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Rewari News: किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा प्रदर्शन
Tue, 09 Sep 2025 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:22 AM IST
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रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढूनी का शिष्टमंडल सोमवार को डीसी अभिषेक मीणा से मिला और ज्ञापन सौंपा। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर 12 सितंबर तक प्रशासन ने मांगों को पूरा नहीं किया तो किसान और मजदूर डीसी गेट के सामने प्रदर्शन करेंगे।
इससे पहले हुई बैठक में यूनियन के प्रधान समय सिंह ने बताया कि 2024-25 में जिले के लगभग 80-90 गांवों में ओले पड़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। नुकसान का आंकड़ा यूनियन के अनुसार 222 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जबकि सरकार ने केवल 19 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया।
उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों के नुकसान का केवल 0 से 24 प्रतिशत तक का आंकड़ा मान्यता दिया, जबकि वास्तविक नुकसान 70 से 100 प्रतिशत तक था। इस मामले में यूनियन कई बार ज्ञापन दे चुकी है और मीटिंग भी कर चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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समय सिंह ने कहा कि 2023 का भावांतर का भुगतान भी लगभग 80 हजार एकड़ किसानों को नहीं मिला। बाजरे की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और किसानों ने इसे घर पर रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने मांग की कि 9वें महीने की 20 तारीख तक बाजरे की खरीद शुरू की जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर 12 सितंबर तक प्रशासन ने इस ज्ञापन पर अमल नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी के किसान और मजदूर डीसी गेट के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, बाबूलाल, राजकुमार, बाबूलाल कालका, शीशराम साहब, अशोक कुमार लोहाना, अशोक नंबरदार, डॉक्टर सुजान टीट, वेद सुल्तानिया, ओपी लोहाना सहित कई किसान नेता मौजूद थे।
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इससे पहले हुई बैठक में यूनियन के प्रधान समय सिंह ने बताया कि 2024-25 में जिले के लगभग 80-90 गांवों में ओले पड़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। नुकसान का आंकड़ा यूनियन के अनुसार 222 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जबकि सरकार ने केवल 19 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया।
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उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों के नुकसान का केवल 0 से 24 प्रतिशत तक का आंकड़ा मान्यता दिया, जबकि वास्तविक नुकसान 70 से 100 प्रतिशत तक था। इस मामले में यूनियन कई बार ज्ञापन दे चुकी है और मीटिंग भी कर चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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समय सिंह ने कहा कि 2023 का भावांतर का भुगतान भी लगभग 80 हजार एकड़ किसानों को नहीं मिला। बाजरे की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और किसानों ने इसे घर पर रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने मांग की कि 9वें महीने की 20 तारीख तक बाजरे की खरीद शुरू की जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर 12 सितंबर तक प्रशासन ने इस ज्ञापन पर अमल नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी के किसान और मजदूर डीसी गेट के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, बाबूलाल, राजकुमार, बाबूलाल कालका, शीशराम साहब, अशोक कुमार लोहाना, अशोक नंबरदार, डॉक्टर सुजान टीट, वेद सुल्तानिया, ओपी लोहाना सहित कई किसान नेता मौजूद थे।