रेवाड़ी। बस स्टैंड पर मंगलवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों की 24 घंटे की भूख हड़ताल महाप्रबंधक प्रदीप अहलावत को महानिदेशक के नाम ज्ञापन देने के बाद समाप्त हुई। वहीं, उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों का जल्द से जल्द समाधान करें, अन्यथा रोडवेज कर्मचारी 8 जून को अंबाला छावनी में परिवहन आवास तक न्याय मार्च निकालेंगे। भूख हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य पूर्व प्रधान बीर सिंह यादव, पूर्व प्रधान कैलाश चंद गुर्जर और देवेंद्र तिवाड़ी आदि नेताओं ने बताया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर लागू करने का आश्वासन समय- समय पर देती आ रही हैं, लेकिन उन्हें लागू नहीं कर रही हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। सरकार न तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं और ना ही विभाग में कर्मचारियों की भर्ती कर रही हैं। जिससे बसों की मरम्मत करना,साफ सफाई व आम जनता परिवहन सुविधा देने में परेशानी आ रही हैं। सरकार बिना किसी की मांग के 362 मार्गों पर प्राइवेट बस परमिट देने की योजना बना रही। पूर्व में चल रही परिवहन समिति के सेवा परिणाम आम जनता के सामने हैं। सरकार की ओर से घाटे का सौदा इलेक्ट्रिक बसे महंगी दरों पर ठेके पर ली गई हैं। जिसमे सरकार द्वारा दी जाने वाले फ्री व रियाती दरों पर मिलने वाली किसी भी प्रकार की सुविधा लागू नहीं हैं। निम्न मांगों पर 17 जुलाई 2024 को बनी थी सहमति परिचालक व चालकों की पे ग्रेड की वेतन वेतनमान के वेतन विंगति दूर करना, चालक व परिचालकों को रात्रि ठहराव एक माह में 25 देना, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को एक वर्ष में 30 देय अर्जित अवकाश देना, 2002 के भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करना, चालकों के लिए अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके प्रमोशन देने, विभाग में जोखिम भरी ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना, कर्मशाला में 2018 में लगे ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से अलग करके उन्हें रिक्त तकनीकी पदों पर प्रमोशन देने है।