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Rewari News: लद्दाख में उच्च न्यायालय की खंडपीठ का स्वागत, पंजाब-हरियाणा में भी मांग
Sat, 29 Aug 2026 11:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:17 PM IST
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रेवाड़ी। न्याय आपके द्वार अभियान के संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चौहान ने लद्दाख क्षेत्र में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है।
नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के दक्षिणी छोर फिरोजपुर झिरका से चंडीगढ़ की दूरी करीब 385 किलोमीटर है। इसी प्रकार पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी छोर फाजिल्का से चंडीगढ़ की दूरी करीब 320 किलोमीटर है।
इतनी अधिक दूरी के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को उच्च न्यायालय संबंधी मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लद्दाख की तर्ज पर हरियाणा और पंजाब के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी न्याय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दोनों राज्यों में उपयुक्त स्थानों पर उच्च न्यायालय की एक-एक खंडपीठ स्थापित की जानी चाहिए।
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ज्ञापन में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 36 के प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इस मांग को लेकर पिछले 26 वर्षों से लगातार पैरवी की जा रही है। अभियान ने प्रधानमंत्री से जनहित में दोनों राज्यों में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना को जल्द मंजूरी दिलाने की मांग की है।
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नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के दक्षिणी छोर फिरोजपुर झिरका से चंडीगढ़ की दूरी करीब 385 किलोमीटर है। इसी प्रकार पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी छोर फाजिल्का से चंडीगढ़ की दूरी करीब 320 किलोमीटर है।
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इतनी अधिक दूरी के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को उच्च न्यायालय संबंधी मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लद्दाख की तर्ज पर हरियाणा और पंजाब के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी न्याय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दोनों राज्यों में उपयुक्त स्थानों पर उच्च न्यायालय की एक-एक खंडपीठ स्थापित की जानी चाहिए।
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ज्ञापन में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 36 के प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इस मांग को लेकर पिछले 26 वर्षों से लगातार पैरवी की जा रही है। अभियान ने प्रधानमंत्री से जनहित में दोनों राज्यों में उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना को जल्द मंजूरी दिलाने की मांग की है।