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Rewari News: बाजरे की खरीद को लेकर किसानों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
Fri, 04 Sep 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:04 AM IST
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बैठक में उपस्थित भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी रेवाड़ी के कार्यकर्ता। स्रोत: यूनियन
रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की बैठक किसान भवन में जिला प्रधान समय सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान बाजरे की खरीद और भावांतर योजना को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। इसमें छह सितंबर को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के गांव लोहाना में आगमन पर चर्चा की गई।
समय सिंह ने कहा कि किसानों को भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि का पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। किसान अब भावांतर का पूरा पैसा लेकर ही रहेंगे और अपनी फसल को बाजार में उचित मूल्य पर बिकवाने की मांग को लेकर संघर्ष करेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की भावांतर क्षतिपूर्ति योजना के तहत पोर्टल खुलने के बावजूद करीब 40 प्रतिशत किसानों को अब तक राशि नहीं मिली है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान के इंतजार के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बैठक में बाजरे की खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समय सिंह ने कहा कि इस बार किसान बाजरे की खरीद सुनिश्चित करवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर मंडी के गेट पर ताला लगाने और सड़क जाम जैसे कदम उठाने के लिए भी किसान मजबूर होंगे। बैठक में श्यामसुंदर, राजकुमार, शीशराम, मनीषा, कृष्ण, विजय शर्मा, अभय सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रामजस सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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समय सिंह ने कहा कि किसानों को भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि का पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। किसान अब भावांतर का पूरा पैसा लेकर ही रहेंगे और अपनी फसल को बाजार में उचित मूल्य पर बिकवाने की मांग को लेकर संघर्ष करेंगे।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की भावांतर क्षतिपूर्ति योजना के तहत पोर्टल खुलने के बावजूद करीब 40 प्रतिशत किसानों को अब तक राशि नहीं मिली है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान के इंतजार के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बैठक में बाजरे की खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समय सिंह ने कहा कि इस बार किसान बाजरे की खरीद सुनिश्चित करवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर मंडी के गेट पर ताला लगाने और सड़क जाम जैसे कदम उठाने के लिए भी किसान मजबूर होंगे। बैठक में श्यामसुंदर, राजकुमार, शीशराम, मनीषा, कृष्ण, विजय शर्मा, अभय सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रामजस सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।