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ऐसे कैसे टूटेगी संक्रमण की चेन, पॉजिटिव मिले मरीज छुपा रहे कॉन्टेक्ट हिस्ट्री
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कैप्शन नं.22 रेवाड़ी। कंटेनमेंट जोन में तैनात पुलिसकर्मी
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। 9 मई को शहर के सेक्टर-4 में कापसहेड़ा से आई महिला सहित तीन पॉजिटिव केस पाए जाने के बाद से पॉजटिव पाए गए पुलिस कर्मी व दिल्ली से आये एक युवक की ओर से कॉन्टेक्ट हिस्ट्री छिपाने की बात सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो इन लोगों की ओर से हिस्ट्री छुपाने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहीं कारण है कि वीरवार को पुलिस की ओर से सख्ती की गई तो खटावली निवासी दिल्ली पुलिसकर्मी के संपर्क में 53 लोगों के आने का खुलासा हुआ, वहीं बुधवार को रतनथल में पॉजिटिव पाए गए युवक के भी 26 से अधिक लोग संपर्क में आ चुके थे, इस युवक से भी सख्ती से पूछताछ करने के बाद यह बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी के सैंपल लेने के बाद जांच के लिए पीजीआई भेज दिए गए हैं। वहीं मुरलीपुर निवासी व गुरुग्राम पुलिस में तैनात पुलिसकर्मी के संपर्क में भी 12 लोग आए थे। वहीं एक राहत की बात ये है कि सेक्टर-4 निवासी महिला के संपर्क में आए सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है।
संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए संपर्क में आए लोगों की जांच जरूरी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 1958 सैंपल लिए गए हैं। छह कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 1816 की रिपोर्ट निगेटिव आई है तथा बाकि 136 सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिले में 1847 होम क्वारंटीन हैं, जो देश व विदेश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं। सभी मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित पाए गए मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान बेहद जरूरी है। संक्रमण फैलने से रोकने का यही एक मात्र उपाय है। 65 वर्ष से अधिक आयु, गर्भवती महिलाएं और दस वर्ष तक की आयु के बच्चों को घर में ही रहना चाहिए ताकि कोरोना के संक्रमण से बचाव रहे।
जिले के चौथे कंटेनमेंट जोन रतनथल सहित पांच गांव सील
जिले के गांव रतनथल, भैरमपुर, बास, उष्मापुर, कन्हौरा व हासावास कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। इसके अलावा 21 गांवों को बफर जोन में शामिल किया गया है। उपमंडल कोसली के इन गांवों को कंटेनेमेंट जोन घोषित किया गया है। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कंटेनेमेंट जोन को पूरी तरह सील करने के आदेश दिए गए हैं ताकि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। कंटेनमेंट जोन को पूरी तरह सैनिटाइज करने, सभी संभावित के सैंपल लेने, आईएलआई खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि के मरीजों के सैंपल लेने, डोट टू डोर थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कंटेनमेंट जोन में मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए सभी उपायों को अमल में लाने के आदेश दिए गए हैं।
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ये गांव किए गए हैं बफर जोन में शामिल
कोरोना वायरस के संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए एहतियात के तौर पर कन्हौरी, सुर्खपुर, जखाला, मुबारिकपुर, गादला, गुरावड़ा, मालियाकी, जीवड़ा, पाल्हावास, चांदनवास, पैहराजवास, सैदपुर, कुतुबपुरी, सुर्खपुर टप्पा कोसली, शादीपुर, अहमदपुर पड़तल, गुड़ियानी, भूरियावास, कान्हड़वास, मुंदड़ा व सुमा खेड़ा गांव बफर जोन में शामिल किए गए हैं। कंटेनेमेंट व बफर जोन के ओवरऑल प्रभारी अधिकारी एसडीएम कोसली कुशल कटारिया होंगे।
नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
कंटेनेमेंट व बफर जोन में नियमों की अवहेलना करने का आरोपी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दंड का भागी होगा। जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं हैं, सभी सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाडइलाइन की पालना करें। संपर्क हिस्ट्री छुपाने पर जिलाधीश ने कहा कि लोगों को खुद आगे से बताना चाहिए, यदि संपर्क हिस्ट्री छुपाएंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
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संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए संपर्क में आए लोगों की जांच जरूरी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक 1958 सैंपल लिए गए हैं। छह कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 1816 की रिपोर्ट निगेटिव आई है तथा बाकि 136 सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। जिले में 1847 होम क्वारंटीन हैं, जो देश व विदेश के अन्य हिस्सों से यात्रा करके आए हैं। सभी मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित पाए गए मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान बेहद जरूरी है। संक्रमण फैलने से रोकने का यही एक मात्र उपाय है। 65 वर्ष से अधिक आयु, गर्भवती महिलाएं और दस वर्ष तक की आयु के बच्चों को घर में ही रहना चाहिए ताकि कोरोना के संक्रमण से बचाव रहे।
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जिले के चौथे कंटेनमेंट जोन रतनथल सहित पांच गांव सील
जिले के गांव रतनथल, भैरमपुर, बास, उष्मापुर, कन्हौरा व हासावास कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। इसके अलावा 21 गांवों को बफर जोन में शामिल किया गया है। उपमंडल कोसली के इन गांवों को कंटेनेमेंट जोन घोषित किया गया है। कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कंटेनेमेंट जोन को पूरी तरह सील करने के आदेश दिए गए हैं ताकि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। कंटेनमेंट जोन को पूरी तरह सैनिटाइज करने, सभी संभावित के सैंपल लेने, आईएलआई खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि के मरीजों के सैंपल लेने, डोट टू डोर थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कंटेनमेंट जोन में मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए सभी उपायों को अमल में लाने के आदेश दिए गए हैं।
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ये गांव किए गए हैं बफर जोन में शामिल
कोरोना वायरस के संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए एहतियात के तौर पर कन्हौरी, सुर्खपुर, जखाला, मुबारिकपुर, गादला, गुरावड़ा, मालियाकी, जीवड़ा, पाल्हावास, चांदनवास, पैहराजवास, सैदपुर, कुतुबपुरी, सुर्खपुर टप्पा कोसली, शादीपुर, अहमदपुर पड़तल, गुड़ियानी, भूरियावास, कान्हड़वास, मुंदड़ा व सुमा खेड़ा गांव बफर जोन में शामिल किए गए हैं। कंटेनेमेंट व बफर जोन के ओवरऑल प्रभारी अधिकारी एसडीएम कोसली कुशल कटारिया होंगे।
नियमों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
कंटेनेमेंट व बफर जोन में नियमों की अवहेलना करने का आरोपी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दंड का भागी होगा। जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं हैं, सभी सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाडइलाइन की पालना करें। संपर्क हिस्ट्री छुपाने पर जिलाधीश ने कहा कि लोगों को खुद आगे से बताना चाहिए, यदि संपर्क हिस्ट्री छुपाएंगे तो कार्रवाई की जाएगी।