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Rewari News: रातभर मंडी के बाहर डटे रहे किसान, ट्रैक्टरों पर खाना खाया और सोकर काटी रात
Sun, 11 Oct 2026 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:27 AM IST
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लघु सचिवालय तक पहुंची ट्रैक्टर की लाइन। संवाद
रेवाड़ी। मंडियों में बाजरा बेचने के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। बाजरा लेकर पहुंचे किसान सुबह जल्दी नंबर आने और फसल बिकने की उम्मीद में रातभर मंडी के बाहर डटे रहे। किसानों ने ट्रैक्टर पर ही खाना खाया और उसी पर सिर टिकाकर रात गुजारी। रात को एक किलोमीटर तक लगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार सुबह तक तीन किलोमीटर तक पहुंच गई।
मंडी में अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए किसानों का संघर्ष रात के अंधेरे में भी थमने का नाम नहीं ले रहा। बाजरा लेकर मंडी में पहुंचे किसान जल्द फसल बेचकर लौटने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए किसान मंडी के बाहर ही रात गुजार रहे हैं।
मंडी के बाहर किसी ने ट्रैक्टर पर बैठकर खाना खाया तो किसी ने उसी पर सिर टिकाकर रात गुजार दी। रात को करीब एक किलोमीटर लंबी ट्रैक्टरों की कतार सुबह होते-होते तीन किलोमीटर तक पहुंच गई।
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एक ओर फसल बेचने की बेचैनी, तो दूसरी ओर घंटों इंतजार की मजबूरी-किसानों की यह तस्वीर मंडी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। दिन-रात मेहनत कर अनाज उगाने वाले किसान अब अपनी उपज बेचने के लिए भी लंबा संघर्ष करने को मजबूर हैं। किसानों की मांग है कि बाजरे की खरीद सुचारु और तेज हो, ताकि उन्हें रातभर ट्रैक्टरों पर सोकर अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े।
फसल की बिक्री में देरी होने से किसानों का समय और मेहनत दोनों खर्च हो रहे हैं। किसान चाहते हैं कि मंडी में खरीद प्रक्रिया सुचारु रहे और उन्हें लंबे समय तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। रातभर ट्रैक्टरों पर गुजारने के बाद सुबह फिर खरीद की उम्मीद में खड़े किसानों की कतार मंडी व्यवस्था के सामने चुनौती पेश कर रही है।
बाजरा का गेट पास कटने में लग रहे 10 से 15 मिनट
मंडी में बाजरा बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को गेट पास कटवाने के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। एक गेट पास जारी होने में करीब 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है। इसके चलते किसानों की कतार लंबी होती जा रही है। फसल उन्हीं किसानों की ली जा रही है जिन्होंने पोर्टल पर भूमि का रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है।
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किसान बोले-गेट पास के लिए करना पड़ रहा इंतजार
किसान जयवीर ने बताया कि बाजरा बेचने के लिए रात को ही मंडी के बाहर लाइन में लगना पड़ता है। सुबह जल्दी नंबर आने की उम्मीद में ट्रैक्टर पर ही खाना खाते हैं और वहीं सो गए। प्रशासन को खरीद प्रक्रिया तेज करवानी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी न हो। किसान सुरेश ने बताया कि गेट पास कटवाने में ही 10 से 15 मिनट लग रहे हैं। इसके कारण वाहनों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। किसान रामपाल ने बताया कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए रात से इंतजार कर रहे हैं। अगर गेट पास की प्रक्रिया तेज हो जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है।
रोस्टर सिस्टम के बाद भी नहीं सुधरे हालात
मंडी में बाजरा खरीद के लिए रोस्टर सिस्टम लागू होने के बावजूद किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। पहले 1 से 2 दिन तक व्यवस्था एकदम ठीक थी, मगर अब हालात काफी बदल गए हैं। उम्मीद थी कि रोस्टर सिस्टम से किसानों की समस्या कम होगी।
मंडी में 900 से अधिक गेट पास कटे
अनाज मंडी में बाजरा की आवक लगातार बढ़ रही है। शनिवार को मंडी में बाजरा बेचने के लिए किसानों की अच्छी खासी भीड़ रही। मंडी में 900 से अधिक गेट पास कटे और 10 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा पहुंचा। आवक बढ़ने के कारण मंडी में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की व्यस्तता बढ़ गई है। मंडी में बढ़ती आवक के बीच व्यवस्था बनाए रखना संबंधित अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
