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निर्मल देवलावास की ग्रामसभा में छाया रहा घूंघट
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:31 AM IST
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ग्राम सभा में गांव के विकास पर हुई चर्चा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम उदय से भारत उदय कार्यक्रम के तहत शनिवार को निर्मल ग्राम देवलावास में ग्रामसभा की बैठक में महिलाओं ने घूंघट प्रथा समाप्त करने के आह्वान को अनसुना कर दिया। बैठक में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी केके खंडेलवाल ने बैठक में मौजूद महिलाओं से घूंघट त्याग कर गांव के विकास में सहयोग करने की अपील की। बार-बार कहने के बाद भी महिलाएं घूंघट से बाहर नहीं निकलीं।
सरपंच सुमित्रा देवी के अपील का भी कोई असर नजर नहीं आया। इस दौरान बिना घूंघट की बैठी महिलाओं ने घूंघट हटाने का प्रयास किया तो उनको भी सफलता नहीं मिली। घूंघट में आई महिलाएं बैठक में आखिरी समय तक घूंघट में ही बैठी रहीं। एसीएस ने आह्वान किया कि पर्दा प्रथा को यहीं पर खत्म की पहल की जाए, लेकिन महिलाएं नहीं मानीं। इस प्रकार ग्राम सभा की बैठक में घूंघट छाया रहा। इस दौरान गांव के विकास पर भी चर्चा की गई। सरपंच की तरफ से गांव के विकास के लिए कुछ मुद्दे भी उठाए गए।
शनिवार को निर्मल ग्राम देवलावास में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में एसीएस खंडेलवाल ने पंचों को मंच पर आकर गांव की समस्या रखने को कहा। उन्होंने पूछा कि कितने पंच बैठक में आए हैं। पता लगा कि दस में से केवल पांच ही पंच पहुंचे हैं। इनमें से केवल एक महिला और एक पुरुष पंच ने मंच से अपनी बात कही। अन्य महिला पंच बोलने के लिए नहीं उठीं। ग्राम सभा में डीडीपीओ एसी कौशिक ने सरकार की स्कीमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, बीडीपीओ दीपक कुमार, पूर्व सरपंच मनोज कुमार, नवीन कुमार सहित अनेक ग्रामीण और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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खुले में शौच किया तो दिया जाएगा दंड
ग्राम सभा में सरपंच सुमित्रा देवी ने कहा कि गांव में करीब हर घर में शौचालय बने हैं। इसके बाद भी कुछ लोग खुले में शौच करने जाते हैं। भविष्य में यदि कोई खुले में शौच जाएगा तो उसको दंड मिलेगा। सभी ग्रामीण गांव को शौच मुक्त बनाने में सहयोग करें। गांव को 24 घंटे बिजली मिल सकती है, इसके लिए बिजली चोरी रोकनी होगी। ऐसा नहीं हुआ तो बिजली भी 24 घंटे नहीं मिलेगी।
पहले बोले, कोई नहीं गरीब, बाद में आए पांच नाम
ग्राम सभा शुरू होते ही सबसे पहले गरीबों को सरकार की स्कीम के तहत मकान को लेकर बातचीत हुई। ग्राम पंचायत की तरफ से बताया गया कि गांव में किसी को भी मकान की जरूरत नहीं है। बाद में ग्राम सभा में पूछा गया तो चार नाम सामने आए।
एसीएस के सवालों पर अटके अधिकारी
सरकार की स्कीम जब अधिकारियों ने लोगों के सामने रखनी शुरू की तो एसीएस केके खंडेलवाल ने बीच में ही अधिकारियों से योजनाओं के बारे में पूछना शुरू कर दिया। इस पर किसी अधिकारी ने टाल मटोल करने जैसा जवाब दिया तो किसी ने कहा, साहब। यह तो देखकर ही बताएंगे।
जमींदारों को कचरा डालने को दें प्लाट
पंच गायत्री देवी ने कुछ अजीब मांग रखी। उन्होंने कहा जब बीपीएल परिवारों को प्लाट दिया जा सकता है तो जमींदारों को क्यों नहीं। जमींदारों को कचरा डालने के लिए प्लाट दिए जाएं। इसी प्रकार अंतराम पंच ने कहा कि जोहड़ में दूषित पानी से मच्छर हो रहे हैं। गंदे पानी की निकासी की जाए।
सरपंच पति क्यों, सरपंच रखेगी मांग
ग्राम सभा की शुरूआत में ही स्थिति असमंजस जैसी हो गई। जब मंच से कहा गया कि सरपंच पति गांव की मांग रखेंगे। इस पर एसीएस ने टोक दिया। कहा, सरपंच पति क्यों। सरपंच ही बोलेगी। सरपंच सुमित्रा देवी को मंच पर बुलाया गया लेकिन वह दो शब्द बोल पाई। दोबारा हिम्मत जुटाकर आई और लिखी मांगे पढ़ी।
