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Rewari News: एक साथ जलीं चार चिताएं, नम हो गईं सबकी आंखें
Fri, 03 Jan 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:29 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नए साल का जश्न मनाने के लिए बुधवार को कार से हरिद्वार जा रहे लिसाना गांव के चार युवकों की हादसे में मौत हो गई थी। वीरवार की देर रात लिसाना गांव निवासी केहर सिंह (35), आदित्य सिंह (38), मनीष कुमार (36) और प्रकाश सिंह (40) का शव गांव पहुंचा। शवों के आते ही परिजन बिलखने लगे। एकत्रित हुए ग्रामीणों ने चारों मृतकों के परिजनों को संभाला। शुक्रवार को चारों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ।
लिसाना गांव में वीरवार की रात मातम छाया रहा। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। शुक्रवार को सुबह 10 बजे चारों मृतकों का गांव के ही श्मशान घाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि रात में जैसे ही चारों शव पहुंचे, चारों घरों में परिजन फूट-फूट कर रोने लगे। लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। दुर्घटना में जान गंवाने वाले चारों युवक शादीशुदा थे। इनमें से तीन युवकों के बच्चे भी है। हादसे की जानकारी होने के बाद बुधवार रात से ही मृतकों की पत्नियां, बच्चे व उनके माता-पिता रो रहे हैं। जब चारों के शव आए तो उनकी पत्नियां फूट-फूट कर रोने लगी। वे बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। यह मंजर देख ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं। गांव के लोग इस बात की चर्चा कर रहे थे कि किसी को नहीं पता था कि हंसीखुशी हरिद्वार रवाना हुए चारों युवक लौट कर नहीं आएंगे। हादसे में घायल महिपाल का इलाज ऋषिकेश एम्स में चल रहा है। उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।
चारों बचपन से ही अच्छे दोस्त थे
ग्रामीण राजेश, रामपाल ने बताया कि केहर, आदित्य, मनीष, प्रकाश और महीपाल बचपन के दोस्त थे। पांचों हंसी खुशी नववर्ष मनाने के लिए हरिद्वार के लिए निकले थे। पांचों जाते हुए काफी खुश थे। परिवार भी उनके आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। बताया कि सभी लोग आपस में काफी घुल मिलकर रहते थे। काफी अच्छे दोस्त भी थे। किसे पता था बचपन के दोस्त इस तरह से चले जाएंगे, यकीन नहीं हो रहा है।
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मनीष और केहर आपस में थे चचेरे भाई
केहर सिंह शादीशुदा थे। उनका एक बेटा भी है। वहीं, मनीष लिसाना कॉलेज में काम करते थे। मनीष 2 बच्चों का पिता थे। मनीष अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वहीं प्रकाश सिंह एक टैक्सी ड्राइवर थे और 2 बच्चों के पिता थे। जबकि आदित्य मजदूरी करता था। उसकी भी शादी हो चुकी है, लेकिन अभी कोई बच्चा नहीं था। इनमें मनीष और केहर आपस में चचेरे भाई थे। वहीं, उपचाराधीन महिपाल सिंह एक टैक्सी ड्राइवर है। उसके 2 बच्चे हैं।
बुधवार की देर रात सड़क हादसे में हुई थी मौत
गांव लिसाना से कार में सवार होकर केहर, आदित्य, मनीष, प्रकाश और महीपाल नववर्ष मनाने के लिए हरिद्वार जा रहे थे। बुधवार की देर रात उनकी गाड़ी हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में पहुंची तो सड़क किनारे खड़े एक सीमेंट से भरे ट्रक से टकरा गई। दुर्घटना में तीन लोगों ने मौके पर ही तोड़ दिया था जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ा था। वहीं, महिपाल गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्ती थी कि कार के परखच्चे उड़ गए थे। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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रेवाड़ी। नए साल का जश्न मनाने के लिए बुधवार को कार से हरिद्वार जा रहे लिसाना गांव के चार युवकों की हादसे में मौत हो गई थी। वीरवार की देर रात लिसाना गांव निवासी केहर सिंह (35), आदित्य सिंह (38), मनीष कुमार (36) और प्रकाश सिंह (40) का शव गांव पहुंचा। शवों के आते ही परिजन बिलखने लगे। एकत्रित हुए ग्रामीणों ने चारों मृतकों के परिजनों को संभाला। शुक्रवार को चारों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ।
लिसाना गांव में वीरवार की रात मातम छाया रहा। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। शुक्रवार को सुबह 10 बजे चारों मृतकों का गांव के ही श्मशान घाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि रात में जैसे ही चारों शव पहुंचे, चारों घरों में परिजन फूट-फूट कर रोने लगे। लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। दुर्घटना में जान गंवाने वाले चारों युवक शादीशुदा थे। इनमें से तीन युवकों के बच्चे भी है। हादसे की जानकारी होने के बाद बुधवार रात से ही मृतकों की पत्नियां, बच्चे व उनके माता-पिता रो रहे हैं। जब चारों के शव आए तो उनकी पत्नियां फूट-फूट कर रोने लगी। वे बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। यह मंजर देख ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं। गांव के लोग इस बात की चर्चा कर रहे थे कि किसी को नहीं पता था कि हंसीखुशी हरिद्वार रवाना हुए चारों युवक लौट कर नहीं आएंगे। हादसे में घायल महिपाल का इलाज ऋषिकेश एम्स में चल रहा है। उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है।
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चारों बचपन से ही अच्छे दोस्त थे
ग्रामीण राजेश, रामपाल ने बताया कि केहर, आदित्य, मनीष, प्रकाश और महीपाल बचपन के दोस्त थे। पांचों हंसी खुशी नववर्ष मनाने के लिए हरिद्वार के लिए निकले थे। पांचों जाते हुए काफी खुश थे। परिवार भी उनके आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। बताया कि सभी लोग आपस में काफी घुल मिलकर रहते थे। काफी अच्छे दोस्त भी थे। किसे पता था बचपन के दोस्त इस तरह से चले जाएंगे, यकीन नहीं हो रहा है।
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मनीष और केहर आपस में थे चचेरे भाई
केहर सिंह शादीशुदा थे। उनका एक बेटा भी है। वहीं, मनीष लिसाना कॉलेज में काम करते थे। मनीष 2 बच्चों का पिता थे। मनीष अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वहीं प्रकाश सिंह एक टैक्सी ड्राइवर थे और 2 बच्चों के पिता थे। जबकि आदित्य मजदूरी करता था। उसकी भी शादी हो चुकी है, लेकिन अभी कोई बच्चा नहीं था। इनमें मनीष और केहर आपस में चचेरे भाई थे। वहीं, उपचाराधीन महिपाल सिंह एक टैक्सी ड्राइवर है। उसके 2 बच्चे हैं।
बुधवार की देर रात सड़क हादसे में हुई थी मौत
गांव लिसाना से कार में सवार होकर केहर, आदित्य, मनीष, प्रकाश और महीपाल नववर्ष मनाने के लिए हरिद्वार जा रहे थे। बुधवार की देर रात उनकी गाड़ी हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में पहुंची तो सड़क किनारे खड़े एक सीमेंट से भरे ट्रक से टकरा गई। दुर्घटना में तीन लोगों ने मौके पर ही तोड़ दिया था जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ा था। वहीं, महिपाल गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्ती थी कि कार के परखच्चे उड़ गए थे। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।