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रेवाड़ी में बिना दहेज की मिसाल: 11 लाख लौटाकर वर पक्ष ने लिया सिर्फ 1 रुपया, समाज को दिया सकारात्मक संदेश
Thu, 05 Dec 2024 02:40 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 05 Dec 2024 02:40 PM IST
सार
सौरव के पिता मुकेश पहलवान ने कहा कि हमारा बेटा 'मां भारती फाउंडेशन' नामक एनजीओ चलाता है, जो समाज में अच्छे कार्यों और दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए काम करता है।
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दूल्हा सौरव डागर
- फोटो : संवाद
विस्तार
समाज में दहेज के खिलाफ एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए रेवाड़ी जिले के गांव धारण की ढाणी निवासी मुकेश पहलवान के पुत्र सौरव डागर ने अपनी शादी में दहेज लेने से इंकार कर दिया। कन्या पक्ष द्वारा स्वेच्छा से दिए गए 11 लाख 11 हजार 111 रुपये को वर पक्ष ने विनम्रता से लौटाते हुए मात्र 1 रुपये लेकर शादी करने का फैसला किया।
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यह शादी सौरव डागर और महेंद्रगढ़ जिले के गांव कोथल खुर्द निवासी नत्थूराम की बेटी सपना के साथ तय हुई है। बुधवार, 4 दिसंबर को लग्न के शुभ अवसर पर नत्थूराम ने अपनी बेटी की खुशी के लिए यह राशि सौरव की झोली में रखी। लेकिन वर पक्ष ने इसे लेने से इंकार कर दिया। सौरव के पिता मुकेश पहलवान ने कहा कि हमारा बेटा 'मां भारती फाउंडेशन' नामक एनजीओ चलाता है, जो समाज में अच्छे कार्यों और दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए काम करता है। हम खुद इस सोच को बढ़ावा देते हैं, तो दहेज लेना हमारे मूल्यों के खिलाफ है।
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पुलिस अधिकारी ने की सराहना
इस कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक राजेश चेची भी उपस्थित रहे। मुकेश पहलवान ने कहा कि यह उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा का परिणाम है कि उनका परिवार दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ यह कदम उठाने में सक्षम हुआ।
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दहेज प्रथा के खिलाफ मिसाल
सौरव और उनके परिवार ने इस कदम से समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। इस घटना ने यह साबित किया है कि शादी के रिश्ते में प्यार और सम्मान सबसे ऊपर है, न कि पैसों का लेन-देन