वर्जन
गेट पास ठीक प्रकार से कट रहे हैं। कोई समस्या नहीं है। किसान अपने कागज पूरे लेकर आएं, ताकि उन्हें कोई परेशानी ना हो। -नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी
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मंडी में अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए किसानों का संघर्ष रात के अंधेरे में भी थमने का नाम नहीं ले रहा। बाजरा लेकर मंडी में पहुंचे किसान जल्द फसल बेचकर लौटने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए किसान मंडी के बाहर ही रात गुजार रहे हैं।
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मंडी के बाहर किसी ने ट्रैक्टर पर बैठकर खाना खाया तो किसी ने उसी पर सिर टिकाकर रात गुजार दी। रात को करीब एक किलोमीटर लंबी ट्रैक्टरों की कतार सुबह होते-होते तीन किलोमीटर तक पहुंच गई।
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एक ओर फसल बेचने की बेचैनी, तो दूसरी ओर घंटों इंतजार की मजबूरी-किसानों की यह तस्वीर मंडी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। दिन-रात मेहनत कर अनाज उगाने वाले किसान अब अपनी उपज बेचने के लिए भी लंबा संघर्ष करने को मजबूर हैं। किसानों की मांग है कि बाजरे की खरीद सुचारु और तेज हो, ताकि उन्हें रातभर ट्रैक्टरों पर सोकर अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े।
फसल की बिक्री में देरी होने से किसानों का समय और मेहनत दोनों खर्च हो रहे हैं। किसान चाहते हैं कि मंडी में खरीद प्रक्रिया सुचारु रहे और उन्हें लंबे समय तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। रातभर ट्रैक्टरों पर गुजारने के बाद सुबह फिर खरीद की उम्मीद में खड़े किसानों की कतार मंडी व्यवस्था के सामने चुनौती पेश कर रही है।
बाजरा का गेट पास कटने में लग रहे 10 से 15 मिनट
मंडी में बाजरा बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को गेट पास कटवाने के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। एक गेट पास जारी होने में करीब 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है। इसके चलते किसानों की कतार लंबी होती जा रही है। फसल उन्हीं किसानों की ली जा रही है जिन्होंने पोर्टल पर भूमि का रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है।
किसान बोले-गेट पास के लिए करना पड़ रहा इंतजार
किसान जयवीर ने बताया कि बाजरा बेचने के लिए रात को ही मंडी के बाहर लाइन में लगना पड़ता है। सुबह जल्दी नंबर आने की उम्मीद में ट्रैक्टर पर ही खाना खाते हैं और वहीं सो गए। प्रशासन को खरीद प्रक्रिया तेज करवानी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी न हो। किसान सुरेश ने बताया कि गेट पास कटवाने में ही 10 से 15 मिनट लग रहे हैं। इसके कारण वाहनों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। किसान रामपाल ने बताया कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए रात से इंतजार कर रहे हैं। अगर गेट पास की प्रक्रिया तेज हो जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है।
रोस्टर सिस्टम के बाद भी नहीं सुधरे हालात
मंडी में बाजरा खरीद के लिए रोस्टर सिस्टम लागू होने के बावजूद किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। पहले 1 से 2 दिन तक व्यवस्था एकदम ठीक थी, मगर अब हालात काफी बदल गए हैं। उम्मीद थी कि रोस्टर सिस्टम से किसानों की समस्या कम होगी।
मंडी में 900 से अधिक गेट पास कटे
अनाज मंडी में बाजरा की आवक लगातार बढ़ रही है। शनिवार को मंडी में बाजरा बेचने के लिए किसानों की अच्छी खासी भीड़ रही। मंडी में 900 से अधिक गेट पास कटे और 10 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा पहुंचा। आवक बढ़ने के कारण मंडी में खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों की व्यस्तता बढ़ गई है। मंडी में बढ़ती आवक के बीच व्यवस्था बनाए रखना संबंधित अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
वर्जन
गेट पास ठीक प्रकार से कट रहे हैं। कोई समस्या नहीं है। किसान अपने कागज पूरे लेकर आएं, ताकि उन्हें कोई परेशानी ना हो। -नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी

लघु सचिवालय तक पहुंची ट्रैक्टर की लाइन। संवाद

लघु सचिवालय तक पहुंची ट्रैक्टर की लाइन। संवाद