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Rewari News: बाजरा खरीद की मांग को लेकर किसानों ने अनाज मंडी के गेट पर लगाया ताला, पुलिस से झड़प

Mon, 21 Sep 2026 11:17 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:17 PM IST
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Farmers lock the grain market gate over demands for pearl millet procurement; clash with police
किसान नेताओं ने दी चेतावनी- तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो डीसी कार्यालय के गेट पर तालाबंदी अथवा भूख हड़ताल होगी
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रेवाड़ी। बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के किसानों ने संगठन सचिव सतबीर की अध्यक्षता में अनाज मंडी के गेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी का गेट बंद कर ताला लगा दिया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच झड़प हो गई। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों में खींचतान के बाद किसान मंडी गेट के सामने धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम दलबीर सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर धरना समाप्त कराया।

किसान यूनियन की ओर से पहले ही प्रशासन को प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। इसके मद्देनजर मंडी में करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसान मंडी गेट पर पहुंचे और गेट बंद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए।
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करीब 15 मिनट बाद किसानों ने दोबारा गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान हुई। किसान ताला लगाने की कोशिश करते रहे, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें रोकते रहे। आखिरकार किसान गेट पर ताला लगाने में सफल रहे, लेकिन करीब दो मिनट बाद ही ताला खोल दिया गया। इस दौरान महिला किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। किसान यूनियन ने इसका विरोध करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो डीसी कार्यालय के गेट पर तालाबंदी अथवा भूख हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर विजय शर्मा, भरत सिंह, मुन्नी बूढ़पुर, लोकेश बावल, मनीषा यादव, मोनिका यादव, नीलम मूंदड़ा, डॉ. सरोज यादव, प्रमिला शर्मा, ओपी लोहाणा, कृष्ण कुमार सैनी, रोशन लाल व अन्य मौजूद रहे।
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भावांतर राशि नहीं मिलने का आरोप

किसान यूनियन चढूनी के प्रधान समय सिंह ने बताया कि पहले सरकार ने निजी एजेंसी के माध्यम से बाजरे की खरीद कराई थी। किसानों ने करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा बेचा था और सरकार की ओर से 500 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर राशि देने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई किसानों को भावांतर की राशि नहीं मिली। इससे किसानों को प्रति क्विंटल करीब 300 से 400 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सीजन में भी किसान कम भाव पर बाजरा बेचने को मजबूर हैं। यूनियन की मांग है कि सरकार समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू करे। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। प्रधान ने कहा कि निर्धारित अवधि में समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं हुई तो यूनियन की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


किसानों की मांग सरकार तक पहुंचाएंगे : एसडीएम

एसडीएम दलबीर सिंह ने किसानों की मांग सुनी और आश्वासन दिया कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के बाजरे की खरीद समय पर सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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