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Rewari News: दुनिया में पेटेंट और डिजाइन का महत्व बताया
Mon, 13 Jan 2025 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। स्थानीय कृषि महाविद्यालय में सोमवार को बौद्धिक संपदा अधिकार, पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें दुनिया में पेटेंट और डिजाइन का महत्व बताया गया।
कार्यशाला राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के तहत राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान नागपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कौशिक, राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान के वक्ता डॉ. भारत एन सूर्यवंशी रहे। समन्वयक डॉ. परवीन कुमार निम्ब्रयान एवं डॉ. हरीश रहे। कार्यशाला में देश व विदेश के 61 संस्थानों के 255 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने कार्यशाला के बारे में जानकारी दी।
डॉ. भारत ने बताया कि कैसे आज के आधुनिक समय में हम अपनी रचनाओं को कैसे सुरक्षित रख सकते है और अगर हम किसी और की रचना का उपयोग कर रहे है तो उनकी बिना अनुमति के हम किसी भी रचना का उपयोग नहीं करना चाहिए। डॉ. भारत ने भौगोलिक संकेत में वाराणसी साड़ी, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट और डिजाइन बारे में भी बताया।
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बावल। स्थानीय कृषि महाविद्यालय में सोमवार को बौद्धिक संपदा अधिकार, पेटेंट और डिजाइन फाइलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें दुनिया में पेटेंट और डिजाइन का महत्व बताया गया।
कार्यशाला राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के तहत राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान नागपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कौशिक, राजीव गांधी राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रबंधन संस्थान के वक्ता डॉ. भारत एन सूर्यवंशी रहे। समन्वयक डॉ. परवीन कुमार निम्ब्रयान एवं डॉ. हरीश रहे। कार्यशाला में देश व विदेश के 61 संस्थानों के 255 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने कार्यशाला के बारे में जानकारी दी।
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डॉ. भारत ने बताया कि कैसे आज के आधुनिक समय में हम अपनी रचनाओं को कैसे सुरक्षित रख सकते है और अगर हम किसी और की रचना का उपयोग कर रहे है तो उनकी बिना अनुमति के हम किसी भी रचना का उपयोग नहीं करना चाहिए। डॉ. भारत ने भौगोलिक संकेत में वाराणसी साड़ी, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट और डिजाइन बारे में भी बताया।
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