालू साल जून माह में अब तक तेज गर्मी पड़ने के बाद भी यह टूट नहीं पाया। पिछले साल का यह रिकार्ड निगम के संसाधनों को नानी याद दिलाने वाला था, जिसके दौरान काफी अघोषित कट लगे और ट्रांसफार्मर ओवर लोड रहे। अप्रैल माह में निगम ने अपने संसाधनों, जैसे बिजली आपूर्ति लाइनों और ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम किया मगर वह अधूरा महसूस होता है क्योंकि अब भी लगातार शिकायतें आ रही हैं।
बीते कुछ दिनों की बिजली खपत
- 2 जून को 74 लाख यूनिट
- 3 जून को 77 लाख यूनिट
- 4 जून को 77 लाख यूनिट
- 5 जून को 73 लाख यूनिट
- 6 जून को 75 लाख यूनिट
- 7 जून को 79 लाख यूनिट
निगम अपने उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रयास कर रहा है। पिछले साल अधिक बिजली खपत हुई, जिसकी एक वजह मौसम है। इस बार मौसम में बदलाव के बाद कुछ खपत कम हुई है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। बिजली कटौती बहुत कम हुई है। कुछ ट्रांसफार्मरों पर यह समस्या लोड की अधिकता की वजह से हो सकती है, जांच कराएंगे।
- एमएल रोहिल्ला, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।
विज्ञापन
बता दें, इन दिनों जिले में पारा 45 डिग्री को छू रहा है। मंगलवार को 44.6 डिग्री था जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री जबकि न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी बढ़ी तो इसका असर बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। सुबह नौ बजे ही बाजार में पहुंच गए। अधिकांश दुकानों में ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहक खरीददारी करते दिखाई दिए। गर्मी बढ़ने का असर दुकानदारों पर भी पड़ा। शहर में कई जगहों पर मीठे पानी की छबील लगाई गई, जहां लोग अपनी प्यास बुझाते हुए नजर आए।
विज्ञापन
बुधवार को बिजली खपत बढ़ने का असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी महसूस किया गया। सुबह दस बजे के बाद से देर शाम पांच बजे तक शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति में कटौती के साथ कम वोल्टेज की बिजली आने की जानकारी भी लोगों से मिली है। हालांकि मौसम में बदलाव और बारिश होने के बाद अप्रैल माह की तुलना में मई में बिजली कट कम लगे। बुधवार को सेक्टर एक, तीन और मॉडल टाउन में कम वोल्टेज की बिजली आने की वजह से एसी और कूलरों ने काम करना छोड़ दिया। बिजली के कई बार आने - जाने से बिजली चलित उपकरण खराब होने की बात भी लोगों ने कही है। हालांकि बिजली निगम के अधिकारी बिजली कटौती की बात को सिरे से नकार रहे हैं मगर बिजली के कम वोल्टेज की वजह से ट्रांसफार्मर में कोई तकनीकी खराबी होना बता रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले साल का रिकॉर्ड अभी नहीं टूटा
बता दें, पिछले साल का सर्वाधिक बिजली खपत का रिकॉर्ड 80 लाख यूनिट अभी कायम है। चालू साल जून माह में अब तक तेज गर्मी पड़ने के बाद भी यह टूट नहीं पाया। पिछले साल का यह रिकार्ड निगम के संसाधनों को नानी याद दिलाने वाला था, जिसके दौरान काफी अघोषित कट लगे और ट्रांसफार्मर ओवर लोड रहे। अप्रैल माह में निगम ने अपने संसाधनों, जैसे बिजली आपूर्ति लाइनों और ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम किया मगर वह अधूरा महसूस होता है क्योंकि अब भी लगातार शिकायतें आ रही हैं।
बीते कुछ दिनों की बिजली खपत
- 2 जून को 74 लाख यूनिट
- 3 जून को 77 लाख यूनिट
- 4 जून को 77 लाख यूनिट
- 5 जून को 73 लाख यूनिट
- 6 जून को 75 लाख यूनिट
- 7 जून को 79 लाख यूनिट
निगम अपने उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रयास कर रहा है। पिछले साल अधिक बिजली खपत हुई, जिसकी एक वजह मौसम है। इस बार मौसम में बदलाव के बाद कुछ खपत कम हुई है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। बिजली कटौती बहुत कम हुई है। कुछ ट्रांसफार्मरों पर यह समस्या लोड की अधिकता की वजह से हो सकती है, जांच कराएंगे।
- एमएल रोहिल्ला, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।