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एनहांसमेंट की राशि नहीं लौटाने पर अब सामुदायिक केंद्र सील

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Thu, 05 Dec 2019 12:33 AM IST
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जिले के एक किसान की जमीन अधिग्रहण करने के बाद एनहांसमेंट की राशि नहीं लौटाने पर न्यायालय के आदेश के बाद कोर्ट बैलिफ ने बुधवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर चार स्थित सामुदायिक केंद्र को सील कर दिया। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि हुडा की ओर से 12 दिसंबर तक किसान को राशि नहीं दी गई तो सामुदायिक केंद्र की नीलामी कर पैसा दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार शहर के सेक्टर-6 व 7 में बाईपास रोड निकालने के लिए एचएसवीपी ने वर्ष 2011 में किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। डिपार्टमेंट की ओर से कुछ किसानों को अधिग्रहण की राशि व इंनहासमेंट राशि जमा करा दी। लेकिन एक किसान की हंसराज को दी जाने वाली राशि जमा नहीं होने पर मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा।
2016 में हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
29 जनवरी 2016 को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने किसान हंसराज को 4044 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से ब्याज समेत राशि किसान को देने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन एचएसवीपी द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद किसान ने लगातार एचएसवीपी के अधिकारियों पास चक्कर लगाए, लेकिन उसको राशि नहीं दी गई। कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने के चलते अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने सेक्टर-4 के सामुदायिक भवन को सील करने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि 12 दिसंबर तक राशि नहीं दी जाती है तो भवन को नीलाम कर किसान को राशि दी जाए।
तीन माह पहले ऑफिस और जिमखाना क्लब हो चुके सील
गौरतलब है कि एचएसवीपी के अधिकारी अधिग्रहण जमीनों का मुआवजा देने में शुरू से ही ढीले रहे हैं। इसके पीछे कई कारण भी गिनाए गए। इसी के चलते परेशान किसानों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सितंबर माह में ही धारूहेड़ा में 75 फुटा रोड के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं देने पर न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह ने एचएसवीपी के रेवाड़ी व गुरुग्राम कार्यालय के अलावा सेक्टर-4 के जिमखाना क्लब को सील कर दिया था। बाद में दोनों ही प्रॉपर्टी की नीलामी की तारीख के महज तीन दिन पहले अक्टूबर माह में विभाग की तरफ से किसानों की करोड़ों रुपये की राशि लौटा दी गई थी। बाद में जिमखाना क्लब में एचएसवीपी के कार्यालय से सील हटाई गई थी।
कोर्ट तक को टरकाने में पीछे नहीं रहा एचएसवीपी
बता दें कि अब तक सामने आए दोनों मामलों में एक बात ओर सामने निकल कर आई। किसानों को राशि तो लौटाई ही नहीं, साथ ही अधिकारी कोर्ट तक को टरकाने में पीछे नहीं रहे। धारूहेड़ा स्थित गुजर घटाल के किसानों की सुनाई करते हुए वर्ष 2016 से लगातार एचएसवीपी के अधिकारियों को बढ़ी हुई मुआवजा लौटाने के आदेश दिए जा रहे थे। सील की कार्रवाई से महज कुछ दिन पहले ही खुद कोर्ट में उपस्थित होकर एचएसवीपी के अधिकारियों ने कुछ दिन की मोहलत मांगी थी। लेकिन उसके बाद भी राशि नहीं लौटाई तो कोर्ट ने सील करने का आदेश दिया था।
मामला इंनहासमेंट राशि का है। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इस मामले में फैसला उच्च अधिकारियों को करना है।
-दीपक घनघस, ईओ, एचएसवीपी, रेवाड़ी।
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