फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Expiry date of sweets not being written in shops

Rewari News: दुकानों में नहीं लिखी जा रही मिठाइयों की एक्सपायरी डेट

Wed, 11 Oct 2023 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 11 Oct 2023 11:37 PM IST
विज्ञापन
Expiry date of sweets not being written in shops
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसआई) ने मिष्ठान के दुकानदारों को मिठाइयों के ट्रे पर संबंधित मिठाई की एक्सपायरी डेट लिखने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी दुकानदार मिठाइयों की एक्सपायरी डेट नहीं लिख रहे हैं। ऐसे में समयावधि बीतने के बाद भी मिठाइयां बिक रही हैं जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मिठाइयों की ट्रे पर संबंधित मिठाई की एक्सपायरी डेट लिखने का नियम 1 अक्तूबर 2020 को लागू किया गया था। इसके बाद एक सीजन में दुकानदारों ने इसका पालन तो किया लेकिन फिर स्थिति यथावत हो गई। अब त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में मिठाई में मिलावट की आशंका बढ़ गई है। दशहरा और दीपावली पर मिठाइयों की अधिक बिक्री होती है। इन त्योहारों पर मांग अधिक होने के कारण दुकानदार मिठाई में मिलावट कर मुनाफा कमाते हैं। त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी फूड सेफ्टी विभाग ने अभी मिठाइयों और खाद्य पदार्थ की सैंपलिंग नहीं शुरू की है। त्योहार जब नजदीक होंगे तो सैंपलिंग होगी जिसकी रिपोर्ट एक माह बाद आएगी। ऐसे में मिठाई खराब थी या सही, इसका पता तब लगेगा, जब हम कई दिन पहले संबंधित मिठाई को खा चुके होंगे। विभाग के आकड़े के अनुसार पिछले दो वर्ष में मिठाइयों 260 नमूने लिए गए जिसमें 7 नमूने असुरक्षित (अनसेफ) पाए गए जो खाने योग्य नहीं थे। इसी तरह 61 नमूने सब स्टैंडर्ड मिले हैं।
विज्ञापन

मिठाई एक्सपायरी डेट की है, इसकी तत्काल जांच करना मुश्किल है। अगर किसी मिठाई की समयावधि दो दिन है और वह नहीं बिकी तो दुकानदार नई डेट भी लिख सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि लोगों को शुद्ध मिठाई कैसे मिले। मिठाइयों को या तो खाकर पता किया जा सकता है या नमूने की जांच कराकर। जांच के लिए नमूने करनाल भेजे जाते हैं। वहां पूरे प्रदेश के नमूनों की जांच होती है जिससे जांच रिपोर्ट माह-डेढ़ माह बाद ही मिल पाती है। इसलिए लोगों को खुद ही सजग होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विलंब से आती है जांच रिपोर्ट, कार्रवाई की प्रक्रिया भी लंबी
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थ के लिए गए नमूने की जांच रिपोर्ट महीने, डेढ़ महीने बाद मिलती है। ऐसे में लोगों को पता नहीं लगता है कि जो खाई है वह शुद्ध है या नहीं। त्योहार के समय ही मिलावटखोरी ज्यादा होती है। विभाग की ओर से जनवरी 2022 से अब तक 20 माह में पनीर, खोया, रसगुल्ला, बर्फी, गुलाब जामुन, डोडा बर्फी आदि के 260 नमूने लिए थे जिसकी जांच रिपोर्ट में 16 मिस ब्रांड, 61 सब स्टैंडर्ड और 7 अनसेफ (असुरक्षित) मिले हैं। नमूने की जांच रिपोर्ट असुरक्षित आने पर सीजेएम कोर्ट और मिस ब्रांड व सब स्टैंडर्ड के मामलों के लिए एडीसी कोर्ट में केस डाला जाता है।

एफएसओ के पास दो जिलों का चार्ज
जिले में नियुक्त फूड सेफ्टी ऑफिसर के पास फिलहाल दो जिलों का चार्ज है। उनके पास रेवाड़ी के साथ ही महेंद्रगढ़ जिले की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में सैंपलिंग नियमित नहीं हो पाती है। इसी का फायदा मिलावटखोरी करने वाले भी उठा रहे हैं। इसलिए त्योहारी सीजन में खरीदारी करने वालों को खुद ही सतर्कता बरतनी पड़ेगी।

वर्जन
खाद्य पदार्थ की सैंपलिंग नियमित की जा रही है। कार्रवाई भी की गई है। त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए जांच की जाती है। यदि कोई दुकानदार मिलावट करता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। मिठाइयों की एक्सपायरी डेट (समयावधि) लिखने का आदेश है। इसका पालन दुकानदारों को करना चाहिए।-दीपक चौधरी, खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed