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Rewari News: हनी और राधिका के मॉडल को मिला पहला स्थान
Wed, 25 Feb 2026 10:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:32 PM IST
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सम्मानित होने पर खुशी जाहिर करतीं छात्राएं। स्रोत : कॉलेज
रेवाड़ी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर अहीर महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की तरफ से वेस्ट टू वेल्थ विषय पर मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्य आकर्षण प्लास्टिक वेस्ट से सड़क निर्माण का मॉडल रहा।
बीएससी फाइनल ईयर की हनी और राधिका ने नवाचारी मॉडल के माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने प्रदर्शित किया कि प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस कर उसे डामर के साथ मिलाकर सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है। इससे एक ओर जहां प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या कम होगी, वहीं सड़कों की मजबूती बढ़ेगी।
प्राचार्य डॉ. उर्मिला शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों को प्रयोगधर्मी बनाती हैं और उन्हें समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और युवा पीढ़ी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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रसायन विज्ञान विभाग की प्रभारी रेनू यादव ने कहा कि वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कहा कि प्लास्टिक वेस्ट का सड़क निर्माण में उपयोग पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। निर्णायक मंडल में डॉ. नवीन तवर, डॉ. कविता यादव और साक्षी यादव शामिल रहे।
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बीएससी फाइनल ईयर की हनी और राधिका ने नवाचारी मॉडल के माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने प्रदर्शित किया कि प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस कर उसे डामर के साथ मिलाकर सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है। इससे एक ओर जहां प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या कम होगी, वहीं सड़कों की मजबूती बढ़ेगी।
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प्राचार्य डॉ. उर्मिला शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों को प्रयोगधर्मी बनाती हैं और उन्हें समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और युवा पीढ़ी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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रसायन विज्ञान विभाग की प्रभारी रेनू यादव ने कहा कि वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कहा कि प्लास्टिक वेस्ट का सड़क निर्माण में उपयोग पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। निर्णायक मंडल में डॉ. नवीन तवर, डॉ. कविता यादव और साक्षी यादव शामिल रहे।