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टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैनर नहीं कर रहे ठीक काम, वाहन चालक लाइन में लगने को मजबूर
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टोल प्लाजा पर लगीं वाहनों की लाइनें।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी- रोहतक नेशनल हाईवे स्थित गंगायचा टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर ठीक से काम नहीं करने के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों पर फास्टैग लगवाने के बाद भी कैश लेने की तरह लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में सिस्टम की कमी का खामियाजा टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है।
जिला के एक मात्र गंगायचा टोल प्लाजा की एक तरफ पांच लाइन हैं, इनमें से चार लाइन फास्टैग के लिए आरक्षित की हुई है, वहीं एक लाइन पर कैश वाहन चालक निकलते हैं। टोल प्लाजा पर पर हर रोज करीब 70 फीसदी वाहन फास्टैग वाले पहुंचते हैं, लेकिन इनको भी लाइन में लगना पड़ रहा है। जबकि फास्टैग लगाने का उद्देश्य ही है टोल प्लाजा पर खराब होने वाले टाइम को बचाना था। टोल प्लाजा पर फास्टैग तो जरूरी कर दिया, लेकिन सिस्टम को जरूरत के हिसाब से अपडेट नहीं किया, यही कारण है कि कई मामलों में स्कैनर फास्टैग को स्कैन भी नहीं कर पाते हैं। तब कर्मचारियों की ओर से एक मशीन के माध्यम से स्कैन किया जाता है, इसमें चालाकों को कैश की तरह की लाइन मे लगना पड़ता है।
फास्टैग काम नहीं करने पर चालकों से वसूलते हैं टैक्स
स्कैनर धीमे काम करने के अलावा भी चालकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार फास्टैग काम नहीं करने पर टोल प्लाजा कर्मी कैश वसूल लेते हैं, वहीं कुछ देर बाद फास्टैग वॉलेट से भी पैसे कट जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों की जेब से दोहरी मार पड़ रही है। हालांकि हाईवे अथॉटिरी की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किए हुए हैं, लेकिन चालकों को यहा पर भी कोई ज्यादा लाभ नहीं मिल रहा है।
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जिला के एक मात्र गंगायचा टोल प्लाजा की एक तरफ पांच लाइन हैं, इनमें से चार लाइन फास्टैग के लिए आरक्षित की हुई है, वहीं एक लाइन पर कैश वाहन चालक निकलते हैं। टोल प्लाजा पर पर हर रोज करीब 70 फीसदी वाहन फास्टैग वाले पहुंचते हैं, लेकिन इनको भी लाइन में लगना पड़ रहा है। जबकि फास्टैग लगाने का उद्देश्य ही है टोल प्लाजा पर खराब होने वाले टाइम को बचाना था। टोल प्लाजा पर फास्टैग तो जरूरी कर दिया, लेकिन सिस्टम को जरूरत के हिसाब से अपडेट नहीं किया, यही कारण है कि कई मामलों में स्कैनर फास्टैग को स्कैन भी नहीं कर पाते हैं। तब कर्मचारियों की ओर से एक मशीन के माध्यम से स्कैन किया जाता है, इसमें चालाकों को कैश की तरह की लाइन मे लगना पड़ता है।
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फास्टैग काम नहीं करने पर चालकों से वसूलते हैं टैक्स
स्कैनर धीमे काम करने के अलावा भी चालकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार फास्टैग काम नहीं करने पर टोल प्लाजा कर्मी कैश वसूल लेते हैं, वहीं कुछ देर बाद फास्टैग वॉलेट से भी पैसे कट जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों की जेब से दोहरी मार पड़ रही है। हालांकि हाईवे अथॉटिरी की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किए हुए हैं, लेकिन चालकों को यहा पर भी कोई ज्यादा लाभ नहीं मिल रहा है।
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