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मूंगफली, मूंग, ग्वार व चना को फसल चक्र में शामिल करें किसान : प्रो. काम्बोज
Tue, 20 Feb 2024 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Feb 2024 11:16 PM IST
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बावल। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के परिसर में मंगलवार को सरसों मेले का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यअतिथि चौ. चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि किसान मूंगफली, मूंग, ग्वार और चना को फसल चक्र में शामिल करें। इससे भूमि की उर्वर क्षमता बनी रहेगी।
कुलपति ने सबसे पहले रेवाड़ी के किसानों को कठोर परिश्रम से सरसों का क्षेत्रफल, पैदावार व सराहनीय उत्पादकता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले में रेतीली व कम उपजाऊ जमीन व निम्न गुणवत्ता का पानी होने के बाद भी यहां के किसानों का तिलहन व खाद्य फसलों के उत्पादन में अहम भूमिका की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम होगी। किसानों का मेले में आगमन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि वैज्ञानिकों का शोध में, विज्ञान में ज्ञान का अनुभव व योजनाओं का आदान-प्रदान बहुत ही महत्वपूर्ण है l कहा कि किसान मूंगफली, मूंग, ग्वार, चना व दलहन-तिलहन फसलों को फसल चक्र में शामिल करें जिससे कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे। इससे लागत में कमी आएगी और आय में वृद्धि होगी। यह क्षेत्र दिल्ली एनसीआर के निकट होने की वजह से सब्जी, बागवानी, जैविक खेती से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। मेले में 800 किसानों और महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ संयोजक और बावल परिसर के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
इस मौके पर डॉ. विक्रम यादव, डाॅ. आरपी देसवाल, डॉ. देवेंदर चहल, डाॅ.. नरेश यादव, डाॅ. अमरजीत, डाॅ. सत्यजीत, डॉ. ओपी बिश्नोई, डाॅ. बलबीर सिंह, डॉ. मनोज बसवाल, डाॅ. जितेंदर कुमार, डाॅ. प्रमोद कुमार, डाॅ. मुकेश कुमार, डाॅ. अशोक कुमार, डाॅ. धर्म प्रकाश तेवतिया, डाॅ. रामेश्वर, डॉ विकास गिल, डॉ. तनवी, डॉ. बबिता मौजूद रहे। तथा विभिन्न फसल तकनीको की जानकारी दी व अपने अपने विषय के बारे में किसानों की समस्याएँ सुनी व उनका हल भी बताया । अंत में प्रगतिशील किसानों, महिलाओं तथा प्रशानोतरी में विजेताओं को सम्मानित किया ।
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विद्यार्थियों ने स्टाल लगाकर बेचे उत्पाद
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. धर्मबीर यादव ने कुलपति का स्वागत किया और उनके द्वारा सुझाए गए विभिन्न कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया। मेले में कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने भी स्टाल लगाकर विभिन्न उत्पादों को बेचा। अरावली किसान क्लब के भूपेन्द्र सिंह ने कुलपति को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. नरेश कौशिक ने बावल केंद्र के किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी दी।
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कुलपति ने सबसे पहले रेवाड़ी के किसानों को कठोर परिश्रम से सरसों का क्षेत्रफल, पैदावार व सराहनीय उत्पादकता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले में रेतीली व कम उपजाऊ जमीन व निम्न गुणवत्ता का पानी होने के बाद भी यहां के किसानों का तिलहन व खाद्य फसलों के उत्पादन में अहम भूमिका की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम होगी। किसानों का मेले में आगमन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि वैज्ञानिकों का शोध में, विज्ञान में ज्ञान का अनुभव व योजनाओं का आदान-प्रदान बहुत ही महत्वपूर्ण है l कहा कि किसान मूंगफली, मूंग, ग्वार, चना व दलहन-तिलहन फसलों को फसल चक्र में शामिल करें जिससे कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे। इससे लागत में कमी आएगी और आय में वृद्धि होगी। यह क्षेत्र दिल्ली एनसीआर के निकट होने की वजह से सब्जी, बागवानी, जैविक खेती से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। मेले में 800 किसानों और महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ संयोजक और बावल परिसर के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
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इस मौके पर डॉ. विक्रम यादव, डाॅ. आरपी देसवाल, डॉ. देवेंदर चहल, डाॅ.. नरेश यादव, डाॅ. अमरजीत, डाॅ. सत्यजीत, डॉ. ओपी बिश्नोई, डाॅ. बलबीर सिंह, डॉ. मनोज बसवाल, डाॅ. जितेंदर कुमार, डाॅ. प्रमोद कुमार, डाॅ. मुकेश कुमार, डाॅ. अशोक कुमार, डाॅ. धर्म प्रकाश तेवतिया, डाॅ. रामेश्वर, डॉ विकास गिल, डॉ. तनवी, डॉ. बबिता मौजूद रहे। तथा विभिन्न फसल तकनीको की जानकारी दी व अपने अपने विषय के बारे में किसानों की समस्याएँ सुनी व उनका हल भी बताया । अंत में प्रगतिशील किसानों, महिलाओं तथा प्रशानोतरी में विजेताओं को सम्मानित किया ।
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विद्यार्थियों ने स्टाल लगाकर बेचे उत्पाद
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. धर्मबीर यादव ने कुलपति का स्वागत किया और उनके द्वारा सुझाए गए विभिन्न कार्यों को गति देने का आश्वासन दिया। मेले में कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने भी स्टाल लगाकर विभिन्न उत्पादों को बेचा। अरावली किसान क्लब के भूपेन्द्र सिंह ने कुलपति को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. नरेश कौशिक ने बावल केंद्र के किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी दी।