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Rewari News: कूड़ा उठान का टेंडर रद्द, सफाई व्यवस्था बेपटरी

Tue, 07 Mar 2023 07:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 07 Mar 2023 07:49 AM IST
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Garbage lifting tender cancelled, cleaning system derailed
रेवाड़ी। रेवाड़ी नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक बार फिर से शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए लगाया गया पांच करोड़ रुपये का टेंडर रद्द हो गया है। बीते 3 साल में ऐसा पांचवीं बार हुआ है। इसका खामियाजा शहर की करीब ढाई लाख आबादी को भुगतना पड़ रहा है। शहर के 31 वार्ड में करीब 40 हजार घरों से प्रत्येक दिन 100 टन कचरा निकलता है। वर्ष 2017 में डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए व्यवस्था शुरू की गई, लेकिन एक बार टेंडर की अवधि पूरी होने के बाद नगर परिषद 2020 से लेकर अब तक नया टेंडर जारी नहीं कर सका। परिणामस्वरूप शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है, जोर 20 मार्च को खुलेगा।
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कूड़ा उठान के लिए 5 करोड़ का टेंडर बीते 3 साल से चंडीगढ़ में स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते इसको रद्द कर दिया जाता है। टेंडर नहीं होने के चलते शहर वासियों को कचरा इधर-उधर फेंकना पड़ता है, जिसके चलते शहर में गंदगी फैली रहती है। हालांकि नगर परिषद की ओर से कूड़ा उठाने की अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन इन वाहनों के चालक समय पर मोहल्लों में कूड़ा उठाने नहीं जाते। यही कारण है कि रविवार को शहरी निकाय मंत्री के सामने भी पार्षदों ने इस मुद्दे को उठाया था।
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कूड़ा उठाने का टेंडर अब पांचवीं बार रद्द हुआ है। इसमें मुख्य कारण तकनीकी खामी बताई जा रही है। अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में इस बार संबंधित अधिकारियों से क्या उम्मीद की जा सकती है।
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सूखा व गीला कचरा भी नहीं हो रहा अलग-अलग
दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित रामसिंहपुरा गांव की 14.6 एकड़ जमीन कूड़ा निस्तारण संयंत्र के लिए निर्धारित की गई थी। बीते 4 साल से यहां पर कचरा भी डाला जा रहा है। यहां कचरा पहाड़ का रूप लेता जा रहा है, लेकिन सिस्टम ऐसा है कि यहां पर आज तक कचरा निस्तारण व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सकी है। नगर परिषद की ओर से दिए गए टेंडर के तहत कचरा कलेक्शन की गाड़ी में गीला व सूखा कचरा डालने की अलग से व्यवस्था की गई थी, लेकिन एजेंसी ने गाड़ी पर चालक के अलावा सहायक को नियुक्त नहीं किया। चालक भी गाड़ी से उतरकर नीचे नहीं आता और लोग गीला व सूखा कचरा एक ही जगह डाल देते हैं। इसके चलते भू-जल से लेकर जिले की हवा खराब हो रही है।

पार्षद के घरों तक सिमटी सफाई व्यवस्था
शहर में सफाई के लिए करीब 370 सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, जबकि आबादी के हिसाब से 500 से अधिक की जरूरत है। नप अधिकारी मानते हैं कि इन दिनों एक-एक कर्मचारी पांच के बराबर काम कर रहा है। लेकिन कहां पर कार्य होता है नहीं दिखाई देता। लोगों का आरोप है कि पार्षदों के घरों के आसपास की सफाई व अन्य गलियों में सफाई में अंतर देखा जा सकता है। जो भी पार्षद बनता है सफाई कर्मचारी उसकी गली में शिफ्ट हो जाते हैं। बता दें कि शहर की कई ऐसी गलियां हैं, जहां पर महीनों तक सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते हैं।

बदहाल हो चुकी सफाई व्यवस्था
शहर की सफाई बदहाल हो चुकी है। शहर को या पार्क जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो रहे हैं। नगर परिषद से लेकर अन्य अधिकारियों को भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल है। शहर में पड़े कूड़ों के ढेर में बेसहारा पशु विचरण करते रहते हैं, जिससे शहर का वातावरण दुर्गंधमय हो रहा है।
-कैलाश चंद, एडवोकेट

गाड़ी नहीं आने से खुले में फेंकना पड़ रहा कचरा
कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं आने के कारण लोगों को मजबूरन खुले में कचरा फेंकना पड़ता है। कचरा उठाने वाली ट्रैक्टर-ट्राॅली कभी-कभार ही मोहल्ले में आते हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
-परमाल छाबड़ी, माता चौक
जगह-जगह कूड़े के ढेर, बीमारी फैलने का भय
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनमें से बदबू उठती रहती है। ऐसे में शहर में बीमारी फैलने का डर बना रहता है। कई बार अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
-सोनू, बारा हजारी
बदहाल सफाई व्यवस्था
सफाई व्यवस्था बदहाल है। न तो सफाईकर्मी आते हैं और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ी ही समय पर आती है। ऐसे में घरों का कचरा खाली प्लॉटों या कचरे के डस्टबीन में डालना पड़ रहा है।
-अंशुल, पंजाबी मार्केट
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कचरे से फैलने वाली बीमारी
कूड़े की वजह से बैक्टीरिया पनपता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा रहता है। लोगों को पीलिया, डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं। अगर कूड़ा सड़ने लगे तो इससे बनने वाले रसायन और गैस से गंभीर बीमारी होने का भी खतरा रहता है। अगर इस समय बारिश हो गई तो महामारी तक फैल सकती है। इस पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने के साथ ही सतर्क बरतनी चाहिए। -डॉ रणबीर सिंह, फिजिशियन
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कूड़ा उठान के छोड़ा गया टेंडर तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया है। अब नया टेंडर लगाया गया है। 20 मार्च को टेंडर खुलेंगे। हालांकि नप की ओर से ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की व्यवस्था की गई है।
-संदीप सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक रेवाड़ी
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