{"_id":"6a8f301fdb3b33a2d60661aa","slug":"film-screened-for-female-students-rewari-news-c-198-1-fth1001-244346-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: छात्राओं को दिखाई फिल्म ‘बंटवारा-1947’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: छात्राओं को दिखाई फिल्म ‘बंटवारा-1947’
Wed, 26 Aug 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
कृष्ण नगर स्थित महिला क्षेत्रीय केंद्र में फिल्म प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं व श
कोसली। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के दक्षिण हरियाणा स्थित एकमात्र सरकारी महिला क्षेत्रीय केंद्र कृष्ण नगर में महिला साक्षरता दिवस पर अंग्रेजी विभाग और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘बंटवारा-1947’ फिल्म दिखाई गई।
इस फिल्म में भारत-पाक विभाजन की त्रासदी और उसके सामाजिक प्रभावों को दिखाया गया। एमए अंग्रेजी और बीए की छात्राओं ने फिल्म देखी।
फिल्म का प्रदर्शन एमए की छात्राओं के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से किया गया। यह फिल्म प्रख्यात लेखक खुशवंत सिंह के चर्चित उपन्यास ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ पर आधारित है। फिल्म के माध्यम से छात्राओं को भारत-पाक विभाजन के दौरान सामने आई मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक परिस्थितियों और साहित्य के सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. रीनू यादव और उनकी सहयोगी नीलम यादव ने किया। केंद्र के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्य और सिनेमा समाज का दर्पण हैं। ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित ऐसी फिल्में विद्यार्थियों को इतिहास और समाज को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती हैं।
विज्ञापन
डॉ. अनिल कुमार ने महिला साक्षरता के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं ही मजबूत समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐतिहासिक साहित्य पर आधारित फिल्में युवाओं को इतिहास से जोड़ने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती हैं।
कार्यक्रम के अंत में एमए अंग्रेजी की छात्राओं खुशी, सोनू और बबीता ने फिल्म पर चर्चा करते हुए अपने विचार साझा किए। आयोजन में बड़ी संख्या में एमए अंग्रेजी और बीए की छात्राओं ने भाग लिया। गैर-शिक्षण स्टाफ से सुनीता यादव ने सहयोग किया। इस अवसर पर शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्य भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस फिल्म में भारत-पाक विभाजन की त्रासदी और उसके सामाजिक प्रभावों को दिखाया गया। एमए अंग्रेजी और बीए की छात्राओं ने फिल्म देखी।
फिल्म का प्रदर्शन एमए की छात्राओं के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से किया गया। यह फिल्म प्रख्यात लेखक खुशवंत सिंह के चर्चित उपन्यास ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ पर आधारित है। फिल्म के माध्यम से छात्राओं को भारत-पाक विभाजन के दौरान सामने आई मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक परिस्थितियों और साहित्य के सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
कार्यक्रम का नेतृत्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. रीनू यादव और उनकी सहयोगी नीलम यादव ने किया। केंद्र के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्य और सिनेमा समाज का दर्पण हैं। ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित ऐसी फिल्में विद्यार्थियों को इतिहास और समाज को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती हैं।
विज्ञापन
डॉ. अनिल कुमार ने महिला साक्षरता के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं ही मजबूत समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐतिहासिक साहित्य पर आधारित फिल्में युवाओं को इतिहास से जोड़ने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती हैं।
कार्यक्रम के अंत में एमए अंग्रेजी की छात्राओं खुशी, सोनू और बबीता ने फिल्म पर चर्चा करते हुए अपने विचार साझा किए। आयोजन में बड़ी संख्या में एमए अंग्रेजी और बीए की छात्राओं ने भाग लिया। गैर-शिक्षण स्टाफ से सुनीता यादव ने सहयोग किया। इस अवसर पर शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्य भी मौजूद रहे।