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Rewari News: पांच पीएम श्री स्कूलों में दी जाएगी सीबीएसई की तर्ज पर शिक्षा
Fri, 14 Apr 2023 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 14 Apr 2023 01:11 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में पांच स्कूलों को पीएमश्री स्कूल के रूप में विस्तारित करने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इन सभी स्कूलों को विभाग की ओर से 2 करोड़ 50 लाख की राशि पीएमश्री बनने के लिए दी गई है। इसमें प्रत्येक स्कूल को 50 लाख की राशि मिली है। पीएमश्री योजना के तहत प्रत्येक खंड से दो स्कूल बनाए जाने हैं, लेकिन विभाग के पहले चरण में फिलहाल अभी पांच स्कूल ही पीएमश्री के रूप में विस्तारित किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से दस स्कूलों के नाम भेजे गए थे। नाहड़ खंड से एक भी स्कूल का नाम इस योजना के लिए नहीं भेजा गया था, क्योंकि गुड़ियानी स्कूल पहले से ही मॉडल संस्कृति स्कूल है। नियमों के मुताबिक, किसी भी मॉडल संस्कृति के स्कूल को पीएमश्री का दर्जा नहीं दिया जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार इन स्कूलों को प्रति स्कूल के हिसाब से 50 लाख रुपये का बजट देगी। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में कापड़ीवास स्कूल, बावल स्कूल, पाल्हावास स्कूल, रेवाड़ी स्कूल व खोरी स्कूल शामिल हैं।
ऐसे किया जाएगा स्कूलों को पीएम श्री के रूप में विस्तारित
उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के चहुंमुखी विकास पर बल दिया जाना है। इनमें पठन-पाठन गतिविधि आधारित एवं खोज आधारित होगा, जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनाने पर बल दिया जाएगा। इन विद्यालयों को समेकित विद्यालय बनाया जाना है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को अवसर मिल सके। प्रत्येक विद्यार्थी के गुणवत्ता संवर्धन पर ध्यान दिया जाएगा और 21वीं सदी के कौशल प्रदान किए जाएंगे। खेल, कला, आईसीटी की दक्षता के विकास की ढांचागत सुविधा होगी। यह सभी ग्रीन स्कूल होंगे जो टिकाऊ मॉडल पर काम करेंगे। प्रत्येक विद्यालय को कॉलेज या विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा, ताकि एनईपी-2020 की अनुपालना में समुचित कार्यवाही हो सके। प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय आंत्रप्रेन्योर ईको सिस्टम से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को नैतिक मूल्यों जैसे राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण में भूमिका के लिए तैयार किया जाएगा।
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इन स्कूलों का नहीं हो सका चयन
उन्होंने बताया कि जिले से पीएमश्री के लिए कुल नौ स्कूल भेजे गए थे। इनमें से पांच स्कूलों का चयन पहले चरण के लिए किया गया है और पांच स्कूलों का चयन नहीं हो सका। पीएमश्री के लिए चयन किए गए स्कूलों में कापड़ीवास स्कूल, बावल स्कूल, पाल्हावास स्कूल, रेवाड़ी स्कूल व खोरी स्कूल शामिल हैं। वहीं नांगल शहबाजपुर स्कूल, बावल गर्ल्स स्कूल, बिठवाना स्कूल, नंदरामपुरवास स्कूल का चयन नहीं हो सका।
पांच स्कूलों को पीएमश्री का दर्जा देने के आदेश आए हैं। इन सभी स्कूलों में सीबीएसई की तर्ज पर बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 50 लाख की राशि प्रदान की गई है। इन स्कूलों के बन जाने से छात्रों को अत्याधुनिक और दक्षतापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
- सतपाल धूपिया, खंड शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी
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अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से दस स्कूलों के नाम भेजे गए थे। नाहड़ खंड से एक भी स्कूल का नाम इस योजना के लिए नहीं भेजा गया था, क्योंकि गुड़ियानी स्कूल पहले से ही मॉडल संस्कृति स्कूल है। नियमों के मुताबिक, किसी भी मॉडल संस्कृति के स्कूल को पीएमश्री का दर्जा नहीं दिया जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार इन स्कूलों को प्रति स्कूल के हिसाब से 50 लाख रुपये का बजट देगी। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में कापड़ीवास स्कूल, बावल स्कूल, पाल्हावास स्कूल, रेवाड़ी स्कूल व खोरी स्कूल शामिल हैं।
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ऐसे किया जाएगा स्कूलों को पीएम श्री के रूप में विस्तारित
उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के चहुंमुखी विकास पर बल दिया जाना है। इनमें पठन-पाठन गतिविधि आधारित एवं खोज आधारित होगा, जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनाने पर बल दिया जाएगा। इन विद्यालयों को समेकित विद्यालय बनाया जाना है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को अवसर मिल सके। प्रत्येक विद्यार्थी के गुणवत्ता संवर्धन पर ध्यान दिया जाएगा और 21वीं सदी के कौशल प्रदान किए जाएंगे। खेल, कला, आईसीटी की दक्षता के विकास की ढांचागत सुविधा होगी। यह सभी ग्रीन स्कूल होंगे जो टिकाऊ मॉडल पर काम करेंगे। प्रत्येक विद्यालय को कॉलेज या विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा, ताकि एनईपी-2020 की अनुपालना में समुचित कार्यवाही हो सके। प्रत्येक विद्यालय को स्थानीय आंत्रप्रेन्योर ईको सिस्टम से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को नैतिक मूल्यों जैसे राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण में भूमिका के लिए तैयार किया जाएगा।
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इन स्कूलों का नहीं हो सका चयन
उन्होंने बताया कि जिले से पीएमश्री के लिए कुल नौ स्कूल भेजे गए थे। इनमें से पांच स्कूलों का चयन पहले चरण के लिए किया गया है और पांच स्कूलों का चयन नहीं हो सका। पीएमश्री के लिए चयन किए गए स्कूलों में कापड़ीवास स्कूल, बावल स्कूल, पाल्हावास स्कूल, रेवाड़ी स्कूल व खोरी स्कूल शामिल हैं। वहीं नांगल शहबाजपुर स्कूल, बावल गर्ल्स स्कूल, बिठवाना स्कूल, नंदरामपुरवास स्कूल का चयन नहीं हो सका।
पांच स्कूलों को पीएमश्री का दर्जा देने के आदेश आए हैं। इन सभी स्कूलों में सीबीएसई की तर्ज पर बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 50 लाख की राशि प्रदान की गई है। इन स्कूलों के बन जाने से छात्रों को अत्याधुनिक और दक्षतापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
- सतपाल धूपिया, खंड शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी