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Rewari News: स्वर्णपदक जीतकर लौटे कमलजीत और सुरुचि का भव्य स्वागत
Sat, 03 Oct 2026 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:41 AM IST
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दोनों खिलाड़ियों का स्वागत करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : udhampur news
रेवाड़ी। एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लौटे रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि का बुधवार को जिले में जोरदार स्वागत किया गया। दोनों खिलाड़ियों के रेवाड़ी पहुंचते ही उनका ढोल-नगाड़े और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अभिनंदन किया गया। कमलजीत के पैतृक गांव सुलखा में आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी पहुंचे।
सुखला गांव स्थित राजकीय स्कूल में आयोजित सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार और कोसली विधायक अनिल कुमार ने दोनों खिलाड़ियों को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने खिलाड़ियों कमलजीत और सुरुचि का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कमलजीत और सुरुचि की उपलब्धि पूरे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय है। गांवों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें बेहतर सुविधाएं और सही मंच देने की। उन्होंने कमलजीत के पैतृक गांव सुलखा में आधुनिक स्टेडियम बनवाने की घोषणा की। स्टेडियम बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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सुरुचि ने की शूटिंग अकादमी की मांग
स्वर्ण पदक विजेता सुरुचि सिंह ने सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा में नई शूटिंग अकादमियां खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा निशानेबाजी में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अभ्यास और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। यदि गांवों के नजदीक शूटिंग अकादमियां उपलब्ध हों तो कई नई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
अब ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी कमलजीत और सुरुचि का लक्ष्य बड़ा है। दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब उनका सपना ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराना है। खिलाड़ियों के इस संकल्प पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
बेटे की कामयाबी पर मां के छलकी आंखें
कमलजीत के घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल रहा। बेटे की ऐतिहासिक उपलब्धि पर मां का लाड भी उमड़ पड़ा। भावुक मां राजबाला ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और उसके स्वागत के लिए उन्होंने खास देसी घी का चूरमा बनाया है। घर में मिठाइयां भी मंगवाई गईं। ग्रामीणों ने कहा कि कमलजीत की सफलता से सुलखा ही नहीं, बल्कि पूरे रेवाड़ी जिले का नाम रोशन हुआ है।
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सुखला गांव स्थित राजकीय स्कूल में आयोजित सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार और कोसली विधायक अनिल कुमार ने दोनों खिलाड़ियों को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने खिलाड़ियों कमलजीत और सुरुचि का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
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केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कमलजीत और सुरुचि की उपलब्धि पूरे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय है। गांवों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें बेहतर सुविधाएं और सही मंच देने की। उन्होंने कमलजीत के पैतृक गांव सुलखा में आधुनिक स्टेडियम बनवाने की घोषणा की। स्टेडियम बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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सुरुचि ने की शूटिंग अकादमी की मांग
स्वर्ण पदक विजेता सुरुचि सिंह ने सम्मान समारोह के दौरान हरियाणा में नई शूटिंग अकादमियां खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा निशानेबाजी में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अभ्यास और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। यदि गांवों के नजदीक शूटिंग अकादमियां उपलब्ध हों तो कई नई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
अब ओलंपिक में गोल्ड पर निशाना
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी कमलजीत और सुरुचि का लक्ष्य बड़ा है। दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब उनका सपना ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा लहराना है। खिलाड़ियों के इस संकल्प पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
बेटे की कामयाबी पर मां के छलकी आंखें
कमलजीत के घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल रहा। बेटे की ऐतिहासिक उपलब्धि पर मां का लाड भी उमड़ पड़ा। भावुक मां राजबाला ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और उसके स्वागत के लिए उन्होंने खास देसी घी का चूरमा बनाया है। घर में मिठाइयां भी मंगवाई गईं। ग्रामीणों ने कहा कि कमलजीत की सफलता से सुलखा ही नहीं, बल्कि पूरे रेवाड़ी जिले का नाम रोशन हुआ है।

दोनों खिलाड़ियों का स्वागत करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : udhampur news