ये रखी गई मांगे:
1. गांव में सभी कच्ची गलियों को पक्का किया जाए
2. व्यायामशाला का निर्माण किया जाए
3. गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया जाए
4. जोहड़ में नहरी पानी डाला जाए
5. राशन डिपो गांव के ही किसी व्यक्ति को दिया जाए
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सरपंच सुमित्रा देवी के अपील का भी कोई असर नजर नहीं आया। इस दौरान बिना घूंघट की बैठी महिलाओं ने घूंघट हटाने का प्रयास किया तो उनको भी सफलता नहीं मिली। घूंघट में आई महिलाएं बैठक में आखिरी समय तक घूंघट में ही बैठी रहीं। एसीएस ने आह्वान किया कि पर्दा प्रथा को यहीं पर खत्म की पहल की जाए, लेकिन महिलाएं नहीं मानीं। इस प्रकार ग्राम सभा की बैठक में घूंघट छाया रहा। इस दौरान गांव के विकास पर भी चर्चा की गई। सरपंच की तरफ से गांव के विकास के लिए कुछ मुद्दे भी उठाए गए।
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शनिवार को निर्मल ग्राम देवलावास में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में एसीएस खंडेलवाल ने पंचों को मंच पर आकर गांव की समस्या रखने को कहा। उन्होंने पूछा कि कितने पंच बैठक में आए हैं। पता लगा कि दस में से केवल पांच ही पंच पहुंचे हैं। इनमें से केवल एक महिला और एक पुरुष पंच ने मंच से अपनी बात कही। अन्य महिला पंच बोलने के लिए नहीं उठीं। ग्राम सभा में डीडीपीओ एसी कौशिक ने सरकार की स्कीमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, बीडीपीओ दीपक कुमार, पूर्व सरपंच मनोज कुमार, नवीन कुमार सहित अनेक ग्रामीण और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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खुले में शौच किया तो दिया जाएगा दंड
ग्राम सभा में सरपंच सुमित्रा देवी ने कहा कि गांव में करीब हर घर में शौचालय बने हैं। इसके बाद भी कुछ लोग खुले में शौच करने जाते हैं। भविष्य में यदि कोई खुले में शौच जाएगा तो उसको दंड मिलेगा। सभी ग्रामीण गांव को शौच मुक्त बनाने में सहयोग करें। गांव को 24 घंटे बिजली मिल सकती है, इसके लिए बिजली चोरी रोकनी होगी। ऐसा नहीं हुआ तो बिजली भी 24 घंटे नहीं मिलेगी।
पहले बोले, कोई नहीं गरीब, बाद में आए पांच नाम
ग्राम सभा शुरू होते ही सबसे पहले गरीबों को सरकार की स्कीम के तहत मकान को लेकर बातचीत हुई। ग्राम पंचायत की तरफ से बताया गया कि गांव में किसी को भी मकान की जरूरत नहीं है। बाद में ग्राम सभा में पूछा गया तो चार नाम सामने आए।
एसीएस के सवालों पर अटके अधिकारी
सरकार की स्कीम जब अधिकारियों ने लोगों के सामने रखनी शुरू की तो एसीएस केके खंडेलवाल ने बीच में ही अधिकारियों से योजनाओं के बारे में पूछना शुरू कर दिया। इस पर किसी अधिकारी ने टाल मटोल करने जैसा जवाब दिया तो किसी ने कहा, साहब। यह तो देखकर ही बताएंगे।
जमींदारों को कचरा डालने को दें प्लाट
पंच गायत्री देवी ने कुछ अजीब मांग रखी। उन्होंने कहा जब बीपीएल परिवारों को प्लाट दिया जा सकता है तो जमींदारों को क्यों नहीं। जमींदारों को कचरा डालने के लिए प्लाट दिए जाएं। इसी प्रकार अंतराम पंच ने कहा कि जोहड़ में दूषित पानी से मच्छर हो रहे हैं। गंदे पानी की निकासी की जाए।
सरपंच पति क्यों, सरपंच रखेगी मांग
ग्राम सभा की शुरूआत में ही स्थिति असमंजस जैसी हो गई। जब मंच से कहा गया कि सरपंच पति गांव की मांग रखेंगे। इस पर एसीएस ने टोक दिया। कहा, सरपंच पति क्यों। सरपंच ही बोलेगी। सरपंच सुमित्रा देवी को मंच पर बुलाया गया लेकिन वह दो शब्द बोल पाई। दोबारा हिम्मत जुटाकर आई और लिखी मांगे पढ़ी।
ये रखी गई मांगे:
1. गांव में सभी कच्ची गलियों को पक्का किया जाए
2. व्यायामशाला का निर्माण किया जाए
3. गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया जाए
4. जोहड़ में नहरी पानी डाला जाए
5. राशन डिपो गांव के ही किसी व्यक्ति को दिया जाए