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शराबियों से परेशान, जड़ा ठेके पर ताला
रेवाड़ी
Updated Wed, 16 Jul 2014 12:12 AM IST
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गांव सुमा खेड़ा की महिलाओं ने शराबियों से आजिज आकर मंगलवार को शराब के ठेके पर ताला जड़ दिया। महिलाआें ने आरोप लगाया कि शराब के नशे में रातभर गांव की गलियों घूमते रहते हैं, इससे गांव का माहौल खराब होने के साथ बच्चों पर भी बुरा असर पड़ा रहा है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब का ठेका होने से युवाओं के साथ किशोर भी इसकी नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। गांव में रात के समय गलियों से निकलना दूभर हो गया है। कोई गलती से घर के बाहर निकल भी जाए तो नशे में धुत लोग कोई न कोई उल्टी-सीधी हरकत कर देते हैं। उनका कहना है कि कई बार तो शराबी नशे की हालत में निर्वस्त्र भी हो जाते हैं, इससे गांव के युवाओं पर गलत असर पड़ रहा है। सरकार अपने खजाने भरने के लिए हमारी युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ कर रही है।
इस पर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हमें मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। महिलाओं ने मांग की कि शराब ठेके को जल्द यहां से हटाया जाए। महिलाओं ने इस संदर्भ में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा को भी ज्ञापन सौंपा और ठेका हटवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में सुशीला, लक्ष्मी देवी, ओमवती, बिमला देवी, उषा, शीला, निर्मल, कमलेश, सुनीता, बाला, सुषमा, लाली, सुनीता, सुमित्रा, सुनील, सनेहलता, बीना, नीलम आदि शामिल थीं।
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सरोज यादव ने बताया कि ठेके से गांव के 13 -25 वर्ष के युवा शराब के आदी हो रहे हैं। गांव में महिलाओं का रात के समय घर से निकलना दूभर हो गया है। रास्ते में आते जाते शराबी महिलाओं पर फबतियां कसते हैं। इससे महिलाओं और बच्चों का जीना दुश्वार हो गया है।
कमला का कहना है गांव में छोटे-छोटे बच्चे भी शराब पीने लगे हैं। जब शराबियाें का उनकी गलत हरकत पर विरोध किया जाता है तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
बलबीर का कहना है कि गांव में यह शराब ठेका पिछले तीन-चार साल से अवैध रूप से चल रहा है तथा गांव के युवा शराब पीकर अक्सर यहां निर्वस्त्र होकर नाचते हैं। जिससे यह गांव के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है तथा इस पर अंकुश लगना चाहिए।
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प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब का ठेका होने से युवाओं के साथ किशोर भी इसकी नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। गांव में रात के समय गलियों से निकलना दूभर हो गया है। कोई गलती से घर के बाहर निकल भी जाए तो नशे में धुत लोग कोई न कोई उल्टी-सीधी हरकत कर देते हैं। उनका कहना है कि कई बार तो शराबी नशे की हालत में निर्वस्त्र भी हो जाते हैं, इससे गांव के युवाओं पर गलत असर पड़ रहा है। सरकार अपने खजाने भरने के लिए हमारी युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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इस पर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हमें मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। महिलाओं ने मांग की कि शराब ठेके को जल्द यहां से हटाया जाए। महिलाओं ने इस संदर्भ में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा को भी ज्ञापन सौंपा और ठेका हटवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में सुशीला, लक्ष्मी देवी, ओमवती, बिमला देवी, उषा, शीला, निर्मल, कमलेश, सुनीता, बाला, सुषमा, लाली, सुनीता, सुमित्रा, सुनील, सनेहलता, बीना, नीलम आदि शामिल थीं।
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सरोज यादव ने बताया कि ठेके से गांव के 13 -25 वर्ष के युवा शराब के आदी हो रहे हैं। गांव में महिलाओं का रात के समय घर से निकलना दूभर हो गया है। रास्ते में आते जाते शराबी महिलाओं पर फबतियां कसते हैं। इससे महिलाओं और बच्चों का जीना दुश्वार हो गया है।
कमला का कहना है गांव में छोटे-छोटे बच्चे भी शराब पीने लगे हैं। जब शराबियाें का उनकी गलत हरकत पर विरोध किया जाता है तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
बलबीर का कहना है कि गांव में यह शराब ठेका पिछले तीन-चार साल से अवैध रूप से चल रहा है तथा गांव के युवा शराब पीकर अक्सर यहां निर्वस्त्र होकर नाचते हैं। जिससे यह गांव के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है तथा इस पर अंकुश लगना चाहिए।