रेवाड़ी। देश के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले जवानों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। भारत माता के इन शहीदों के जाने का गम हमेशा प्रत्येक भारतवासी को रहेगा है। सूबेदार मेजर शमशेर सिंह के बलिदान को इतिहास याद रखेगा। उक्त बातें सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहीं हैं। वे रविवार को गांव बास रतनथाल पहुंचे थे, यहां लेह-लद्दाख में शहीद हुए सूबेदार मेजर शमशेर सिंह के आवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।
इस मौके पर सांसद ने कहा कि देश की रक्षा में तैनात जवानों के चलते ही आज हम चैन से सोते हैं, भारत मां के प्रत्येक सपूत पर हमें गर्व है। दो जनवरी की रात को लेह लद्दाख के तागसे में तैनात सूबेदार मेजर शमशेर सिंह अंगीठी ब्लास्ट में घायल हो गए थे और वह स्वयं घायल होने के बाद अपने साथी जवानों को बचाने में कामयाब हो गए थे, सूबेदार मेजर को गंभीर हालत में आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उनका निधन हो गया था। सूबेदार मेजर शमशेर सिंह के पिता भवानी सिंह भी सेना में रहे और कैप्टन पद पर से सेवानिवृत्त हैं। सांसद ने गांव बास रतनथाल से पालावास के मार्ग का नाम शहीद शमशेर सिंह के नाम पर करने के लिए उपायुक्त रेवाड़ी से संपर्क किया। सांसद ने कहा कि मार्ग का नाम शहीद शमशेर सिंह रखा जाएगा।