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जिले चिकनगुनिया ने दी दस्तक, पहला कंफर्म आया सामने.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:56 AM IST
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बीमारियों की दस्तक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तमाम आशंकाओं के बाद जिले में वीरवार को चिकनगुनिया का पहला कंफर्म मरीज सामने आया। वहीं मलेरिया केसों की संख्या सात से बढ़कर ग्यारह एवं डेंगू केसों की संख्या 9 से पंद्रह तक पहुंच गई है। हालांकि डेगू के पंद्रह केसों में से एक केस ही एलाइजा टेस्ट के बाद कंफर्म पाया गया है। वहीं जिले में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार सुबह छह बजे सेे लेकर देर शाम तक फॉगिंग कराई गई।
जानकारी के अनुसार वीरवार को नाहड़ ब्लॉक के गढ़ी गांव के एक व्यक्ति ने चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। यह तीन दिन पहले यह बुखार होने पर अस्पताल में भर्ती हुआ था। इसकी वीरवार को रिपोर्ट में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। डाक्टरों के मुताबिक सितंबर के अंतिम एवं अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में डेंगू,मलेरिया एवं चिकनगुनिया फैलने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।
यही कारण है कि वायरल के साथ इन दिनों में इन बुखारों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल के सभी कर्मचारियों को हाई हलर्ट पर रखते हुए छुट्टियां रद्द कर दी है। इसी का परिणाम है कि स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को तत्परता जिले के अनेक हिस्सों में फोगिंग कराई।
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गंदगी एवं खुला पानी सबसे बड़ा खतरा
डेंगू पनपने के लिए जहां साफ पानी से ज्यादा मुफीद माना जाता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि इन दिनों में गमले में पानी तक देने में पहरेज करें। इसी के साथ जो लोग गलियों में अंधाधुंध पानी बर्बाद करते रहते हैं,उनको भी ऐसा करने से बचना चाहिए। इसी के साथ आसपास फैला कूड़ा-करकट भी मच्छरों के पनपने के लिए उपयुक्त जगह है। यदि जिले के लोगों को जानलेवा बुखारों से बचना है तो साफ सफाई के साथ गंदे एवं साफ पानी के भराव को रोकना होगा।
नोटिस नहीं सीधे होगा चालान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गांव हो या शहर कहीं पर यदि खुला पानी पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति का दो हजार का चालान किया जाएगा। यदि किसी के आसपास पानी भरा हुआ है तो वह विभाग को सूचित कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब लोगों को नोटिस देने की बजाय सीधी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें दो हजार तक का चालान किया जा सकता है।
इन जगहों पर हुई फोगिंग
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुबह छह बजे से गांव सहारणवास में फोगिंग की शुरुआत की गई। इसी के साथ गांव बूढपुर सहित आसपास के पांच गांव, मॉडल टॉऊन, विधायक रणधीर सिंह कापडीवास के कार्यालय के आसपास, चौधरीवाड़ा एवं सेक्टर-4 सहित विभिन्न कॉलोनियों में समाचार लिखे जाने तक फोगिंग की जा रही थी।
अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के फैलने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। अभी तक जिले में चिकनगुनिया का एक कंफर्म मरीज सामने आया है। जिले में यदि कहीं पर भी खुला पानी पाया गया तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद पूरे जिले में फोगिंग कराई जा रही है।
- डॉ जेके सैनी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रेवाड़ी।
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जानकारी के अनुसार वीरवार को नाहड़ ब्लॉक के गढ़ी गांव के एक व्यक्ति ने चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। यह तीन दिन पहले यह बुखार होने पर अस्पताल में भर्ती हुआ था। इसकी वीरवार को रिपोर्ट में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। डाक्टरों के मुताबिक सितंबर के अंतिम एवं अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में डेंगू,मलेरिया एवं चिकनगुनिया फैलने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।
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यही कारण है कि वायरल के साथ इन दिनों में इन बुखारों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल के सभी कर्मचारियों को हाई हलर्ट पर रखते हुए छुट्टियां रद्द कर दी है। इसी का परिणाम है कि स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को तत्परता जिले के अनेक हिस्सों में फोगिंग कराई।
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गंदगी एवं खुला पानी सबसे बड़ा खतरा
डेंगू पनपने के लिए जहां साफ पानी से ज्यादा मुफीद माना जाता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि इन दिनों में गमले में पानी तक देने में पहरेज करें। इसी के साथ जो लोग गलियों में अंधाधुंध पानी बर्बाद करते रहते हैं,उनको भी ऐसा करने से बचना चाहिए। इसी के साथ आसपास फैला कूड़ा-करकट भी मच्छरों के पनपने के लिए उपयुक्त जगह है। यदि जिले के लोगों को जानलेवा बुखारों से बचना है तो साफ सफाई के साथ गंदे एवं साफ पानी के भराव को रोकना होगा।
नोटिस नहीं सीधे होगा चालान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गांव हो या शहर कहीं पर यदि खुला पानी पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति का दो हजार का चालान किया जाएगा। यदि किसी के आसपास पानी भरा हुआ है तो वह विभाग को सूचित कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब लोगों को नोटिस देने की बजाय सीधी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें दो हजार तक का चालान किया जा सकता है।
इन जगहों पर हुई फोगिंग
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुबह छह बजे से गांव सहारणवास में फोगिंग की शुरुआत की गई। इसी के साथ गांव बूढपुर सहित आसपास के पांच गांव, मॉडल टॉऊन, विधायक रणधीर सिंह कापडीवास के कार्यालय के आसपास, चौधरीवाड़ा एवं सेक्टर-4 सहित विभिन्न कॉलोनियों में समाचार लिखे जाने तक फोगिंग की जा रही थी।
अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के फैलने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। अभी तक जिले में चिकनगुनिया का एक कंफर्म मरीज सामने आया है। जिले में यदि कहीं पर भी खुला पानी पाया गया तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद पूरे जिले में फोगिंग कराई जा रही है।
- डॉ जेके सैनी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, रेवाड़ी।