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अब गरीब भी करा सकेंगे थेरेपी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:51 AM IST
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डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
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अभी तक चेहरे या शरीर के किसी अंग की थैरेपी कराना अमीरों का शौक माना जाता था। लेकिन अब गरीब भी इसका लाभ उठा सकेंगे। रेवाड़ी में प्रदेश का पहला प्लेटरिच प्लाज्मा थेरेपी सेंटर खोला जा रहा है। इससे मरीज केवल अस्पताल में पांच रुपये की पर्ची कटाकर इसका लाभ ले सकेंगे।
चेहरे पर झुर्रियां आना, स्किन खराब होना आदि मनुष्य आयु का फर्क देखकर संतोष कर लेता है। लेकिन अमीर लोग पैसे के बल पर इसका निदान कर लेते हैं, लेकिन रेवाड़ी में इसका सेटर खोलने का निर्णय हुआ। यहां एक सितंबर से प्लेटरिच प्लाज्मा थेरेपी सेंटर खोला जाएगा।
ओपीडी के बाद होगा काम
दरअसल प्लेटरिच प्लाज्मा थैरेपी एक टाइम कंज्यूमिंग इलाज है। इसमें समय बहुत अधिक लगता है। इसी कारण सरकारी अस्पताल इसे शुरू करने से बचते हैं। लेकिन रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल के प्रदेश के पहले सरकारी अस्पताल के तौर पर इसे शुरू करने का निर्णय किया है। इसका काम ओपीडी के बाद होगा। स्किन के विशेषज्ञ ओपीडी निपटाकर इस कार्य को करेंगे। जिससे मरीजों को लाभ होगा।
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निजी अस्पताल लेते हैं आठ से दस हजार रुपये
निजी अस्पताल इस कार्य को करने के लिए आठ से दस हजार रुपये तक ऐंठ लेते हैं। लेकिन नागरिक अस्पताल में यह काम केवल पांच रुपये की पर्ची कटाकर दिया जाएगा।
ऐसे होगा ट्रीटमेंट
सबसे पहले मरीज के सभी टेस्ट कराए जाएंगे, जिनमें ब्लड, शुगर, बीपी सहित सभी जांचें होंगी। अगर उसमें कोई बीमारी नहीं पाई जाती तो उसे आगामी तिथि दे दी जाएगी। इसमें उसे बुलाकर उसका ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य में एक मरीज पर जांच के बाद एक से डेढ़ घंटे का समय लगेगा।
ऐसे करेगा काम
सर्जरी करने वाले मरीज का 30 एमएल ब्लड लिया जाएगा। उसे सैंट्रीफ्यूज किया जाएगा। इसमें से आरबीसी हटा दी जाएगी। फिर 15 एमएल ब्लड बचेगा। इसे 15 एमएल को फिर सैंट्रीफ्यूज किया जाएगा। अब यह केवल पांच एमएल बचेगा। फिर इसे डिफ्यूज किया जाएगा तो केवल चार एमएल प्लाज्मा बचेगा। इसे लगाकर सर्जरी कर दी जाएगी।
एक सितंबर से होगा शुरू
अस्पताल में एक सितंबर से लेटरिच प्लाज्मा थेरेपी सैंटर खोला जाएगा। इसके बाद मरीजों को थैरेपी कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह पूरे प्रदेश में रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल के तौर पर पहला प्रयोग है।
- डॉ. मनोज यादव, स्किन रोग विशेषज्ञ, रेवाड़ी
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चेहरे पर झुर्रियां आना, स्किन खराब होना आदि मनुष्य आयु का फर्क देखकर संतोष कर लेता है। लेकिन अमीर लोग पैसे के बल पर इसका निदान कर लेते हैं, लेकिन रेवाड़ी में इसका सेटर खोलने का निर्णय हुआ। यहां एक सितंबर से प्लेटरिच प्लाज्मा थेरेपी सेंटर खोला जाएगा।
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ओपीडी के बाद होगा काम
दरअसल प्लेटरिच प्लाज्मा थैरेपी एक टाइम कंज्यूमिंग इलाज है। इसमें समय बहुत अधिक लगता है। इसी कारण सरकारी अस्पताल इसे शुरू करने से बचते हैं। लेकिन रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल के प्रदेश के पहले सरकारी अस्पताल के तौर पर इसे शुरू करने का निर्णय किया है। इसका काम ओपीडी के बाद होगा। स्किन के विशेषज्ञ ओपीडी निपटाकर इस कार्य को करेंगे। जिससे मरीजों को लाभ होगा।
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निजी अस्पताल लेते हैं आठ से दस हजार रुपये
निजी अस्पताल इस कार्य को करने के लिए आठ से दस हजार रुपये तक ऐंठ लेते हैं। लेकिन नागरिक अस्पताल में यह काम केवल पांच रुपये की पर्ची कटाकर दिया जाएगा।
ऐसे होगा ट्रीटमेंट
सबसे पहले मरीज के सभी टेस्ट कराए जाएंगे, जिनमें ब्लड, शुगर, बीपी सहित सभी जांचें होंगी। अगर उसमें कोई बीमारी नहीं पाई जाती तो उसे आगामी तिथि दे दी जाएगी। इसमें उसे बुलाकर उसका ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य में एक मरीज पर जांच के बाद एक से डेढ़ घंटे का समय लगेगा।
ऐसे करेगा काम
सर्जरी करने वाले मरीज का 30 एमएल ब्लड लिया जाएगा। उसे सैंट्रीफ्यूज किया जाएगा। इसमें से आरबीसी हटा दी जाएगी। फिर 15 एमएल ब्लड बचेगा। इसे 15 एमएल को फिर सैंट्रीफ्यूज किया जाएगा। अब यह केवल पांच एमएल बचेगा। फिर इसे डिफ्यूज किया जाएगा तो केवल चार एमएल प्लाज्मा बचेगा। इसे लगाकर सर्जरी कर दी जाएगी।
एक सितंबर से होगा शुरू
अस्पताल में एक सितंबर से लेटरिच प्लाज्मा थेरेपी सैंटर खोला जाएगा। इसके बाद मरीजों को थैरेपी कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह पूरे प्रदेश में रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल के तौर पर पहला प्रयोग है।
- डॉ. मनोज यादव, स्किन रोग विशेषज्ञ, रेवाड़ी