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Rewari News: किसानों ने नकली खाद के खिलाफ डीसी को सौंपी शिकायत, कार्रवाई न होने पर चेताया
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फोटो 18 : खाद की बोरियां कंधों पर लिए प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे किसान। स्रोत
रेवाड़ी। जिले में नकली डीएपी खाद, किल्लत और काला बाजारी से परेशान किसानों ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त रेवाड़ी को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। जय किसान आंदोलन के नेतृत्व में पहुंचे किसान नकली खाद के कट्टे भी साथ लेकर आए जिन्हें प्रशासन के समक्ष प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया गया।
किसान नेता संदीप यादव ने बताया कि बाजारों में खुलेआम नकली खाद के कट्टे बेचे जा रहे हैं। कई स्थानों पर नकली खाद बनाने और पैकिंग करने के अवैध काम होने की आशंका है। असली खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
किसानों का कहना है कि नकली खाद के उपयोग से फसल को भारी नुकसान हो सकता है और आर्थिक हानि भी बढ़ेगी। कई शिकायतों के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर किसानों ने नाराजगी जताई।
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इस दौरान जय किसान आंदोलन ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पांच प्रमुख मांगें रखीं जिसमें नकली खाद बनाने और बेचने वालों पर तुरंत कठोर कार्रवाई, खाद विक्रेताओं, गोदामों और सप्लाई चेन की कड़ी जांच, प्रभावित किसानों को आर्थिक मुआवजा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था,पूरे प्रदेश में नकली खाद के खिलाफ विशेष अभियान शामिल हैं।
साथ ही किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ठोस कदम नहीं उठाता तो इसे मिलीभगत माना जाएगा और किसान बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। इस दौरान पृथ्वी सिंह, मास्टर धर्म सिंह, चौधरी सतपाल, रामनिवास, राजाराम, रामावतार, पिलानी रामगढ़, मुकेश, बलवंत, बाबूलाल, सतीस यादव, हनुमत, सतबीर, भागमल, शेरसिंह और रामनारायण आदि किसान मौजूद रहे।
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किसान नेता संदीप यादव ने बताया कि बाजारों में खुलेआम नकली खाद के कट्टे बेचे जा रहे हैं। कई स्थानों पर नकली खाद बनाने और पैकिंग करने के अवैध काम होने की आशंका है। असली खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि नकली खाद के उपयोग से फसल को भारी नुकसान हो सकता है और आर्थिक हानि भी बढ़ेगी। कई शिकायतों के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर किसानों ने नाराजगी जताई।
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इस दौरान जय किसान आंदोलन ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पांच प्रमुख मांगें रखीं जिसमें नकली खाद बनाने और बेचने वालों पर तुरंत कठोर कार्रवाई, खाद विक्रेताओं, गोदामों और सप्लाई चेन की कड़ी जांच, प्रभावित किसानों को आर्थिक मुआवजा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था,पूरे प्रदेश में नकली खाद के खिलाफ विशेष अभियान शामिल हैं।
साथ ही किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ठोस कदम नहीं उठाता तो इसे मिलीभगत माना जाएगा और किसान बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। इस दौरान पृथ्वी सिंह, मास्टर धर्म सिंह, चौधरी सतपाल, रामनिवास, राजाराम, रामावतार, पिलानी रामगढ़, मुकेश, बलवंत, बाबूलाल, सतीस यादव, हनुमत, सतबीर, भागमल, शेरसिंह और रामनारायण आदि किसान मौजूद रहे।