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Rewari News: तीन दशक से बस सेवा का इंतजार कर रहे आधा दर्जन गांव

Mon, 04 Dec 2023 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 04 Dec 2023 11:36 PM IST
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Half a dozen villages waiting for bus service for three decades
राजगढ़। क्षेत्र के गांव कुंडल के लोग तीस वर्ष से बस सेवा के इंतजार में है। तीन दशक पहले रेवाड़ी से खोरी, हरजीपुर होते कुंडल तक रोडवेज की बस तीन फेरे लगाती थी। इससे लोगों को सुविधा हो रही थी लेकिन तीन साल के बाद बस सेवा बंद कर दी गई। अब लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने फिर बस सेवा शुरू करने की मांग की है।
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गांव कुंडल जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि तीस साल पूर्व परिवहन विभाग की ओर से बस चलाई जा रही थी। उस समय रेवाड़ी से खोरी, हरजीपुर होते कुंडल तक यह बस तीन फेरे लगाती थी जिससे इन गांवों के अलावा बीच में पड़ने वाले छह गांवों के लोगों को सहूलियत होती थी। तीन साल चलने के बाद यह बस बंद कर दी गई। ग्रामीणों ने फिर बस सेवा शुरू करने की मांग की है। रेवाड़ी से कुंडल रूट पर बस सुविधा का अभाव होने से छह गांवों ककेलोगों को परिवहन सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर बुजुर्गों ओर महिलाओं को किसी कार्य से जिला मुख्यालय जाना होता है तो उन्हें निजी वाहन का इंतजाम करना पड़ता है।
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छात्राओं व अन्य यात्रियों को हरजीपुर टिंट की ढाणियों, नंगली ब्लाहिर व कुंडल गांव तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय से खोरी स्टैंड तक पहुंचना पड़ता है। इसके बाद खोरी स्टैंड पर घंटों किसी प्राइवेट साधन का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार परिवहन सुविधा के अभाव में मरीजों को किराए के प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ता है जिसमें अधिक पैसे खर्च होते हैं।
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सरकार व विभाग को गांव में बस सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। समस्या काफी पुरानी है। विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -रामफल, सरपंच

30 साल पहले 3 साल चलने वाली बस को बंद कर दिया गया। इसका रूट बढ़ाने की जगह बस सेवा बंद करना विभाग की उदासीनता दर्शाता है। बुजर्गों को आने-जाने में समस्या का सामना करना पड़ता है। -देवी सिंह

परिवहन के अभाव में जहां जिला मुख्यालय पहुंचना मुश्किल होता है, उससे ज्यादा फिर वहां से वापिस लौटना। कई गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। -श्याम सिंह हरजीपुर


बस के अभाव में कुंडल गांव जिला मुख्यालय से कटा हुआ सा महसूस करता है। वहीं छात्र-छात्राओं को आने जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। किसी निजी साधन के इंतजार में घंटों समय बर्बाद करना पड़ रहा है। -नरेंद्र सिंह
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